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                <title>related - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>बेंगलुरु : कर्नाटक ने केंद्र से ऑटो गैस सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें दूर करने की अपील की, मंत्री ने लगाया ये आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कर्नाटक के मंत्री केएच मुनियप्पा ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से ऑटो गैस आपूर्ति के मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने का आग्रह किया। उन्होंने इस पर संकट में फंसे ऑटो चालकों की मदद करने में विफल रहने का आरोप लगाया। पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बाद, मंत्री ने ऑटो गैस आपूर्ति के मुद्दे पर वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49110/bengaluru-karnataka-appealed-to-the-center-to-remove-the-problems"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-10t195048.159.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बेंगलुरु : </strong>कर्नाटक के मंत्री केएच मुनियप्पा ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से ऑटो गैस आपूर्ति के मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने का आग्रह किया। उन्होंने इस पर संकट में फंसे ऑटो चालकों की मदद करने में विफल रहने का आरोप लगाया। पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बाद, मंत्री ने ऑटो गैस आपूर्ति के मुद्दे पर वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।</p>
<p> </p>
<p><strong>सरकार कोई जवाब नहीं दे रही</strong><br />बेंगलुरु और राज्य के कई अन्य स्थानों पर ऑटो एलपीजी की कमी के कारण ऑटो सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। कई इलाकों में पेट्रोल पंपों के बाहर ऑटो की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां चालक आपूर्ति के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने पत्रकारों को बताया, “व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति में सुधार हुआ है, लेकिन ऑटो गैस की आपूर्ति में नहीं। मुख्य सचिव ने 6 अप्रैल को केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। इससे पहले मुख्यमंत्री (सिद्धारमैया) और मैंने भी उन्हें पत्र लिखे थे, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।”</p>
<p><strong>बेंगलुरु में सबसे अधिक ऑटो चालक</strong><br />ऑटो चालकों की मदद के लिए उपायों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने कहा, "ऑटो गैस पर निर्भर लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। मुझे लगता है कि केंद्र सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है।" आगे उन्होंने कहा  “राज्य में लगभग पांच लाख ऑटो में से तीन लाख ऑटो ईंधन पर निर्भर हैं। इनमें से 1.6 लाख बेंगलुरु में हैं। उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हमने केंद्र सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए पत्र लिखा है, क्योंकि चालकों की आजीविका ऑटो पर निर्भर है। मैं केंद्र से इस समस्या का समाधान निकालने का आग्रह करता हूं।” इसके साथ ही यह भी बताया कि कर्नाटक में ईंधन से चलने वाले ऑटो की संख्या सबसे अधिक है।</p>
<p><strong>निजी कंपनियों को बैठक के लिए बुलाएंगे</strong><br />मंत्री ने बताया कि प्रतिदिन 280 मीट्रिक टन ऑटो गैस की आवश्यकता होती है, जिसमें से 60 मीट्रिक टन की आपूर्ति इंडियनऑयल, बीपीसी और एचपीसी जैसी सरकारी कंपनियों द्वारा की जाती है, और शेष 220 मीट्रिक टन की आपूर्ति निजी क्षेत्र द्वारा की जाती है। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रही हैं, और कुछ ने अपने स्टेशन बंद कर दिए हैं।  उन्होंने कहा, "निजी क्षेत्र द्वारा आपूर्ति बंद करने के कारण सरकारी गैस स्टेशनों पर दबाव बढ़ गया है। इसके कारण लंबी कतारें लग गई हैं और एक तरह की अराजकता फैल गई है।" उन्होंने आगे कहा कि वे जल्द ही निजी कंपनियों के साथ एक बैठक बुलाएंगे ताकि उनकी स्थिति और आगे की रणनीति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।</p>
