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                <title>cities - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>cities RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : महाराष्ट्र में पानी को लेकर अलर्ट, मुंबई, ठाणे, समेत शहरों के लिए एडवाइजरी जारी, 31 अगस्त तक सोच-समझकर करें यूज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पानी को लेकर अलर्ट जारी किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पानी की सख्त योजना और संरक्षण के उपाय लागू करें, ताकि अगस्त 2026 के आखिर तक पीने के पानी की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अल नीनो घटना के कारण बारिश में संभावित रुकावटों की चेतावनी भी दी। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब राज्य के बांधों में फिलहाल 653.63 हजार मिलियन क्यूबिक फीट पानी जमा है। यह पिछले साल इसी समय के 551.86 हजार मिलियन क्यूबिक फीट के मुकाबले 101.77 हजार मिलियन क्यूबिक फीट ज्‍यादा है।</p>
<p style="text-align:center;"> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49422/alert-regarding-water-in-mumbai-maharashtra-advisory-issued-for-cities"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-23t114054.810.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पानी को लेकर अलर्ट जारी किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पानी की सख्त योजना और संरक्षण के उपाय लागू करें, ताकि अगस्त 2026 के आखिर तक पीने के पानी की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अल नीनो घटना के कारण बारिश में संभावित रुकावटों की चेतावनी भी दी। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब राज्य के बांधों में फिलहाल 653.63 हजार मिलियन क्यूबिक फीट पानी जमा है। यह पिछले साल इसी समय के 551.86 हजार मिलियन क्यूबिक फीट के मुकाबले 101.77 हजार मिलियन क्यूबिक फीट ज्‍यादा है।</p>
<p> </p>
<p>अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) दीपक कपूर ने राज्य कैबिनेट की समीक्षा बैठक में जलाशयों के जल स्तर से जुड़े आंकड़े पेश किए और अल नीनो से जुड़े जोखिमों के प्रति आगाह किया। पिछले रुझान बताते हैं कि ऐसे वर्षों में जल भंडारण में भारी गिरावट आती है। 2014 में जलस्तर 12 प्रतिशत और 2015 में लगभग 14 प्रतिशत तक गिर गया था, जिससे बड़े पैमाने पर पानी की किल्लत पैदा हो गई थी।</p>
<p><strong>ऐसे घट रहा पानी</strong><br />15 अक्टूबर 2014 को जल भंडारण 872 हजार मिलियन क्यूबिक फीट था, जो 2015 में तेजी से गिरकर 625 हजार मिलियन क्यूबिक फीट रह गया था। इसके विपरीत, 2025 में इसी तारीख को जल भंडार काफी ज्‍यादा, यानी 1330.97 हजार मिलियन क्यूबिक फीट था। 21 अप्रैल 2026 तक जल भंडारण 653.63 हजार मिलियन क्यूबिक फीट है, जो पिछले साल के मुकाबले ज्‍यादा है, लेकिन अगर बारिश कम होती है तो यह स्थिति नाजुक हो सकती है।</p>
<p><strong>देवेंद्र फडणवीस ने पानी को लेकर की दूसरी बैठक</strong><br />सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे संभावित कमजोर मॉनसून के प्रभाव को कम करने के लिए अभी से पानी बचाना शुरू कर दें। उन्होंने जल संरक्षण की परियोजनाओं में तेजी लाने, प्रबंधन प्रणालियों में सुधार करने और पानी के पारंपरिक स्रोतों को पुनर्जीवित करने का भी आह्वान किया। यह इस सप्ताह मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली दूसरी उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक थी।</p>
<p>इससे पहले उन्होंने अल नीनो से जुड़ी चुनौतियों की आशंका को देखते हुए विभागों को आपदा से निपटने की तैयारियों और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करने के निर्देश दिए थे। बैठक में भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने जल प्रबंधन कार्य पखवाड़ा पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से जल प्रबंधन को और अधिक गतिशील, जन-केंद्रित और प्रभावी बनाना है।</p>
