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                <title>rapidly - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>मुंबई  : ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में आवारा कुत्तों की आबादी तेज़ी से बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य सरकार ने विधानसभा को बताया कि पिछले छह सालों में ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में आवारा कुत्तों की आबादी काफी बढ़ी है। हालांकि, उन्होंने इस दावे को गलत बताया कि लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट बॉडीज़ को खास तौर पर आवारा कुत्तों को कंट्रोल करने के उपायों के लिए काफी फंड नहीं दिया गया। काशीनाथ दाते और दूसरे सदस्यों के एक सवाल के लिखित जवाब में, डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने कहा कि 2021 से 2023 के बीच, पूरे राज्य में 30 लाख कुत्ते के काटने के मामले सामने आए और 30 लोगों की रेबीज से मौत हो गई।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48033/mumbai--stray-dog-population-increases-rapidly-in-both-rural"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-27t124045.868.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई  : </strong>राज्य सरकार ने विधानसभा को बताया कि पिछले छह सालों में ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में आवारा कुत्तों की आबादी काफी बढ़ी है। हालांकि, उन्होंने इस दावे को गलत बताया कि लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट बॉडीज़ को खास तौर पर आवारा कुत्तों को कंट्रोल करने के उपायों के लिए काफी फंड नहीं दिया गया। काशीनाथ दाते और दूसरे सदस्यों के एक सवाल के लिखित जवाब में, डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने कहा कि 2021 से 2023 के बीच, पूरे राज्य में 30 लाख कुत्ते के काटने के मामले सामने आए और 30 लोगों की रेबीज से मौत हो गई।</p>
<p> </p>
<p>शिंदे ने कहा कि अहिल्यानगर, सांगली, रायगढ़ और जालना जिलों के साथ-साथ वसई-विरार, भिवंडी और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन शहरों में आवारा कुत्तों की आबादी बढ़ी है। इस मुद्दे से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में उन्होंने कहा कि 5 जनवरी के एक सरकारी प्रस्ताव में अधिकारियों को टूरिज्म डिपार्टमेंट के तहत आने वाली जगहों पर आवारा कुत्तों की एंट्री को रोकने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया गया था।</p>
<p>शिंदे ने आगे कहा कि अगस्त 2025 में पब्लिक जगहों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने, नसबंदी और वैक्सीनेशन ड्राइव के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए भी निर्देश दिए गए थे। शिंदे ने आगे कहा कि शहरी और ग्रामीण विकास और पंचायती राज डिपार्टमेंट ने नवंबर 2025 में राज्य के सभी शहरी और ग्रामीण लोकल बॉडीज़ को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश बता दिए थे।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 12:41:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नई दिल्ली : तेजी से बढ़ रही है एसआईआर प्रक्रिया; अब तक 37,77,15,220 न्यूमेरेशन फॉर्म डिजिटाइ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है। भारतीय चुनाव आयोग ने दैनिक बुलेटिन में बताया कि अब तक 37,77,15,220 न्यूमेरेशन फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो कुल फॉर्म का 74.10 प्रतिशत है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50,68,42,224 फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल पात्र मतदाताओं की संख्या का 99.43 प्रतिशत है। इसका अर्थ है कि लगभग हर मतदाता को एसआईआर के दूसरे चरण के तहत न्यूमरेशन फॉर्म मिल चुका है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45837/new-delhi-sir-process-is-growing-rapidly-till-now-377715220"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/10018_15_11_2025_16_44_2_5_sir_help_desk_05.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>देश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है। भारतीय चुनाव आयोग ने दैनिक बुलेटिन में बताया कि अब तक 37,77,15,220 न्यूमेरेशन फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो कुल फॉर्म का 74.10 प्रतिशत है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50,68,42,224 फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल पात्र मतदाताओं की संख्या का 99.43 प्रतिशत है। इसका अर्थ है कि लगभग हर मतदाता को एसआईआर के दूसरे चरण के तहत न्यूमरेशन फॉर्म मिल चुका है।</p>
<p> </p>
