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                <title>service - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो प्रोजेक्ट के पहले चरण का जोरों पर; जनवरी 2027 तक मेट्रो सेवा आम लोगों के लिए शुरू कर दी जाएगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दहिसर-काशीगांव मेट्रो के शुरू होने के बाद ठाणे शहर से गुजरने वाली एक और मेट्रो लाइन पर काम ने रफ्तार पकड़ ली है। ठाणे और भिवंडी को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 5 (ऑरेंज लाइन) का निर्माण कई सालों से चल रहा है। आखिरकार इस प्रोजेक्ट के लिए एक नई डेडलाइन तय कर दी गई है। इस टाइमलाइन के मुताबिक, ठाणे-भिवंडी मेट्रो के इस आने वाले दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है और इसके जनवरी 2027 तक यात्रियों के लिए खुलने की संभावना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49174/the-first-phase-of-thane-bhiwandi-kalyan-metro-project-is-in-full"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-13t123513.978.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे: </strong>दहिसर-काशीगांव मेट्रो के शुरू होने के बाद ठाणे शहर से गुजरने वाली एक और मेट्रो लाइन पर काम ने रफ्तार पकड़ ली है। ठाणे और भिवंडी को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 5 (ऑरेंज लाइन) का निर्माण कई सालों से चल रहा है। आखिरकार इस प्रोजेक्ट के लिए एक नई डेडलाइन तय कर दी गई है। इस टाइमलाइन के मुताबिक, ठाणे-भिवंडी मेट्रो के इस आने वाले दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है और इसके जनवरी 2027 तक यात्रियों के लिए खुलने की संभावना है।</p>
<p> </p>
<p><strong>दहिसर-काशीगांव मेट्रो से मिली राहत</strong><br />अभी कुछ ही दिन पहले दहिसर-काशीगांव मेट्रो का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया था। यह ठाणे शहर के अंदर और हार्बर लाइन कॉरिडोर के साथ चलने वाली पहली मेट्रो लाइन है। पहले ही दिन से मेट्रो को यात्रियों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। शाम के समय काशीगांव मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं। इससे साफ जाहिर होता है कि ठाणे शहर के अंदर एक मेट्रो सिस्टम की कितनी ज्यादा जरूरत है। फिलहाल, ठाणे और भिवंडी के बीच सफर करने वाले लोगों को बसों पर निर्भर रहना पड़ता है। ये बसें अक्सर आधे घंटे तक की देरी से आती हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है।<br />भिवंडी के लोगों को फायदा<br />इसके अलावा शाम के समय ट्रैफिक जाम की वजह से यात्रियों को अक्सर बसों के अंदर घंटों फंसे रहना पड़ता है। दूसरा विकल्प यह है कि जो यात्री ट्रेन से सफर करना चाहते हैं, उन्हें दिवा रेलवे स्टेशन से मेमू सेवा लेनी पड़ती है। हालांकि इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी काफी कम है। नतीजतन पिछले कई सालों से लोग ठाणे और भिवंडी के बीच एक सीधी मेट्रो लिंक की मांग कर रहे हैं।<br />यह रूट कैसा दिखेगा?<br />मेट्रो लाइन 5 एक 25 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा जो ठाणे, भिवंडी और कल्याण को जोड़ेगा। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में ठाणे-भिवंडी सेक्शन को पूरा किया जा रहा है और इस हिस्से पर काम फिहाल जोर-शोर से चल रहा है। बीजेपी विधायक महेश चौघुले की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मेट्रो लाइन के लिए जमीनी काम और सभी तकनीकी ऑपरेशन फिलहाल अपने अंतिम चरण में हैं। गुरुवार को भिवंडी नगर निगम, एमएमआरडीए और मेट्रो अथॉरिटी के अधिकारियों ने चल रहे कामों का निरीक्षण किया। उस समय उन्होंने बताया था कि यह काम दिसंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा। अभी भिवंडी से मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए कोई सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है। नतीजतन, यात्रियों को मुंबई पहुंचने के लिए रोजाना बस से ठाणे और कल्याण होते हुए सफर करना पड़ता है। जब मेट्रो लाइन 5 चालू हो जाएगी, तो भिवंडी के लोगों को काफी राहत मिलेगी और उनके सफर का समय भी काफी कम हो जाएगा।