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                            <item>
                <title>ठाणे: यात्रियों को जल्द ही किराए और सवारी को लेकर होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद; जल्द शुरू होगी प्रीपेड ऑटो सेवा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ठाणे शहर में ऑटो-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही किराए और सवारी को लेकर होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार शहर में प्रीपेड ऑटो-रिक्शा सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने की तैयारी में है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद यात्रियों को ऑटो में बैठने से पहले ही निर्धारित किराया पता होगा और भुगतान की प्रक्रिया भी पहले पूरी की जा सकेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51512/thane-commuters-hope-to-get-relief-from-fare-and-ride"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/thane-railway-station-prepaid-auto-rickshaw-stand-women-safety-rto-mumbai.webp" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे ;</strong> ठाणे शहर में ऑटो-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही किराए और सवारी को लेकर होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार शहर में प्रीपेड ऑटो-रिक्शा सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने की तैयारी में है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद यात्रियों को ऑटो में बैठने से पहले ही निर्धारित किराया पता होगा और भुगतान की प्रक्रिया भी पहले पूरी की जा सकेगी। इस पहल का उद्देश्य ऑटो-रिक्शा चालकों द्वारा सवारी लेने से इनकार करने, मनमाना किराया मांगने और किराए को लेकर यात्रियों के साथ होने वाले विवादों को कम करना है। ठाणे के स्थानीय विधायक संजय केलकर ने सरकारी रेस्ट हाउस में आयोजित उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक के बाद यह जानकारी दी।</p>
<p> </p>
<p><strong>सोमवार तक मिल सकती है मंजूरी </strong></p>
<p>विधायक संजय केलकर ने मीडिया से बातचीत में उम्मीद जताई कि सरकार सोमवार तक प्रीपेड ऑटो-रिक्शा के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। उन्होंने कहा कि मंजूरी मिलने के बाद शहर में जल्द ही इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। केलकर के मुताबिक, प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को ऑटो चालक के साथ किराए को लेकर मोलभाव नहीं करना पड़ेगा। यात्री स्टेशन से बाहर निकलने के बाद पहले ही निर्धारित किराया जमा कर सकेंगे और इसके बाद उन्हें गंतव्य तक जाने के लिए ऑटो उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<p><strong>रेलवे स्टेशन पर समस्याओं का लिया जायजा</strong><br />प्रीपेड ऑटो सेवा का प्रस्ताव ठाणे रेलवे स्टेशन के आसपास यातायात व्यवस्था और यात्रियों को होने वाली परेशानियों के निरीक्षण के बाद सामने आया है। विधायक संजय केलकर ने ट्रैफिक पुलिस और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के अधिकारियों के साथ ठाणे रेलवे स्टेशन के भीड़भाड़ वाले इलाके का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान स्टेशन के आसपास लगने वाले जाम, ऑटो-रिक्शा की आवाजाही और यात्रियों को होने वाली दिक्कतों का जायजा लिया गया। इसके बाद सरकारी रेस्ट हाउस में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और यात्रियों की समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई।</p>
<p>किराए को लेकर खत्म होगा विवाद ठाणे जैसे व्यस्त शहर में रेलवे स्टेशन यात्रियों की आवाजाही का प्रमुख केंद्र है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग स्टेशन से अपने घर, कार्यालय या अन्य स्थानों तक जाने के लिए ऑटो-रिक्शा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में किराए को लेकर यात्री और चालक के बीच विवाद की स्थिति कई बार सामने आती है। प्रीपेड व्यवस्था में यात्री को यात्रा शुरू करने से पहले ही किराए की जानकारी मिल जाएगी। इससे चालक द्वारा रास्ते में अतिरिक्त किराया मांगने या यात्रा पूरी होने के बाद किराए को लेकर बहस की स्थिति बनने की संभावना कम होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:03:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई: 