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                <title>crores - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>crores RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई पुलिस से करोड़ों की 'लूट', अपने ही अधिकारियों ने चूना लगाया </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई पुलिस विभाग के पेरोल रिकॉर्ड में 6.41 रुपए का बड़ा वित्तीय घोटाला तब सामने आया जब कर्मचारियों का डेटा एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम में ट्रांसफर किया जा रहा था। 2019 और 2020 के बीच मुंबई पुलिस के कर्मचारियों को मासिक वेतन के तौर पर लगभग 6.5 करोड़ रुपए दिए गए। 6 साल बाद पता चला कि ये कर्मचारी असल में थे ही नहीं, वे सिर्फ कागजों पर मौजूद थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51142/mumbai-police-looted-crores-of-rupees-by-its-own-officers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-05t112627.673.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई पुलिस विभाग के पेरोल रिकॉर्ड में 6.41 रुपए का बड़ा वित्तीय घोटाला तब सामने आया जब कर्मचारियों का डेटा एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम में ट्रांसफर किया जा रहा था। 2019 और 2020 के बीच मुंबई पुलिस के कर्मचारियों को मासिक वेतन के तौर पर लगभग 6.5 करोड़ रुपए दिए गए। 6 साल बाद पता चला कि ये कर्मचारी असल में थे ही नहीं, वे सिर्फ कागजों पर मौजूद थे।</p>
<p> </p>
<p>मुंबई पुलिस विभाग के पेरोल रिकॉर्ड में 6.41 करोड़ रुपए का बड़ा वित्तीय घोटाला तब सामने आया जब कर्मचारियों का डेटा पुराने सैलरी पोर्टल 'सेवार्थ' से नए सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर किया जा रहा था। </p>
<p>उत्तर क्षेत्रीय डिवीजन के एक पुलिस अधिकारी की शिकायत के अनुसार, दस ऐसे लोगों को बार-बार कर्मचारी के तौर पर लिस्ट किया गया जो पुलिसका हिस्सा नहीं थे और उनके बैंक खातों में मासिक वेतन भेजा जा रहा था। </p>
<p><strong>FIR में 10 फर्जी नाम</strong><br />FIR में बताए गए 10 फर्जी नाम- रामदास भोगले, सुधाकर कदम, सरजू यादव, भागवत भोसले, गुनाजी खावकर, महादेव हलदानकर, राजेंद्र सोनार, उत्तम थोराट, सूर्यकांत पाटिल और पांडुरंग कदम हैं। <br />बिना अधिकार के सैलरी ट्रांजैक्शन मुख्य रूप से दो समय-सीमाओं में पाए गए। जिनमें दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तक, और जून से सितंबर 2020 तक।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 11:28:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बांद्रा में 'होटल रंगशारदा' और प्रभादेवी में जमीन का एक टुकड़ा जब्त किया; 332 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त </title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने प्रभुदास वीरचंद लोटिया और अन्य के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया है। इस आदेश में लगभग 332.24 करोड़ रुपए के कुल मूल्य की 2 अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। कुर्क की गई संपत्तियों में मुंबई के बांद्रा स्थित होटल रंगशारदा और मुंबई के प्रभादेवी में स्थित एक भूमि का टुकड़ा शामिल है, जो मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के कब्जे और नियंत्रण में हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50949/a-piece-of-land-seized-in-hotel-rangsharda-and-prabhadevi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-26t105514.380.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने प्रभुदास वीरचंद लोटिया और अन्य के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया है। इस आदेश में लगभग 332.24 करोड़ रुपए के कुल मूल्य की 2 अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। कुर्क की गई संपत्तियों में मुंबई के बांद्रा स्थित होटल रंगशारदा और मुंबई के प्रभादेवी में स्थित एक भूमि का टुकड़ा शामिल है, जो मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के कब्जे और नियंत्रण में हैं।</p>
<p> </p>