<br />2017 में मंजूरी मिली<br />एमएमआरडीए ने 2017 में मेट्रो लाइन 5 प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इसका उद्घाटन किए जाने के बाद 2020 में असल निर्माण कार्य शुरू हुआ। हालांकि तब से छह साल बीत जाने के बाद भी काम अभी तक अधूरा है। इस देरी से यात्रियों में असंतोष फैल गया है। जहां पहले चरण का काम अब जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। वहीं दूसरे चरण का निर्माण कार्य अभी शुरू भी नहीं हुआ है। जो कल्याण तक जाएगा। नतीजतन लोगों को पूरी मेट्रो लाइन 5 के पूरी तरह से चालू होने के लिए अभी कई और साल इंतजार करना पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49174/the-first-phase-of-thane-bhiwandi-kalyan-metro-project-is-in-full</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:27:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई - विजयदुर्ग के बीच मार्च से शुरू होगी वॉटरवे सर्विस </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबईकर और कोंकणवासियों का 1 मार्च को इंतजार खत्म हो जाएगा। मुंबई से विजयदुर्ग वॉटरवे सर्विस शुरू हो जाएगी। बुधवार को महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस सर्विस का मकसद टूरिज्म, रोजगार और कोस्टल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। मुंबई-विजयदुर्ग वॉटरवे सर्विस महाराष्ट्र सरकार के महत्वकांक्षी मुंबई-कोंकण वॉटरवे प्रोजेक्टर का हिस्सा है। महाराष्ट्र के बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने बुधवार को घोषणा की कि मुंबई-कोंकण वॉटरवे प्रोजेक्ट 1 मार्च को लॉन्च किया जाएगा। जिसका पहला रूट मुंबई को विजयदुर्ग से जोड़ेगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48014/waterway-service-will-start-between-mumbai-and-vijaydurg-from-march"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-26t122532.983.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबईकर और कोंकणवासियों का 1 मार्च को इंतजार खत्म हो जाएगा। मुंबई से विजयदुर्ग वॉटरवे सर्विस शुरू हो जाएगी। बुधवार को महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस सर्विस का मकसद टूरिज्म, रोजगार और कोस्टल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। मुंबई-विजयदुर्ग वॉटरवे सर्विस महाराष्ट्र सरकार के महत्वकांक्षी मुंबई-कोंकण वॉटरवे प्रोजेक्टर का हिस्सा है। महाराष्ट्र के बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने बुधवार को घोषणा की कि मुंबई-कोंकण वॉटरवे प्रोजेक्ट 1 मार्च को लॉन्च किया जाएगा। जिसका पहला रूट मुंबई को विजयदुर्ग से जोड़ेगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>कोस्टल क्षेत्र को कनेक्टिविटी</strong><br />मंत्री नितेश राणे ने कहा कि यह वॉटरवे सर्विस मुंबई और खास कोस्टल जिलों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी। उन्होंने बताया कि यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसे 1 मार्च को मुंबई से विजयदुर्ग के पहले रूट के साथ लॉन्च किया जाएगा। आने वाले दिनों में रत्नागिरी, रायगढ़ और दूसरे इलाके भी इस सर्विस से जुड़ जाएंगे। इस प्रोजेक्ट से टूरिज्म और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब हो कि नितेश राणे भी कोंकण से आते हैं। वॉटरवे सर्विस से मुंबई से कोंकण की दूरी 6 घंटे तक होगी। इस वॉटरवे सेवा से कार, बाइक, साइकिल और मिनबस के साथ बड़ी बस को भी ट्रांसपोर्ट किया जा सकेगा।</p>
<p><strong>कोंकण के विकास को लगेंगे पंख</strong><br />नितेश राणे ने कहा कि वॉटरवे सेवा कोंकण से काफी सारे फायदे देगी। इससे ट्रांसपोर्ट के ऑप्शन बढ़ेंगे और खासकर टूरिज्म सेक्टर में नए आर्थिक मौके बनेंगे। उन्हाेंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से कोस्टल महाराष्ट्र को काफी फायदा होगा। वॉटरवे सर्विस मुंबई को रत्नागिरी और रायगढ़ जैसे कोंकण बेल्ट के खास इलाकों से जोड़ेगी। इससे मशहूर बीच, किले और हेरिटेज जगहों तक पहुंच आसान हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इस सर्विस से हॉस्पिटैलिटी, ट्रांसपोर्ट और इससे जुड़े सेक्टर में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार भी मिलेगा।