<p>यह अभियान 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक चल रहा है और अभी करीब एक सप्ताह शेष है यानी मतदाता अपने फॉर्म आसानी से जमा कर सकते हैं ताकि उनकी जानकारी सही तरीके से मतदाता सूची में अपडेट हो सके। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विवरण के अनुसार अंडमान-निकोबार में 99.99 प्रतिशत से अधिक वितरण के साथ लगभग 76.28 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में 99.51 प्रतिशत फॉर्म वितरण के साथ 77.80 प्रतिशत फॉर्म को डिजिटाइज किया जा चुका है।</p>
<p>गुजरात ने 99.80 प्रतिशत फॉर्म वितरण और 81.58 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हासिल किया है। मध्य प्रदेश में डिजिटाइजेशन 86.47 प्रतिशत तक पहुंच गया है। गोवा में 92.69 प्रतिशत, लक्षद्वीप में 100 प्रतिशत और राजस्थान में प्रतिशत फर्म डिजिटाइज हो चुका है। देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश में 99.72 प्रतिशत फॉर्म वितरित हो चुके हैं, साथ ही 54.97 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। पश्चिम बंगाल ने भी 87.91 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है।</p>
<p>यह अभियान 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल) में समान रूप से आगे बढ़ रहा है। इस अभियान में 5,32,828 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और 11,40,598 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों से अधिक से अधिक बीएलए नियुक्त करने की अपील भी की है ताकि प्रक्रिया और पारदर्शी बने। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अगले 7 दिनों के भीतर अपने फॉर्म जमा कर दें ताकि आगामी मतदाता सूची में उनकी सभी जानकारियां सही-सही दर्ज हो सकें। विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह चरण अब अपने निर्णायक दौर में है और आयोग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में डिजिटाइजेशन का आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 17:48:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : तेजी से आगे बढ़ रही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना; आधुनिक स्टेशनों का निर्माण </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है. इसी के मद्देनजर गुजरात में आठ आधुनिक स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है, जो यात्रियों को एक अद्भुत और अनोखा अनुभव देने के लिए तैयार हैं. साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा और वापी स्टेशनों का बुनियादी ढांचा निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब अंतिम रूप से तैयारियां चल रही हैं. ये स्टेशन न केवल ट्रेन में चढ़ने और उतरने की जगह होंगे, बल्कि यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं, आराम और स्थानीय संस्कृति का अनूठा अनुभव भी प्रदान करेंगे. प्रत्येक स्टेशन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वह अपने शहर की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43439/mumbai--mumbai-ahmedabad-bullet-train-project-progressing-rapidly--construction-of-modern-stations"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/24898911_guj-3_aspera.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है. इसी के मद्देनजर गुजरात में आठ आधुनिक स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है, जो यात्रियों को एक अद्भुत और अनोखा अनुभव देने के लिए तैयार हैं. साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा और वापी स्टेशनों का बुनियादी ढांचा निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब अंतिम रूप से तैयारियां चल रही हैं. ये स्टेशन न केवल ट्रेन में चढ़ने और उतरने की जगह होंगे, बल्कि यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं, आराम और स्थानीय संस्कृति का अनूठा अनुभव भी प्रदान करेंगे. प्रत्येक स्टेशन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वह अपने शहर की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है.</p>
<p> </p>
<p><strong>पर्यावरण का विशेष ध्यान</strong><br />स्टेशनों के डिजाइन में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा गया है. स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने के लिए कुछ स्टेशनों पर सौर पैनल लगाए जा रहे हैं. दिन में प्राकृतिक प्रकाश का उपयोग करने के लिए रोशनदान और बड़ी खिड़कियां बनाई गई हैं, जिससे बिजली की बचत होगी.<br />इसके अलावा, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की जा रही है और सीवेज के पानी को शुद्ध करने के लिए संयंत्र लगाए जा रहे हैं. साथ ही हरियाली बनाए रखने के लिए स्टेशनों के आसपास पेड़-पौधे भी लगाए जा रहे हैं. ये कदम स्टेशनों को न केवल आधुनिक बनाएंगे, बल्कि पर्यावरण के प्रति भी ज़िम्मेदार बनाएंगे.</p>
<p><strong>यात्री सुविधा को प्राथमिकता</strong><br />यात्रियों की सुविधा के लिए प्रत्येक स्टेशन पर कई लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं, ताकि बुजुर्ग, विकलांग और बच्चों वाले परिवार आसानी से आ-जा सकें.</p>
