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                <title>crores - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>crores RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : जूतों में छिपाकर ला रहे थे 38 करोड़ का सोना, डीआरआई ने 29 किलो गोल्ड के साथ 26 केन्याई नागरिकों को किया अरेस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां राजस्व खुफिया निदेशालय ने 29 किलोग्राम सोने के साथ 26 केन्याई नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इस सोने की कीमत 37.7 करोड़ बताई जा रही है। आरोप है कि ये सभी नागरिक नैरोबी से सोने की तस्करी करके ला रहे थे। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने खुफिया जानकारी और डिजिटल प्रोफाइलिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए सभी केन्याई नागरिकों को टर्मिनल 2 पर गिरफ्तार किया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49115/mumbai-they-were-bringing-gold-worth-rs-38-crore-hidden"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-11t103202.571.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां राजस्व खुफिया निदेशालय ने 29 किलोग्राम सोने के साथ 26 केन्याई नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इस सोने की कीमत 37.7 करोड़ बताई जा रही है। आरोप है कि ये सभी नागरिक नैरोबी से सोने की तस्करी करके ला रहे थे। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने खुफिया जानकारी और डिजिटल प्रोफाइलिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए सभी केन्याई नागरिकों को टर्मिनल 2 पर गिरफ्तार किया। </p>
<p> </p>
<p><strong>अधिकारियों को मिली थी खुफिया सूचना</strong><br />यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए अधिकारियों ने संदिग्धों पर फ्लाइट केक्यू 202 के आगमन क्षेत्र के पास नजर रखने का फैसला किया। डीआरआई ने ग्रीन चैनल पार करने के बाद तस्करों को रोकने की योजना बनाई। सुबह करीब 11 बजे सभी तस्कर ग्रीन चैनल की ओर बढ़े लेकिन अधिकारियों को देखते ही वे वहां से हट गए। डीआरआई अधिकारियों के पूछताछ करने पर 25 यात्रियों ने अपनी पहचान बताई, जबकि 26 वें यात्री को नकली पासपोर्ट इस्तेमाल करने की कोशिश के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।</p>
<p>मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई अधिकारियों ने 29 किलोग्राम सोने के साथ 26 केन्याई नागरिकों को गिरफ्तार किया<br />इस पूरे सोने की कीमत 37.7 करोड़ बताई जा रही<br />केन्याई नागरिक नैरोबी से सोने की तस्करी करके ला रहे थे </p>
<p><strong>जूतों में रखा था सोने का बिस्किट</strong><br />अधिकारियों के पूछताछ करने पर सभी तस्करों ने शुरुआत में अपने पास कोई भी प्रतिबंधित सामान होने से इनकार किया। अधिकारियों ने सभी तस्करों में से जब 2 की तलाशी ली, तो उनके जूतों में रखे गए सोने के बिस्किट बरामद हुए। एक अधिकारी ने बताया कि तस्करों में से कुछ ने लगेज बेल्ट के पास काले टेप में लिपटी हुई कुछ चीजें फेंकना शुरू कर दिया। अधिकारी ने बताया कि हमने पिघले हुए सोने के बिस्किट वाले कई पाउच बरामद किए। उन्होंने बताया कि किसी ने भी बिस्किट वाले पाउच पर अपना हक नहीं जताया। डीआरआई अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 10:33:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : शेयर-ट्रेडिंग साइबर धोखाधड़ी ; मुनाफे के लालच में कारोबारी ने गंवाए १०.९८ करोड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइबर पुलिस ने हाल ही में एक ६८ वर्षीय कारोबारी के साथ हुए १०.९८ करोड़ के शेयर-ट्रेडिंग साइबर धोखाधड़ी मामले की जांच में पाया है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए लगभग ३६,६५६ फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया था। इस रकम का एक हिस्सा चीन से संचालित होने वाले सूदखोरी वाले लोन ऐप्स और अवैध ऑनलाइन गेम्स को फंड करने में भी इस्तेमाल किया गया था। यही नहीं ठगों ने पैसों को क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर चीन / कंबोडिया भेज दिया। इसके अलावा ठगों ने कुछ पैसे चीनी लोन ऐप में भी लगाए, जो अत्यधिक ब्याज दरें वसूलते थे और कर्ज न चुकाने वालों को परेशान करते थे।