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 12:26:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में मोटर बस सेवा के 100 साल पूरे, पुराने डबल डेकर बसों पर विवाद तेज; हटाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में इस साल मोटर बस सेवा के 100 साल पूरे हो रहे हैं। एक ओर बस प्रेमी पुरानी नॉन-एसी डबल डेकर बसों को विरासत के तौर पर बचाने की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर नागपाड़ा और जेजे फ्लाईओवर के आसपास रहने वाले लोग इन बसों को तुरंत हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये बसें अब उपयोग में नहीं हैं और इलाके में परेशानी का कारण बन रही हैं। ये तीन पुरानी डबल डेकर बसें जेजे फ्लाईओवर के नीचे खड़ी हैं। पहली बस साउथ मुंबई की तरफ से आते हुए पायधोनी जंक्शन पर 'कैफेटेरिया' के नाम से खड़ी है। दूसरी बस मिनारा मस्जिद के पास 'लाइब्रेरी' के रूप में और तीसरी बस जेजे जंक्शन के पास 'आर्ट गैलरी' के रूप में रखी गई है। ये बसें मारोल डिपो की थीं और 15 साल की सेवा पूरी करने के बाद इन्हें सार्वजनिक सेवा से हटा दिया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47846/demand-to-remove-controversy-over-double-decker-buses-which-is"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-19t122555.632.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में इस साल मोटर बस सेवा के 100 साल पूरे हो रहे हैं। एक ओर बस प्रेमी पुरानी नॉन-एसी डबल डेकर बसों को विरासत के तौर पर बचाने की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर नागपाड़ा और जेजे फ्लाईओवर के आसपास रहने वाले लोग इन बसों को तुरंत हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये बसें अब उपयोग में नहीं हैं और इलाके में परेशानी का कारण बन रही हैं। ये तीन पुरानी डबल डेकर बसें जेजे फ्लाईओवर के नीचे खड़ी हैं। पहली बस साउथ मुंबई की तरफ से आते हुए पायधोनी जंक्शन पर 'कैफेटेरिया' के नाम से खड़ी है। दूसरी बस मिनारा मस्जिद के पास 'लाइब्रेरी' के रूप में और तीसरी बस जेजे जंक्शन के पास 'आर्ट गैलरी' के रूप में रखी गई है। ये बसें मारोल डिपो की थीं और 15 साल की सेवा पूरी करने के बाद इन्हें सार्वजनिक सेवा से हटा दिया गया था।<br /></p><p><br /></p><p><strong>कितना खर्च हुआ?</strong><br />2021 में सौंदर्यीकरण अभियान के तहत इन तीन बसों को कैफेटेरिया, लाइब्रेरी और आर्ट गैलरी में बदलने के लिए टेंडर निकाला गया था। इन बसों को तैयार करने पर कुल ₹69.23 लाख खर्च किए गए। ये बसें बीएमसी के 'बी वार्ड' क्षेत्र में रखी गई हैं, जिसमें कालबादेवी, मस्जिद बंदर और भेंडी बाजार इलाके शामिल हैं।<br /></p><p><strong>अभी क्या हालत है?</strong><br />फिलहाल ये तीनों बसें बंद पड़ी हैं। उन पर धूल और गंदगी जमी है। न तो इनमें कैफेटेरिया चल रहा है, न लाइब्रेरी और न ही आर्ट गैलरी। कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ भी हुई है और ये आम लोगों के लिए बंद हैं। बस प्रेमी शुभम पाडवे का कहना है कि इन बसों की हालत खराब कर दी गई है। उनका आरोप है कि बसों को गलत रंग से रंग दिया गया, जो मुंबई की बसों से अलग दिखता है। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी इन बसों की देखभाल नहीं कर सकते, तो वे इन्हें खरीदकर निजी संग्रह में रखने को तैयार हैं। उन्होंने साउथ मुंबई में इन्हें टूरिस्ट सर्किट पर चलाने का प्रस्ताव भी दिया है।<br /></p><p><strong>स्थानीय लोगों की नाराजगी</strong><br />मोहम्मद अली रोड के रुहान शेख का कहना है कि पहले ये नई चीज़ लगी, लेकिन अब सड़क के बीच लाल दीवार जैसी लगती है। यहां पहले ही पार्किंग की समस्या है। यूसुफ खातिब का कहना है कि सड़क पार करने में दिक्कत होती है क्योंकि बसों के कारण रास्ता रुकता है। नागपाड़ा के रंगराज खातू ने कहा कि वे पुरानी बसों का सम्मान करते हैं, लेकिन फ्लाईओवर के नीचे लाइब्रेरी या कैफे का विचार काम नहीं करता। व्यापारी आत्माराम घोलप ने कहा कि अगर इन्हें किसी खुले संग्रहालय में रखा जाए तो ठीक है, लेकिन यहां ये ट्रैफिक और आपातकालीन वाहनों के लिए रुकावट बन रही हैं।