<p>मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। यह एफआईआर रंग शारदा प्रतिष्ठान के ट्रस्टियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित थी। शिकायत में प्रभुदास वीरचंद लोटिया और मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए गए थे।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला</strong><br />आरोप है कि म्हाडा ने 'रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट' को मराठी थिएटर, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रियायती दर पर ज़मीन का एक टुकड़ा आवंटित किया था। लेकिन आरोपियों ने इसका व्यावसायिक इस्तेमाल करके गलत फायदा उठाया। ED मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। यह जांच बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर की जा रही है, जो 'रंग शारदा प्रतिष्ठान' के ट्रस्टियों की शिकायत पर दर्ज की गई थी। ट्रस्टियों ने लोटिया और 'रंग शारदा होटल्स' पर धोखाधड़ी और विश्वासघात का आरोप लगाया था।</p>
<p>ED ने कहा कि जांच के दौरान उन्हें पता चला कि लोटिया ने 'रंग शारदा होटल्स' के ज़रिए ट्रस्ट को आवंटित जमीन पर गलत तरीके से कब्ज़ा किया और उसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। साथ ही, उन्होंने आवंटन की शर्तों और जरूरी मंज़ूरियों का उल्लंघन करते हुए उस ज़मीन का व्यावसायिक इस्तेमाल किया।</p>
<p><strong>जांच में क्या आया सामने</strong><br />जांच में यह भी सामने आया है कि मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ट्रस्ट को नाटक थिएटर और कलाकारों के आवास सौंपने में विफल रहने के बजाय, आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त किए बिना ही संपत्ति का उपयोग होटल, लॉजिंग हाउस, रेस्तरां, शराब बार, बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन के लिए किया। इसके अलावा, प्रभुदास वीरचंद लोटिया ने मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट को आवंटित भूमि पर व्यावसायिक परिसरों की अनधिकृत बिक्री करवाई और उस आय का उपयोग मुंबई के प्रभादेवी में एक अन्य संपत्ति खरीदने के लिए किया।<br />जांच के दौरान अपराध से प्राप्त कुल आय लगभग 512 करोड़ रुपए आंकी गई है, जिसमें होटल संचालन, लॉजिंग हाउस, रेस्तरां, शराब बार, बैंक्वेट हॉल आदि से प्राप्त राजस्व और किराए सहित अन्य आय शामिल हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 10:56:23 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : करोड़ों खर्च हुए, पर नहीं बदला मुंबई की मीठी नदी का भाग्य, अब भी भरी खर-पतवार, प्लास्टिक और कचरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मीठी नदी खर-पतवार, प्लास्टिक और कचरे से भर गई है। BMC ने इस साल 10 जून तक मीठी नदी से गाद निकालने की मियाद तय की थी, लेकिन काम नहीं हो पाया। बाद में नए ठेकेदार को जिम्मा सौंपा गया, पर बारिश आने तक सिर्फ 64% गाद ही हटाई जा सकी। मुंबई की मीठी नदी से पांच मिनट की दूरी पर भारत का सबसे महंगा कारोबारी इलाका बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स है। प्रमुख बैंक, बहुराष्ट्रीय कंपनियां, अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के साथ-साथ यहीं पर नैशनल स्टॉक एक्सचेंज और बंबई स्टॉक एक्सचेंज भी हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50864/crores-were-spent-but-the-fate-of-mumbais-mithi-river"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-21t115032.349.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मीठी नदी खर-पतवार, प्लास्टिक और कचरे से भर गई है। BMC ने इस साल 10 जून तक मीठी नदी से गाद निकालने की मियाद तय की थी, लेकिन काम नहीं हो पाया। बाद में नए ठेकेदार को जिम्मा सौंपा गया, पर बारिश आने तक सिर्फ 64% गाद ही हटाई जा सकी। मुंबई की मीठी नदी से पांच मिनट की दूरी पर भारत का सबसे महंगा कारोबारी इलाका बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स है। प्रमुख बैंक, बहुराष्ट्रीय कंपनियां, अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के साथ-साथ यहीं पर नैशनल स्टॉक एक्सचेंज और बंबई स्टॉक एक्सचेंज भी हैं। यहां दफ्तरों का किराया हर महीने औसतन 350 रुपये प्रति वर्ग फुट है। इसके बावजूद, मीठी नदी बदहाल है।</p>
<p> </p>
<p><strong>समस्या जस की तस</strong><br />2005 की भीषण बाढ़ के बाद सरकार ने मीठी नदी के लिए 3,500 करोड़ रुपये से अधिक का बजट तय किया था। इनमें से तकरीबन 2,200 करोड़ रुपये खर्च भी हो चुके हैं। नदी अब भी प्रदूषित है। अधिकांश प्रदूषण बिना ट्रीट किए सीवेज से आता है। पानी की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। 2020-21 में नदी का वॉटर क्वॉलिटी इंडेक्स 100 में से 44 था। हर साल गाद निकालने, चैनल चौड़ा करने और दीवारें बनाने का काम दोहराया जाता है, लेकिन तय समय पर पूरा नहीं होता और समस्या जस की तस है।</p>