28,000 करोड़ रुपये की योजना से मुंबई की बदहाल बेस्ट बस सेवा की ‘कायापलट’ की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>घाटे में चल रहे बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और वित्तीय संकट से बाहर निकलने के लिए 28,000 करोड़ रुपये की पुनर्जीवन योजना को मंजूरी दे दी है. बेस्ट समिति की इस योजना का नाम ‘कायापलट’ है. इसका उद्देश्य पुराने बस डिपो को आधुनिक बनाना और उन्हें कमर्शियल और रिहायशी हब में बदलकर उनसे कमाई करना है. आर्थिक तंगी से जूझ रही बेस्ट मुंबई की प्रमुख जमीनों पर बने 27 में से 22 बस डिपो को आधुनिक बनाकर उन्हें मिश्रित उपयोग वाले शहरी केंद्रों में बदलना चाहती है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51186/mumbai-preparation-to-transform-mumbais-distressed-best-bus-service-with"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/69365758_202307587155.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>घाटे में चल रहे बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और वित्तीय संकट से बाहर निकलने के लिए 28,000 करोड़ रुपये की पुनर्जीवन योजना को मंजूरी दे दी है. बेस्ट समिति की इस योजना का नाम ‘कायापलट’ है. इसका उद्देश्य पुराने बस डिपो को आधुनिक बनाना और उन्हें कमर्शियल और रिहायशी हब में बदलकर उनसे कमाई करना है. आर्थिक तंगी से जूझ रही बेस्ट मुंबई की प्रमुख जमीनों पर बने 27 में से 22 बस डिपो को आधुनिक बनाकर उन्हें मिश्रित उपयोग वाले शहरी केंद्रों में बदलना चाहती है.</p>
<p> </p>
<p>बेस्ट ने इस योजना को मंजूरी दे दी है. अब इसे मंजूरी के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम के पास भेजा जाएगा. इसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए इसे महाराष्ट्र सरकार के पास भेजा जाएगा. कायापलट योजना के तहत 132 एकड़ में फैले 22 डिपो को आधुनिक एकीकृत हब में बदला जाएगा, जिससे घाटे में चल रही संस्था को आमदनी होगी. बेस्ट के पास कुल 190 एकड़ में फैले 27 डिपो हैं.</p>
<p>बेस्ट पर 14,323 करोड़ रुपये की देनदारी है. 5,000 बसें चलाने के लिए उसे 13,561 करोड़ रुपये की जरूरत है. योजना के तहत 28,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे देनदारियां चुकाई जाएंगी, नई बसें खरीदी जाएंगी और कर्मचारियों से जुड़े खर्च भी पूरे किए जाएंगे. इससे पहले बेस्ट कुर्ला डिपो का पुनर्विकास कर चुकी है. वहीं धारावी और काला किला डिपो को धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिए सौंपा गया है. अनिक और प्रतीक्षा नगर डिपो मेट्रो-11 कॉरिडोर के निर्माण के लिए दिए जा रहे हैं.</p>
<p>बेस्ट के एक अधिकारी ने दिप्रिंट से कहा, “इस पहल के तहत तैयार होने वाला सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर संस्था के लिए लंबे समय तक नियमित और स्थायी आय का स्रोत बनेगा. इस परियोजना के तहत एक समर्पित कॉर्पस फंड और एक रिकरिंग फंड बनाया जाएगा, जिससे संस्था की लंबी अवधि की वित्तीय जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी.”</p>
<p>उन्होंने कहा, “इस बदलाव की योजना से मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली बेस्ट को फिर से मजबूत बनाया जाएगा, ताकि यह आर्थिक रूप से सक्षम बन सके और यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सेवाएं दे सके.”</p>
<p>अधिकारी ने आगे कहा कि इस योजना से बेस्ट की आर्थिक मदद के लिए बीएमसी पर निर्भरता कम होगी, क्योंकि संस्था की अपनी कमाई का स्रोत तैयार होगा. मौजूदा वित्तीय वर्ष में बीएमसी ने बेस्ट को 1,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है. पहले चरण में बस डिपो और कर्मचारियों के क्वार्टरों को आधुनिक बनाया जाएगा. इसके बाद सार्वजनिक पार्किंग और सामाजिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा. यह पुनर्विकास डिज़ाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर मॉडल के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल से किया जाएगा. जमीन का मालिकाना हक बेस्ट के पास ही रहेगा.</p>