<br /></p><p><strong>100 साल पूरे होने का मौका</strong><br />मुंबई में मोटर बस सेवा शुरू करने का फैसला जुलाई 1926 में लिया गया था। इस साल जुलाई में उसके 100 साल पूरे हो रहे हैं। उस समय शहर में इलेक्ट्रिक ट्राम से बसों की ओर बड़ा बदलाव हुआ था। हालांकि यह साफ नहीं है कि BEST इस मौके को आधिकारिक तौर पर मनाएगा या नहीं, लेकिन शहर के बस प्रेमी इसे बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 12:26:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : मुंबई वॉटर मेट्रो सेवा कब होगी शुरू? सरकार ने बता दिया, कौन से रूट पर चलेगी?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना को दिसंबर से चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। महाराष्ट्र के बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। राणे ने बताया कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) के लिए तैयार की जा रही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) 28 फरवरी तक प्रस्तुत कर दी जाएगी। इसके बाद रूट्स की व्यवहार्यता पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा की जाएगी और पहले चरण में दो चयनित मार्गों पर काम शुरू होगा।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47798/when-will-mumbai-water-metro-service-start-government-has-told"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-17t120619.052.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना को दिसंबर से चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। महाराष्ट्र के बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। राणे ने बताया कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) के लिए तैयार की जा रही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) 28 फरवरी तक प्रस्तुत कर दी जाएगी। इसके बाद रूट्स की व्यवहार्यता पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा की जाएगी और पहले चरण में दो चयनित मार्गों पर काम शुरू होगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>6 से 8 रूट, इलेक्ट्रिक नावों का नेटवर्क</strong><br />करीब 1,200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत एमएमआर में छह से आठ रूट चिह्नित किए गए हैं। इन रूट्स को बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक नावों के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे पर्यावरण अनुकूल और तेज जल परिवहन व्यवस्था विकसित की जा सके। राणे ने कहा कि शुरुआत मुंबई शहर से की जाएगी और बाद में इसे पूरे एमएमआर क्षेत्र तक विस्तारित किया जाएगा। </p>
<p><strong>प्रमुख रूट और 40 मिनट में एयरपोर्ट</strong><br />शहर के भीतर प्रस्तावित सेवाएं मुख्य रूप से नरीमन पॉइंट–वर्ली–बांद्रा–जुहू–वर्सोवा कॉरिडोर पर केंद्रित होंगी। पहले चरण में दो रूट चालू किए जाएंगे। दक्षिण मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास रेडियो क्लब जेट्टी के तैयार होने के बाद वॉटर मेट्रो के जरिए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगभग 40 मिनट का समय लगेगा, जिससे यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। </p>
<p><strong>कोच्चि मॉडल पर आधारित योजना</strong><br />यह परियोजना कोच्चि वॉटर मेट्रो मॉडल से प्रेरित है। राज्य सरकार 6 मार्च को पेश होने वाले बजट में इसकी औपचारिक घोषणा कर सकती है। मुंबई वॉटर मेट्रो के संचालन से न केवल सड़क यातायात का दबाव घटेगा, बल्कि शहर को एक आधुनिक, टिकाऊ और स्मार्ट परिवहन विकल्प भी मिलेगा। </p>
<p><strong>वॉटर मेट्रो क्या है?</strong><br />एक आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल जल परिवहन प्रणाली है, जिसमें बैटरी-संचालित या इलेक्ट्रिक फेरी/नौकाओं के माध्यम से शहर के विभिन्न हिस्सों को जलमार्ग से जोड़ा जाता है। इसका मुख्य लक्ष्य सड़क यातायात की भीड़भाड़ को कम करना, तेज, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा विकल्प प्रदान करना है। यह प्रणाली शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और समय की बचत के लिए एक प्रभावी समाधान साबित हो रही है। भारत में इसका सबसे सफल उदाहरण कोच्चि वॉटर मेट्रो है, जो केरल में चल रहा है और शहरी जल परिवहन का एक आदर्श मॉडल माना जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 12:07:32 +0530</pubDate>
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