<p><strong>अधूरी परियोजनाएं</strong><br />पिछले साल मीठी नदी के लिए एक बार फिर कई परियोजनाओं की घोषणा हुई, लेकिन अधिकांश अब भी अधूरी हैं। 455 करोड़ रुपये की सीवेज टनल तैयार है, पर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू न होने से बेकार पड़ी है। नदी का प्रबंधन कई एजेंसियों के जिम्मे है। इस कारण समन्वय की कमी बनी रहती है।</p>
<p><strong>दुनिया से सबक</strong><br />दुनिया के कई शहरों ने साबित किया है कि बदहाल नदियों को दोबारा जीवित किया जा सकता है। सियोल ने 2005 में 50 बरस से दबी चेओंगग्येचेओन धारा को पुनर्जीवित करने के लिए करीब 38 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। 1970 के दशक के अंत तक सिंगापुर ने भी सीवेज व्यवस्था, उद्योगों के स्थानांतरण और सख्त प्रदूषण नियंत्रण के जरिये अपनी प्रदूषित नदी को एशिया के सबसे आकर्षक वॉटरफ्रंट में तब्दील कर दिया।</p>
<p><strong>रणनीति से बदलाव</strong><br />छत्रपति संभाजीनगर की खाम नदी भी कभी मीठी नदी जैसी बदहाल थी। सुनियोजित रणनीति से उसका कायाकल्प किया गया। परियोजना पर 4.5 करोड़ रुपये से अधिक रकम खर्च की गई, जो मीठी नदी की सालाना गाद सफाई लागत का एक फीसदी भी नहीं। असल में, समाधान केवल गाद निकालने में नहीं, सरकार, उद्योगों और विशेषज्ञों की साझेदारी वाले मॉडल में है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 11:51:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : जूतों में छिपाकर ला रहे थे 38 करोड़ का सोना, डीआरआई ने 29 किलो गोल्ड के साथ 26 केन्याई नागरिकों को किया अरेस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां राजस्व खुफिया निदेशालय ने 29 किलोग्राम सोने के साथ 26 केन्याई नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इस सोने की कीमत 37.7 करोड़ बताई जा रही है। आरोप है कि ये सभी नागरिक नैरोबी से सोने की तस्करी करके ला रहे थे। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने खुफिया जानकारी और डिजिटल प्रोफाइलिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए सभी केन्याई नागरिकों को टर्मिनल 2 पर गिरफ्तार किया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49115/mumbai-they-were-bringing-gold-worth-rs-38-crore-hidden"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-11t103202.571.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां राजस्व खुफिया निदेशालय ने 29 किलोग्राम सोने के साथ 26 केन्याई नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इस सोने की कीमत 37.7 करोड़ बताई जा रही है। आरोप है कि ये सभी नागरिक नैरोबी से सोने की तस्करी करके ला रहे थे। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने खुफिया जानकारी और डिजिटल प्रोफाइलिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए सभी केन्याई नागरिकों को टर्मिनल 2 पर गिरफ्तार किया। </p>
<p> </p>
<p><strong>अधिकारियों को मिली थी खुफिया सूचना</strong><br />यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए अधिकारियों ने संदिग्धों पर फ्लाइट केक्यू 202 के आगमन क्षेत्र के पास नजर रखने का फैसला किया। डीआरआई ने ग्रीन चैनल पार करने के बाद तस्करों को रोकने की योजना बनाई। सुबह करीब 11 बजे सभी तस्कर ग्रीन चैनल की ओर बढ़े लेकिन अधिकारियों को देखते ही वे वहां से हट गए। डीआरआई अधिकारियों के पूछताछ करने पर 25 यात्रियों ने अपनी पहचान बताई, जबकि 26 वें यात्री को नकली पासपोर्ट इस्तेमाल करने की कोशिश के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।</p>
<p>मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई अधिकारियों ने 29 किलोग्राम सोने के साथ 26 केन्याई नागरिकों को गिरफ्तार किया<br />इस पूरे सोने की कीमत 37.7 करोड़ बताई जा रही<br />केन्याई नागरिक नैरोबी से सोने की तस्करी करके ला रहे थे </p>
<p><strong>जूतों में रखा था सोने का बिस्किट</strong><br />अधिकारियों के पूछताछ करने पर सभी तस्करों ने शुरुआत में अपने पास कोई भी प्रतिबंधित सामान होने से इनकार किया। अधिकारियों ने सभी तस्करों में से जब 2 की तलाशी ली, तो उनके जूतों में रखे गए सोने के बिस्किट बरामद हुए। एक अधिकारी ने बताया कि तस्करों में से कुछ ने लगेज बेल्ट के पास काले टेप में लिपटी हुई कुछ चीजें फेंकना शुरू कर दिया। अधिकारी ने बताया कि हमने पिघले हुए सोने के बिस्किट वाले कई पाउच बरामद किए। उन्होंने बताया कि किसी ने भी बिस्किट वाले पाउच पर अपना हक नहीं जताया। डीआरआई अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 10:33:45 +0530</pubDate>
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