<p>भारत सरकार के मानकों के अनुसार, चार से पांच सदस्यों वाले परिवार के लिए एक घरेलू गैस सिलेंडर 25 दिनों तक चलता है, इस बात को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने गैस कंपनियों से उपभोक्ताओं को 26वें दिन सिलेंडर की आपूर्ति करने को कहा। उन्होंने कहा, "26वें दिन बुकिंग के तुरंत बाद गैस उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इस संबंध में विभाग द्वारा कंपनियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।" उन्होंने आगे कहा कि इससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम कम होगा और गैस एजेंसियों पर लंबी कतारों से बचने में मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 19:51:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई में ईडी का बड़ा एक्शन, गोरेगांव पर्ल प्रोजेक्ट से जुड़े 41.70 करोड़ रुपये के संपत्ति अटैच, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ई़डी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 मार्च 2026 को पीएमएलए के तहत 41 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को अटैच किया है. यह कार्रवाई मुंबई के गोरेगांव पर्ल प्रोजेक्ट पर की गई है. प्रवर्तन निदेशालय के मुंबई जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 मार्च 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम  , 2002 के तहत करीब 41.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. ये संपत्तियां मुंबई के गोरेगांव स्थित गोरेगांव पर्ल सीएचएस  प्रोजेक्ट से जुड़ी हैं, जिनमें पूर्ण और आंशिक रूप से निर्मित रिहायशी फ्लैट, कमर्शियल दुकानें और ऑफिस स्पेस शामिल हैं. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48767/eds-big-action-in-mumbai-assets-worth-rs-4170-crore"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-28t105019.109.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ई़डी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 मार्च 2026 को पीएमएलए के तहत 41 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को अटैच किया है. यह कार्रवाई मुंबई के गोरेगांव पर्ल प्रोजेक्ट पर की गई है. प्रवर्तन निदेशालय के मुंबई जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 मार्च 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम  , 2002 के तहत करीब 41.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. ये संपत्तियां मुंबई के गोरेगांव स्थित गोरेगांव पर्ल सीएचएस  प्रोजेक्ट से जुड़ी हैं, जिनमें पूर्ण और आंशिक रूप से निर्मित रिहायशी फ्लैट, कमर्शियल दुकानें और ऑफिस स्पेस शामिल हैं. </p>
<p> </p>
<p><strong>ईडी ने अपनी जांच में और क्या खुलासे किए?  </strong><br />ईडी की जांच में सामने आया कि इन संपत्तियों को मूल रूप से  मेसर्स साई सिद्धि डेवलपर्स द्वारा विकसित किया गया था. डेवलपर्स ने इन फ्लैट्स और दुकानों का कुछ हिस्सा बाहरी खरीदारों को बेच दिया और उनसे पूरी या आंशिक रकम भी वसूल ली. लेकिन खरीदारों को न तो फ्लैट/दुकानें दी गईं और न ही उनकी रकम वापस की गई, जिससे वे इस मामले में पीड़ित बन गए. </p>
<p>जांच में यह भी पता चला कि साई सिद्धि डेवलपर्स के प्रमुख पार्टनर जयेश तन्ना ने खरीदारों से धोखाधड़ी कर जो रकम हासिल की, वही इस मामले में अपराध की आय है. </p>
<p><strong>मुंबई पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर पर हुई ईडी की कार्रवाई</strong><br />ईडी ने यह जांच मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जो आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत साई सिद्धि डेवलपर्स, जयेश तन्ना और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई थीं. इन मामलों में मुंबई पुलिस द्वारा चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है. </p>
<p>जांच में यह भी सामने आया कि जयेश तन्ना ने गोरेगांव पर्ल रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के नाम पर फ्लैट और दुकान खरीदारों से जुटाए गए फंड का दुरुपयोग किया और उसे निजी लाभ के लिए डायवर्ट किया. इसके चलते प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका और खरीदारों को करीब 47.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. </p>