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49073/mumbai-share-trading-cyber-fraud-businessman-lost-rs-1098-crore-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(98).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>साइबर पुलिस ने हाल ही में एक ६८ वर्षीय कारोबारी के साथ हुए १०.९८ करोड़ के शेयर-ट्रेडिंग साइबर धोखाधड़ी मामले की जांच में पाया है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए लगभग ३६,६५६ फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया था। इस रकम का एक हिस्सा चीन से संचालित होने वाले सूदखोरी वाले लोन ऐप्स और अवैध ऑनलाइन गेम्स को फंड करने में भी इस्तेमाल किया गया था। यही नहीं ठगों ने पैसों को क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर चीन / कंबोडिया भेज दिया। इसके अलावा ठगों ने कुछ पैसे चीनी लोन ऐप में भी लगाए, जो अत्यधिक ब्याज दरें वसूलते थे और कर्ज न चुकाने वालों को परेशान करते थे।</p>
<p> </p>
<p>बता दें कि कारोबारी ने पुलिस में २० जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम मोहन शर्मा बताया और कहा कि उनकी कंपनी के जरिए शेयर बाजार में निवेश करके वे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। शर्मा ने शिकायतकर्ता को ट्रेडर टाइटन वीआईपी ग्रुप नाम के एक व्हाट्सऐप ग्रुप में शामिल होने के लिए कहा, जहां निवेश पर अधिक मुनाफा कमाने के टिप्स साझा किए जाते थे। ग्रुप के सदस्यों ने अपने द्वारा कमाए गए मुनाफे का ब्यौरा भी साझा किया। ऊंचे मुनाफे के लालच में आकर कारोबारी ने फर्म के माध्यम से निवेश करने की इच्छा जताई।</p>
<p>शर्मा ने फिर उन्हें एलेक्स नाम के एक व्यक्ति से मिलवाया, जिसने खुद को एक अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म का महाप्रबंधक बताया और शिकायतकर्ता को एक अन्य प्रीमियम व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ३० दिसंबर २०२५ से १७ जनवरी २०२६ के बीच व्यवसायी ने धोखाधड़ी वाले एप्लिकेशन के माध्यम से लगभग १०.९८ करोड़ रुपए निवेश कर दिए। १७ जनवरी को शिकायतकर्ता अपने निवेश ऐप से पैसे निकालने में असमर्थ पाया और उसने यह भी देखा कि व्हाट्सऐप ग्रुप पर गतिविधि अचानक बंद हो गई थी।</p>
<p>आरोपी ने उसे धमकी दी कि अगर उसने ८ करोड़ रुपए और निवेश नहीं किए तो उसका खाता और सभी निवेश ब्लॉक कर दिए जाएंगे। इसके बाद शिकायतकर्ता को कुछ गड़बड़ होने का संदेह हुआ और उसने पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान साइबर पुलिस ने पाया कि शिकायतकर्ता के पैसे ट्रांसफर करने के लिए ११ प्राथमिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था। ये चालू खाते उन लोगों द्वारा खोले गए थे जिन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र के गोंदिया और अन्य स्थानों पर फर्जी कंपनियां बनाई थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49073/mumbai-share-trading-cyber-fraud-businessman-lost-rs-1098-crore-in</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 12:13:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोरखपुर : फ्रेंचाइजी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले 3 आरोपी मुंबई से गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>एफ बार बॉय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए रामगढ़ताल पुलिस ने मुंबई से तीन शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर ला रही है, जहां पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों में खुद को कंपनी का प्रबंध निदेशक बताने वाला शीफ खान उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक, आपरेशन हेड कृष्णा देवी और वित्त नियंत्रक नवीन अहूजा उर्फ नवीन सर अहूजा शामिल हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48953/3-accused-who-cheated-crores-of-rupees-in-the-name"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(7).