<p><strong>ठाणे में गाड़ियों के धोने पर रोक</strong><br />वहीं ठाणे महानगरपालिका ने बढ़ती गर्मी के बीच जल स्तर में गिरावट को देखते हुए शहरभर के सर्विस सेंटरों पर वाहनों की धुलाई पर 10 जून तक प्रतिबंध लगा दिया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, महापौर शर्मिला पिंपलोलकर और महानगरपालिका आयुक्त सौरभ राव ने नागरिकों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और संभावित जल संकट से बचने के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।</p>
<p><strong>बांधों का जलस्तर घटा</strong><br />नगर निकाय के मुताबिक, शहर को पानी उपलब्ध कराने वाले बांधों में जल भंडार लगातार घट रहा है। भीषण गर्मी के कारण कुओं और बोरवेल का भूजल स्तर भी नीचे चला गया है। अधिकारियों ने बताया कि जल संरक्षण उपायों के तहत दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया और अन्य वाहनों की सर्विस सेंटरों पर धुलाई व सफाई पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। यह रोक 10 जून तक लागू रहेगी।</p>
<p><strong>व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को सलाह</strong><br />राव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी अनावश्यक जल उपयोग से बचने, पानी के पुनर्चक्रण की व्यवस्था अपनाने और जल संरक्षण के नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। निवासियों से भी घरों में पानी की बर्बादी रोकने की अपील की गई है। इसमें पीने योग्य पानी से वाहन धोने, आंगनों की जरूरत से अधिक सफाई करने और नलों को खुला छोड़ने जैसी आदतों से बचने को कहा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49422/alert-regarding-water-in-mumbai-maharashtra-advisory-issued-for-cities</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:42:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : यूपी-बिहार जैसे शहरों से आनेवालों के लिए किराए पर सस्ते घर देगी महाराष्ट्र सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में बाहर से नौकरी या व्यवसाय के लिए आने वाले लोगों को सरकार सस्ते दर पर किराए का घर उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस निर्देश दिया है कि सस्ते किराए के घरों के लिए एक अच्छा सिस्टम बनाया जाए और उसे लागू किया जाए। सीएम ने लोगों की सुविधा के लिए इससे संबंधित एक पोर्टल बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को इस संबंध में हुई बैठक में कहा कि नौकरी और व्यवसाय के लिए मुंबई और दूसरे मेट्रोपॉलिटन शहरों में आने वाले नागरिकों के लिए सस्ते किराए के घर होने चाहिए।  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49117/maharashtra-government-will-provide-cheap-houses-on-rent-to-people"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-11t103554.187.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में बाहर से नौकरी या व्यवसाय के लिए आने वाले लोगों को सरकार सस्ते दर पर किराए का घर उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस निर्देश दिया है कि सस्ते किराए के घरों के लिए एक अच्छा सिस्टम बनाया जाए और उसे लागू किया जाए। सीएम ने लोगों की सुविधा के लिए इससे संबंधित एक पोर्टल बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को इस संबंध में हुई बैठक में कहा कि नौकरी और व्यवसाय के लिए मुंबई और दूसरे मेट्रोपॉलिटन शहरों में आने वाले नागरिकों के लिए सस्ते किराए के घर होने चाहिए।  </p>
<p> </p>