<p><strong>ईडी ने 2025 में मुंबई के 9 ठिकानों पर छापेमारी की थी </strong><br />इससे पहले भी ईडी ने 5 मार्च 2025 को जयेश तन्ना और साई ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट्स के मामले में मुंबई के 9 ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस मामले में ईडी ने 35.89 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं, जिनमें यूके में स्थित संपत्ति भी शामिल थी. इस अटैचमेंट को नई दिल्ली स्थित एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने पुष्टि भी दी है. फिलहाल इस पूरे मामले में ईडी की जांच जारी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 10:51:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : मेयर चुनाव की प्रक्रिया में ‘पीठासीन अधिकारी’ की नियुक्ति से जुड़े पुराने नियम में बदलाव </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मेयर पद के चुनाव को लेकर सियासी घमासान के बीच एक बड़ा मोड़ सामने आया है. बीएमसी चुनाव में मामूली बहुमत वाली महायुति सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसे ठाकरे गुट की रणनीति पर सीधा वार माना जा रहा है. दरअसल शिवसेना (यूबीटी) गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पिछले दिनों कहा कहा था कि ‘अगर भगवान की इच्छा होगी तो महापौर भी अपना होगा.’ हालांकि, उनके इस बयान के बाद बीजेपी और शिंदे गुट अलर्ट मोड में आ गया और इस ताजा कदम को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47255/changes-in-the-old-rule-related-to-the-appointment-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-24t125705.2601.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मेयर पद के चुनाव को लेकर सियासी घमासान के बीच एक बड़ा मोड़ सामने आया है. बीएमसी चुनाव में मामूली बहुमत वाली महायुति सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसे ठाकरे गुट की रणनीति पर सीधा वार माना जा रहा है. दरअसल शिवसेना (यूबीटी) गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पिछले दिनों कहा कहा था कि ‘अगर भगवान की इच्छा होगी तो महापौर भी अपना होगा.’ हालांकि, उनके इस बयान के बाद बीजेपी और शिंदे गुट अलर्ट मोड में आ गया और इस ताजा कदम को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है.</p>
<p> </p>
<p>मुंबई महानगरपालिका की सत्ता की लड़ाई में राज्य सरकार ने एक अहम राजनीतिक चाल चली है. आगामी मेयर चुनाव की प्रक्रिया में ‘पीठासीन अधिकारी’ की नियुक्ति से जुड़े पुराने नियम में बदलाव कर दिया गया है. नई अधिसूचना के मुताबिक अब महापौर चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया का संचालन नगर आयुक्त या सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे. सरकार के इस फैसले के बाद सत्ताधारी और विपक्ष के बीच पहले ही दिन टकराव के संकेत मिल रहे हैं.</p>
<p>अब तक की परंपरा के अनुसार, नई नगर परिषद की पहली बैठक में मेयर के चयन तक कार्यवाही देखने के लिए पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति होती थी. यह जिम्मेदारी या तो निवर्तमान महापौर को या फिर सदन के सबसे वरिष्ठ नगरसेवक को सौंपी जाती थी.</p>
<p>मुंबई महापालिका का कार्यकाल समाप्त हुए करीब तीन साल हो चुके हैं, ऐसे में निवर्तमान महापौर का विकल्प पहले ही खत्म हो गया था. पुराने नियमों के तहत, उद्धव ठाकरे गुट की वरिष्ठ नगरसेविका श्रद्धा जाधव को पीठासीन अधिकारी बनने का मौका मिल सकता था. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर पीठासीन अधिकारी विपक्ष का होता, तो सत्ताधारियों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता था. इसी संभावित स्थिति से बचने के लिए सरकार ने नियमों में बदलाव किया है. </p>
<p>राज्य सरकार की तरफ से जारी नई नियमावली के अनुसार, अब महापौर या उपमहापौर के चुनाव के लिए बुलाई जाने वाली विशेष बैठक की अध्यक्षता राज्य सरकार के सचिव स्तर या उससे ऊचे अधिकारी करेंगे. वर्तमान नगर आयुक्त भूषण गगराणी प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी हैं, ऐसे में वही इस प्रक्रिया के पीठासीन अधिकारी होंगे. इसके साथ ही महापौर के अधिकार भी सीमित कर दिए गए हैं. नए चुने गए महापौर भी उपमहापौर के चुनाव के दौरान पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्य नहीं कर सकेंगे.