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गोरखपुर : </strong>‘एफ बार बॉय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए रामगढ़ताल पुलिस ने मुंबई से तीन शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर ला रही है, जहां पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों में खुद को कंपनी का प्रबंध निदेशक बताने वाला शीफ खान उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक, आपरेशन हेड कृष्णा देवी और वित्त नियंत्रक नवीन अहूजा उर्फ नवीन सर अहूजा शामिल हैं।</p>
<p> </p>
<p>इससे पहले इस मामले में बेतियाहाता निवासी वैभव मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक महिला कर्मचारी की तलाश जारी है। मामले की शिकायत रामगढ़ताल क्षेत्र की जूही सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की थी।<br />जूही सिंह ‘पार्क हॉस्पिटैलिटी’ नाम से फर्म संचालित करती हैं। आरोप है कि वैभव मणि त्रिपाठी ने खुद को फैशन टीवी से जुड़ा बताकर कानपुर और गोरखपुर में ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा दिया।</p>
<p>झांसे में आकर जूही सिंह और उनके पति राकेश सिंह ने अलग-अलग किश्तों में करीब एक करोड़ रुपये नकद और बैंक ट्रांजेक्शन के माध्यम से आरोपियों को दे दिए। यह रकम फ्रेंचाइजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेटअप तैयार कराने के नाम पर ली गई थी।</p>
<p>बाद में जब कोई काम शुरू नहीं हुआ और न ही वैध अनुबंध सामने आया, तो पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ। फैशन टीवी कंपनी से संपर्क करने पर पता चला कि इस तरह का कोई अनुबंध ही नहीं किया गया था। जांच में एग्रीमेंट पर किए गए हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए।</p>
<p><strong>मुंबई में बुलाकर ऑफिस दिखा करते थे फर्जी डील</strong><br />जांच में सामने आया कि आरोपी देशभर के महत्वाकांक्षी कारोबारियों को निशाना बनाते थे। उन्हें फैशन टीवी ब्रांड के तहत बार, लाउंज, कैफे या सैलून खोलने का सपना दिखाया जाता था। इसके बाद उन्हें मुंबई के सांताक्रूज स्थित कथित ऑफिस में बुलाया जाता था, जहां उन्हें भरोसा दिलाकर 12.50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक वसूले जाते थे। आरोपियों द्वारा तैयार किए गए एग्रीमेंट पेपर पर जाली हस्ताक्षर कर पीड़ितों को थमा दिए जाते थे। रकम लेने के लिए आरोपियों ने एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक आफ इंडिया और फेडरल बैंक की विले पार्ले शाखाओं में खाते खोल रखे थे, जिसमें रुपये ट्रांसफर कराया जाता था।</p>
<p><strong>देशभर में दर्ज हैं कई मुकदमे</strong><br />मुख्य आरोपित कशीफ खान उर्फ काशीफ सरदार के विरुद्ध लखनऊ, मुंबई, जयपुर, पटियाला, बड़ोदरा, उदयपुर, ग्वालियर, पणजी और गोरखपुर समेत कई शहरों में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था, जिसमें अलग-अलग भूमिकाओं में लोग जुड़े थे। कोई खुद को निदेशक बताता था, कोई आपरेशन संभालता था और कोई वित्तीय लेन-देन।</p>
<p><strong>वैभव से पूछताछ में मिले सुराग</strong><br />वैभव मणि त्रिपाठी से पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर रामगढ़ताल पुलिस की टीम मुंबई पहुंची और एक अप्रैल को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर लाया जा रहा है।</p>
<p>पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क और ठगी के पैटर्न का पर्दाफाश किया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने देशभर में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है।</p>