<p>सह्याद्री स्टेट गेस्ट हाउस में महाराष्ट्र सरकार की रेंटल हाउसिंग पॉलिसी की समीक्षा के लिए बैठक की गई। बैठक में देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के हाउसिंग डिपार्टमेंट को निर्देश दिया कि वे किफायती रेंटल हाउसिंग चाहने वाले नागरिकों की सुविधा के लिए एक पोर्टल तैयार करें।</p>
<p><strong>किफायती किराए पर हाउसिंग स्कीम</strong><br />फडणवीस ने बताया कि बड़ी संख्या में नागरिक नौकरी की तलाश में या अपना कारोबार शुरू करने के लिए बाहर से मुंबई आते हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि आवास की बहुत ज़्यादा ज़रूरत है, इसलिए किफायती रेंटल हाउसिंग के लिए एक सक्षम व्यवस्था बनाई जानी चाहिए और उसे चालू किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मांग के अनुसार आपूर्ति के सिद्धांत पर रेंटल हाउसिंग उपलब्ध कराएं।</p>
<p>यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि मांग और आपूर्ति के अनुसार किराए के घर उपलब्ध हों। यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि घरों की मांग के संबंध में सभी कार्रवाई एग्रीमेंट के अनुसार की जाए। बैठक में हाउसिंग डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी असीम कुमार गुपा, मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती, होम डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अनूप कुमार सिंह, सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। </p>
<p><strong>पुलिस उपायुक्त की नियुक्ति</strong><br />फडणवीस ने कहा कि अगर सिस्टम उपलब्ध किराए के घरों के संबंध में मिलकर कार्रवाई करता है, तो मालिकों और किराएदारों दोनों को कोई समस्या नहीं होगी। महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल ऐक्ट, 1999 को लागू करने में मदद के लिए इस ऐक्ट के तहत पुलिस उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस) को नियुक्त किया जाए। सीएम ने कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि अगर पुलिस स्टेशन या पुलिस एरिया बढ़ता है तो संबंधित पुलिस अधिकारी अपने आप उसी हिसाब से बढ़ जाएंगे। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस को संबंधित अधिकारी के तौर पर काम करने का काम शामिल करने के लिए नोटिफिकेशन जारी की जाए।</p>
<p><strong>'100 स्पेशल कोर्ट बनाए जाएं'</strong><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि किराए से जुड़े कोर्ट केस को जल्द निपटाने के लिए 100 स्पेशल कोर्ट बनाए जाएं। इसके लिए रिटायर्ड जजों की नियुक्ति की जाए। कोर्ट की इजाजत से किराए से जुड़े पेडिंग केस निपटाने के लिए शाम की कोर्ट शुरू की जाए। अगर इन कोर्ट के लिए जगह नही है, तो किराए पर जगह ली जानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 10:36:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु जैसे शहरों को क्यों छोड़ रहे हैं लोग, रिटायरमेंट के बाद तो बिल्कुल नहीं चाहते रहना!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जीवनशैली में बदलाव और बढ़ते शहरी दबावों के कारण, पूरे भारत में सेवानिवृत्ति से जुड़े फ़ैसले लेने का तरीका बदल रहा है. जहां पिछली पीढ़ियां बेहतर नौकरियों और ज़्यादा आमदनी की तलाश में बड़े शहरों में बसना चाहती थीं, वहीं आज कई लोग जिन्हें सेवानिवृत्ति मिल चुका है, अब वे मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों को छोड़कर एक शांत ज़िंदगी की तलाश में निकल रहे हैं. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48987/why-are-people-leaving-cities-like-mumbai-delhi-bangalore-they"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(3).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>जीवनशैली में बदलाव और बढ़ते शहरी दबावों के कारण, पूरे भारत में सेवानिवृत्ति से जुड़े फ़ैसले लेने का तरीका बदल रहा है. जहां पिछली पीढ़ियां बेहतर नौकरियों और ज़्यादा आमदनी की तलाश में बड़े शहरों में बसना चाहती थीं, वहीं आज कई लोग जिन्हें सेवानिवृत्ति मिल चुका है, अब वे मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों को छोड़कर एक शांत ज़िंदगी की तलाश में निकल रहे हैं. </p>