<br />गौरतलब है कि वर्ष 1997 से मुंबई महापालिका में शिवसेना-भाजपा की सत्ता रही है और इस दौरान पीठासीन अधिकारी को लेकर कभी विवाद नहीं हुआ. लेकिन मौजूदा बदले हुए राजनीतिक समीकरणों में यह मुद्दा विवाद की जड़ बनता नजर आ रहा है. ठाकरे गुट की ओर से पीठासीन अधिकारी अपने पक्ष का हो, इसके लिए रणनीति बनाई जा रही थी, लेकिन सरकार की अधिसूचना ने इस योजना को झटका दे दिया है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि महापौर चुनाव के पहले ही दिन नए नियमों को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिल सकता है. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 12:12:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : होटल 'बेस्टियन गार्डन सिटी' से जुड़े एक मामले में शिल्पा शेट्टी के मुंबई वाले घर पर छापेमारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बुधवार को बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के मुंबई वाले घर पर छापेमारी की। उनके होटल 'बेस्टियन गार्डन सिटी' से जुड़े एक मामले के सिलसिले में छापा मारा गया। एक्ट्रेस के होटल बिजनेस से संबंधित इसी जांच के तहत बेंगलुरु में भी एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। यह घटना तब हुई है, जब बेंगलुरु पुलिस ने एक मामला दर्ज किया था, जिसमें पता चला कि शिल्पा शेट्टी के पब 'बेस्टियन गार्डन सिटी' समेत दो पब निर्धारित समय से अधिक समय तक खुले रहते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46314/mumbai-income-tax-department-officials-raided-the-mumbai-house-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-19t111401.838.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बुधवार को बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के मुंबई वाले घर पर छापेमारी की। उनके होटल 'बेस्टियन गार्डन सिटी' से जुड़े एक मामले के सिलसिले में छापा मारा गया। एक्ट्रेस के होटल बिजनेस से संबंधित इसी जांच के तहत बेंगलुरु में भी एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। यह घटना तब हुई है, जब बेंगलुरु पुलिस ने एक मामला दर्ज किया था, जिसमें पता चला कि शिल्पा शेट्टी के पब 'बेस्टियन गार्डन सिटी' समेत दो पब निर्धारित समय से अधिक समय तक खुले रहते हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>बैस्टियन पब के बारे में</strong><br />बैस्टियन पब की स्थापना बिजनेसमैन रंजीत बिंद्रा की संस्था बैस्टियन हॉस्पिटैलिटी द्वारा की गई थी। शिल्पा शेट्टी ने 2019 में पब में निवेश किया और 50% हिस्सेदारी हासिल की। आयकर विभाग ने चर्च स्ट्रीट के पास स्थित बैस्टियन पब पर भी छापा मारा।</p>
<p><strong>बैस्टियन पब पर छापेमारी</strong><br />इसके अलावा, आयकर विभाग ने चर्च स्ट्रीट के पास स्थित बैस्टियन पब पर छापा मारा और कथित कर चोरी के संबंध में वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। शिल्पा शेट्टी ने आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि इस मामले को चुनौती देने वाली याचिका उच्च न्यायालय में लंबित है।</p>
<p><strong>सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद क्या?</strong><br />यह कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज के वायरल होने के बाद की गई, जिसमें 11 दिसंबर की रात करीब 1:30 बजे पब में हुई एक घटना दिखाई दे रही है। फुटेज में दो ग्रुप्स के बीच तीखी बहस होती नजर आ रही है, हालांकि किसी गंभीर शारीरिक हिंसा की सूचना नहीं मिली है।</p>
<p><strong>शाहरुख खान के बेटे से जुड़ी है जगह</strong><br />पुलिस ने रेजिडेंसी रोड स्थित सोरबेरी पब के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। यह वही जगह है जिसका नाम पहले एक्टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े एक मामले में सामने आया था। एक शिकायत में आरोप लगाया गया कि आर्यन खान ने आपत्तिजनक हाथ का इशारा किया, जिससे वहां मौजूद कुछ महिलाएं आहत हुईं। वीडियो सामने आने के बाद अधिकारियों ने स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें पता चला कि दोनों पब निर्धारित समय से अधिक समय तक खुले थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46314/mumbai-income-tax-department-officials-raided-the-mumbai-house-of</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 11:15:42 +0530</pubDate>
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