<p>स्टेशनों पर स्पष्ट मार्गदर्शन बोर्ड और सूचना कियोस्क भी लगाए जाएंगे ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की उलझन का सामना न करना पड़े. शानदार प्रतीक्षालय, बिजनेस क्लास लाउंज, नर्सरी, खाने-पीने के स्टॉल और अन्य दुकानें जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो यात्रा को और अधिक आरामदायक और आनंददायक बनाएंगी.</p>
<p><strong>मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब</strong><br />अहमदाबाद, वडोदरा, साबरमती और सूरत के स्टेशनों को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है. इससे यात्रियों को बुलेट ट्रेन से भारतीय रेलवे, मेट्रो, बसों और टैक्सियों जैसे अन्य परिवहन साधनों में आसानी से स्थानांतरित करने में मदद मिलेगी. यह सुविधा यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाएगी. गुजरात में निर्माणाधीन ये बुलेट ट्रेन स्टेशन तकनीक, पर्यावरण और संस्कृति का एक अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करते हैं. ये स्टेशन भारत में हाई-स्पीड रेल यात्रा के लिए नए मानक स्थापित करेंगे.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 11:47:22 +0530</pubDate>
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                <title>तेजी से फैल रहा है जीका वायरस </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई, </strong>देश में जीका का संक्रमण बढ़ने लगा है। इसी क्रम में कनार्टक में यह वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है। इसे देखते हुए महाराष्ट्र पर भी जीका के डंक का साया मंडराने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अब तक सात मरीज मिल चुके हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/26020/zika-virus-is-spreading-rapidly"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-11/zka.jpg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-11/zka.jpg" alt="zka"></img>ऐसे में बढ़ते जीका संक्रमण के कारण स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों की घोषणा की है। इतना ही नहीं इस बीमारी को लेकर तमाम जरूरी एहतियात बरतने की अपील भी की गई है।<br />हिंदुस्थान पर कोरोना के बाद अब जानलेवा जीका वायरस का खतरा मंडराने लगा है। जानकारों की मानें तो यह वायरस कोरोना से भी घातक है। इसे लेकर सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की चिंता बढ़ गई है। बता दें कि जीका वायरस मच्छरों द्वारा पैâलनेवाली एक विषाणु जनित बीमारी है। यह एडीज मच्छर से पैâलता है। ये मच्छर दिन के समय अधिक सक्रिय होते हैं। इस वायरस से होनेवाला संक्रमण खतरनाक है। कुछ मामलों में तो यह संक्रमण मौत का कारण भी बन सकता है। वायरस से संक्रमित होने के बाद रोगी को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है।<br />जीका से संक्रमित कई लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखते हैं, अथवा हल्के लक्षण दिखते हैं। ये कुछ दिनों से लेकर एक सप्ताह तक बने रहते हैं। हालांकि, प्रेग्‍नेंसी के दौरान जीका इंफेक्‍शन गंभीर बर्थ इंफेक्‍शन पैदा कर सकता है। मौजूदा अध्ययनों से पता चलता है कि गुइलेन-बैरे सिंड्रोम जीका से जुड़ा है। यह नर्वस सिस्‍टम की असामान्‍य बीमारी है। वैसे हाल में जीका वायरस संक्रमण वाले लोगों के केवल एक छोटे से वर्ग को जीबीएस हुआ है। एक बार जीका से संक्रमित हो जाने पर संभव है कि उस व्यक्ति को भविष्य में यह इंफेक्‍शन नहीं हो। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि पूर्व में जीका संक्रमण से भविष्य में प्रेग्‍नेंसी में बर्थ डिफेक्‍ट का खतरा बढ़ जाता है कि नहीं।<br />जीका वायरस बीमारी के सबसे आम लक्षण बुखार, दाने, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, आंखें लाल होना और मांसपेशियों में दर्द होना। इसके लक्षण काफी कुछ डेंगू से मिलते-जुलते हैं। जीका से संक्रमित कई लोगों में लक्षण नहीं होते हैं या मामूली होते हैं। ये कई दिनों से लेकर एक सप्ताह तक रह सकते हैं। जीका से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने और अपने परिवार को मच्छरों के काटने से बचाएं। इंसेक्‍ट रेपलेंट का इस्‍तेमाल करें। पूरी बाजू की शर्ट और फुल पैंट पहनें। अगर खुले में सोते हैं तो मच्छरदानी लगाएं। जीका को डायग्‍नोज करने के लिए डॉक्टर आपसे हाल की यात्रा और आपके लक्षणों के बारे में पूछते हैं। साथ ही जीका या इसी तरह के वायरस के परीक्षण के लिए ब्लड या यूरिन कलेक्‍ट करते हैं। जीका में संक्रमित व्यक्ति की मौत की आशंका बहुत कम होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Nov 2023 12:39:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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