<p>बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव के मुताबिक, मुंबई को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम से कम 7,000 बेस्ट बसों की जरूरत है. फिलहाल शहर में 2,792 बेस्ट बसें हैं. आबादी के हिसाब से मुंबई में करीब 12,000 बसें होनी चाहिए. अधिकारियों ने बताया कि बेस्ट ने 2026-27 के लिए 1,500 मिडी बसों का ऑर्डर दे दिया है. ये बसें चार चरणों में आएंगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 12:14:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो प्रोजेक्ट के पहले चरण का जोरों पर; जनवरी 2027 तक मेट्रो सेवा आम लोगों के लिए शुरू कर दी जाएगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दहिसर-काशीगांव मेट्रो के शुरू होने के बाद ठाणे शहर से गुजरने वाली एक और मेट्रो लाइन पर काम ने रफ्तार पकड़ ली है। ठाणे और भिवंडी को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 5 (ऑरेंज लाइन) का निर्माण कई सालों से चल रहा है। आखिरकार इस प्रोजेक्ट के लिए एक नई डेडलाइन तय कर दी गई है। इस टाइमलाइन के मुताबिक, ठाणे-भिवंडी मेट्रो के इस आने वाले दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है और इसके जनवरी 2027 तक यात्रियों के लिए खुलने की संभावना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49174/the-first-phase-of-thane-bhiwandi-kalyan-metro-project-is-in-full"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-13t123513.978.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे: </strong>दहिसर-काशीगांव मेट्रो के शुरू होने के बाद ठाणे शहर से गुजरने वाली एक और मेट्रो लाइन पर काम ने रफ्तार पकड़ ली है। ठाणे और भिवंडी को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 5 (ऑरेंज लाइन) का निर्माण कई सालों से चल रहा है। आखिरकार इस प्रोजेक्ट के लिए एक नई डेडलाइन तय कर दी गई है। इस टाइमलाइन के मुताबिक, ठाणे-भिवंडी मेट्रो के इस आने वाले दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है और इसके जनवरी 2027 तक यात्रियों के लिए खुलने की संभावना है।</p>
<p> </p>
<p><strong>दहिसर-काशीगांव मेट्रो से मिली राहत</strong><br />अभी कुछ ही दिन पहले दहिसर-काशीगांव मेट्रो का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया था। यह ठाणे शहर के अंदर और हार्बर लाइन कॉरिडोर के साथ चलने वाली पहली मेट्रो लाइन है। पहले ही दिन से मेट्रो को यात्रियों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। शाम के समय काशीगांव मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं। इससे साफ जाहिर होता है कि ठाणे शहर के अंदर एक मेट्रो सिस्टम की कितनी ज्यादा जरूरत है। फिलहाल, ठाणे और भिवंडी के बीच सफर करने वाले लोगों को बसों पर निर्भर रहना पड़ता है। ये बसें अक्सर आधे घंटे तक की देरी से आती हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है।<br />भिवंडी के लोगों को फायदा<br />इसके अलावा शाम के समय ट्रैफिक जाम की वजह से यात्रियों को अक्सर बसों के अंदर घंटों फंसे रहना पड़ता है। दूसरा विकल्प यह है कि जो यात्री ट्रेन से सफर करना चाहते हैं, उन्हें दिवा रेलवे स्टेशन से मेमू सेवा लेनी पड़ती है। हालांकि इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी काफी कम है। नतीजतन पिछले कई सालों से लोग ठाणे और भिवंडी के बीच एक सीधी मेट्रो लिंक की मांग कर रहे हैं।<br />यह रूट कैसा दिखेगा?<br />मेट्रो लाइन 5 एक 25 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा जो ठाणे, भिवंडी और कल्याण को जोड़ेगा। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में ठाणे-भिवंडी सेक्शन को पूरा किया जा रहा है और इस हिस्से पर काम फिहाल जोर-शोर से चल रहा है। बीजेपी विधायक महेश चौघुले की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मेट्रो लाइन के लिए जमीनी काम और सभी तकनीकी ऑपरेशन फिलहाल अपने अंतिम चरण में हैं। गुरुवार को भिवंडी नगर निगम, एमएमआरडीए और मेट्रो अथॉरिटी के अधिकारियों ने चल रहे कामों का निरीक्षण किया। उस समय उन्होंने बताया था कि यह काम दिसंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा। अभी भिवंडी से मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए कोई सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है। नतीजतन, यात्रियों को मुंबई पहुंचने के लिए रोजाना बस से ठाणे और कल्याण होते हुए सफर करना पड़ता है। जब मेट्रो लाइन 5 चालू हो जाएगी, तो भिवंडी के लोगों को काफी राहत मिलेगी और उनके सफर का समय भी काफी कम हो जाएगा।