<p><strong>18 दिसंबर को रामगढ़ताल थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा</strong><br />रामगढ़ताल थाना पुलिस ने 18 दिसंबर 2025 को रामगढ़ताल थाने में वैभव मणि त्रिपाठी,कुरुणेश प्रताप शाही,अखिलेश पाठक, अभिषेक पाठक, गौतम कनोडिया, रामअवतार बंसल, गौरव कनोडिया व नरेंद्र त्रिपाठी के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करके एक करोड़ रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में आरोप की पुष्टि होने पर पुलिस ने वैभव मणि को जेल भेज दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 13:40:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : 8वीं पास 'साइबर किंगपिन' गिरफ्तार, 2 साल में खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य, 10 राज्यों में था फैला जाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>झारखंड का जामताड़ा एक बार फिर साइबर अपराध के केंद्र के रूप में उभरा है. मुंबई पुलिस ने 25 वर्षीय मजहर आलम उर्फ इजरायल मियां को गिरफ्तार किया है, जिसने महज 8वीं तक की शिक्षा के बावजूद तकनीक का ऐसा घातक जाल बुना कि सिर्फ दो साल में करोड़ों की संपत्ति बना ली. मजहर की गिरफ्तारी ने डिजिटल सुरक्षा की कलई खोलकर रख दी है.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48793/mumbai-8th-pass-cyber-kingpin-arrested-built-an-empire-worth"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/images---2026-03-29t104011.847.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>झारखंड का जामताड़ा एक बार फिर साइबर अपराध के केंद्र के रूप में उभरा है. मुंबई पुलिस ने 25 वर्षीय मजहर आलम उर्फ इजरायल मियां को गिरफ्तार किया है, जिसने महज 8वीं तक की शिक्षा के बावजूद तकनीक का ऐसा घातक जाल बुना कि सिर्फ दो साल में करोड़ों की संपत्ति बना ली. मजहर की गिरफ्तारी ने डिजिटल सुरक्षा की कलई खोलकर रख दी है.</p>
<p> </p>
<p>पुलिस जांच के अनुसार, जामताड़ा के फुकबांदी गांव का रहने वाला मजहर पहले छोटे-मोटे फ्रॉड करता था. उसने ठगी की बारीकियां अपने एक रिश्तेदार से सीखी थीं, जो पहले ही मकोका के तहत जेल जा चुका है. जमानत पर बाहर आने के बाद मजहर ने अपना खुद का संगठित सिंडिकेट बनाया और 10 राज्यों में अपना नेटवर्क फैला दिया.</p>
<p><strong>सॉफ्टवेयर इंजीनिय की तरह दिया साजिश को अंजाम</strong><br />आरोपी का काम करने का तरीका किसी पेशेवर सॉफ्टवेयर इंजीनियर जैसा था. हनीट्रैप (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन): वह गूगल पर विभिन्न बैंकों के फर्जी 'क्रेडिट कार्ड हेल्पलाइन' नंबर डाल देता था. जब कोई जरूरतमंद मदद के लिए सर्च करता, तो उसका नंबर सामने आता.</p>
<p><strong>मालवेयर का हमला: </strong>खुद को बैंक अधिकारी बताकर वह पीड़ित को व्हाट्सएप पर 'क्रेडिट कार्ड एपीके' नाम की फाइल भेजता. इसे डाउनलोड करते ही फोन का पूरा एक्सेस मजहर के पास चला जाता.</p>
<p><strong>ओटीपी बाईपास: </strong>यह मालवेयर न केवल डेटा चुराता, बल्कि कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए ओटीपी भी सीधे मजहर को भेज देता था, जिससे पीड़ित को भनक तक नहीं लगती थी.</p>
<p><strong>डिजिटल लूट का निवेश: </strong>चोरी किए गए डेटा से वह अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करता और फर्जी मर्चेंट अकाउंट्स के जरिए पैसों को 'क्लीन' करता था. ठगी के पैसों से मजहर ने जामताड़ा में एक आलीशान बंगला बनवाया, करीब 30 लाख रुपये का फ्रेंचाइजी शोरूम खोला और महंगी गाड़ियां खरीदीं. उसकी लाइफस्टाइल किसी बड़े बिजनेसमैन जैसी हो गई थी.</p>
<p><strong>मुंबई में शिकायत के बाद बेनकाब हुआ जालसाज</strong><br />मुंबई के कफ परेड पुलिस स्टेशन में दर्ज एक शिकायत के बाद  एपीआई अमित देवकर और उनकी टीम ने तकनीकी जांच शुरू की. टीम ने 10 दिनों तक झारखंड में डेरा डाला और आखिरकार मजहर को दबोच लिया.</p>
<p>गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अब तक 94 सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किया. उसके पास से कई मोबाइल, एडमिन पैनल एक्सेस और क्रेडिट कार्ड डेटा की भारी-भरकम शीट मिली हैं. अब तक 10 राज्यों से जुड़ी 36 से ज्यादा शिकायतें सीधे तौर पर उससे जुड़ी पाई गई हैं. मुंबई पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके फाइल को इंस्टॉल न करें और गूगल पर मिलने वाले हेल्पलाइन नंबरों की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 10:41:12 +0530</pubDate>
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