<br />2017 में मंजूरी मिली<br />एमएमआरडीए ने 2017 में मेट्रो लाइन 5 प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इसका उद्घाटन किए जाने के बाद 2020 में असल निर्माण कार्य शुरू हुआ। हालांकि तब से छह साल बीत जाने के बाद भी काम अभी तक अधूरा है। इस देरी से यात्रियों में असंतोष फैल गया है। जहां पहले चरण का काम अब जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। वहीं दूसरे चरण का निर्माण कार्य अभी शुरू भी नहीं हुआ है। जो कल्याण तक जाएगा। नतीजतन लोगों को पूरी मेट्रो लाइन 5 के पूरी तरह से चालू होने के लिए अभी कई और साल इंतजार करना पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49174/the-first-phase-of-thane-bhiwandi-kalyan-metro-project-is-in-full</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:27:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई - विजयदुर्ग के बीच मार्च से शुरू होगी वॉटरवे सर्विस </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबईकर और कोंकणवासियों का 1 मार्च को इंतजार खत्म हो जाएगा। मुंबई से विजयदुर्ग वॉटरवे सर्विस शुरू हो जाएगी। बुधवार को महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस सर्विस का मकसद टूरिज्म, रोजगार और कोस्टल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। मुंबई-विजयदुर्ग वॉटरवे सर्विस महाराष्ट्र सरकार के महत्वकांक्षी मुंबई-कोंकण वॉटरवे प्रोजेक्टर का हिस्सा है। महाराष्ट्र के बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने बुधवार को घोषणा की कि मुंबई-कोंकण वॉटरवे प्रोजेक्ट 1 मार्च को लॉन्च किया जाएगा। जिसका पहला रूट मुंबई को विजयदुर्ग से जोड़ेगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48014/waterway-service-will-start-between-mumbai-and-vijaydurg-from-march"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-26t122532.983.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबईकर और कोंकणवासियों का 1 मार्च को इंतजार खत्म हो जाएगा। मुंबई से विजयदुर्ग वॉटरवे सर्विस शुरू हो जाएगी। बुधवार को महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस सर्विस का मकसद टूरिज्म, रोजगार और कोस्टल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। मुंबई-विजयदुर्ग वॉटरवे सर्विस महाराष्ट्र सरकार के महत्वकांक्षी मुंबई-कोंकण वॉटरवे प्रोजेक्टर का हिस्सा है। महाराष्ट्र के बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने बुधवार को घोषणा की कि मुंबई-कोंकण वॉटरवे प्रोजेक्ट 1 मार्च को लॉन्च किया जाएगा। जिसका पहला रूट मुंबई को विजयदुर्ग से जोड़ेगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>कोस्टल क्षेत्र को कनेक्टिविटी</strong><br />मंत्री नितेश राणे ने कहा कि यह वॉटरवे सर्विस मुंबई और खास कोस्टल जिलों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी। उन्होंने बताया कि यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसे 1 मार्च को मुंबई से विजयदुर्ग के पहले रूट के साथ लॉन्च किया जाएगा। आने वाले दिनों में रत्नागिरी, रायगढ़ और दूसरे इलाके भी इस सर्विस से जुड़ जाएंगे। इस प्रोजेक्ट से टूरिज्म और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब हो कि नितेश राणे भी कोंकण से आते हैं। वॉटरवे सर्विस से मुंबई से कोंकण की दूरी 6 घंटे तक होगी। इस वॉटरवे सेवा से कार, बाइक, साइकिल और मिनबस के साथ बड़ी बस को भी ट्रांसपोर्ट किया जा सकेगा।</p>
<p><strong>कोंकण के विकास को लगेंगे पंख</strong><br />नितेश राणे ने कहा कि वॉटरवे सेवा कोंकण से काफी सारे फायदे देगी। इससे ट्रांसपोर्ट के ऑप्शन बढ़ेंगे और खासकर टूरिज्म सेक्टर में नए आर्थिक मौके बनेंगे। उन्हाेंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से कोस्टल महाराष्ट्र को काफी फायदा होगा। वॉटरवे सर्विस मुंबई को रत्नागिरी और रायगढ़ जैसे कोंकण बेल्ट के खास इलाकों से जोड़ेगी। इससे मशहूर बीच, किले और हेरिटेज जगहों तक पहुंच आसान हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इस सर्विस से हॉस्पिटैलिटी, ट्रांसपोर्ट और इससे जुड़े सेक्टर में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार भी मिलेगा।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 12:26:34 +0530</pubDate>
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