<p> </p>
<p>बढ़ती महंगाई, लगातार बढ़ता ट्रैफिक जाम और बिगड़ते प्रदूषण के स्तर ने बड़े शहरों में जीवन को और भी मुश्किल बना दिया है. रिटायर हो चुके लोगों के लिए, ये कारक अक्सर शहरी जीवन के फायदों पर भारी पड़ते हैं, जिसके चलते वे शांत और ज़्यादा किफायती जगहों की ओर चले जाते हैं.</p>
<p><strong>छोटे शहरों की बढ़ती लोकप्रियता</strong><br />देहरादून, इंदौर, चंडीगढ़, मैसूर और भुवनेश्वर जैसे शहर रिटायरमेंट के लिए पसंदीदा जगह बनते जा रहे हैं. इन जगहों पर ज़िंदगी की रफ़्तार धीमी होती है, रहने का खर्च कम होता है और माहौल ताज़ा और साफ़-सुथरा होता है ये ऐसी खूबियाँ हैं जो इन्हें मध्यम-वर्गीय परिवारों और बुज़ुर्गों के लिए खास तौर पर आकर्षक बनाती हैं.</p>
<p>एनारॉक की एक रिपोर्ट समेत रियल एस्टेट के आकलन के मुताबिक, बड़े शहरों में प्रॉपर्टी खरीदना या किराए पर लेना काफ़ी महंगा हो गया है. बड़े शहरों में, एक आम 3बीएचके अपार्टमेंट की कीमत अब अक्सर ₹1 करोड़ से ज़्यादा हो जाती है. इसके उलट, छोटे शहरों में आधुनिक सुविधाओं से लैस घर ₹30 लाख से ₹1.5 करोड़ की कीमत के बीच उपलब्ध हैं, जो रिटायर हुए लोगों के लिए इन्हें एक ज़्यादा सुलभ और टिकाऊ विकल्प बनाते हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48987/why-are-people-leaving-cities-like-mumbai-delhi-bangalore-they</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 17:35:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : अब लोकल ट्रेनों में भी मिलेगी मेल-एक्‍सप्रेस जैसी सुविधाएं, इन शहरों से होगी शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश के डेली पैसेंजरों को जल्‍द बड़ी राहत मिलने वाली है. भारतीय रेलवे इन लोगों की सुविधा के लिए लोकल ट्रेनों में कई बदलाव करने जा रहा है. मुंबई और सूरत के बीच इसकी तैयारी चल रही है. पश्चिम रेलवे लंबे समय से इस रूट पर सबअर्बन ट्रेन सर्विस शुरू करने की योजना बना रहा है. रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सूरत स्टेशन पर दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनाने का काम चल रहा है, जिससे भविष्य में मुंबई-सूरत के बीच ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकें. अभी इस रूट पर विरार-सूरत मेमू ट्रेन और लंबी दूरी की ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन आम लोगों की लोकल जैसी सुविधा की मांग लगातार बढ़ रही है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48723/surat-now-facilities-like-mail-express-will-be-available-in-local"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/images---2026-03-26t125321.881.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सूरत :</strong> देश के डेली पैसेंजरों को जल्‍द बड़ी राहत मिलने वाली है. भारतीय रेलवे इन लोगों की सुविधा के लिए लोकल ट्रेनों में कई बदलाव करने जा रहा है. मुंबई और सूरत के बीच इसकी तैयारी चल रही है. पश्चिम रेलवे लंबे समय से इस रूट पर सबअर्बन ट्रेन सर्विस शुरू करने की योजना बना रहा है. रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सूरत स्टेशन पर दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनाने का काम चल रहा है, जिससे भविष्य में मुंबई-सूरत के बीच ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकें. अभी इस रूट पर विरार-सूरत मेमू ट्रेन और लंबी दूरी की ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन आम लोगों की लोकल जैसी सुविधा की मांग लगातार बढ़ रही है. रेल मंत्रालय के अनुसार पुरानी ईएमयू लोकल ट्रेनों की बजाय अब अपग्रेडेड मेमू ट्रेनें चलाई जाएंगी. ये ट्रेनें लंबी दूरी के लिए बेहतर रहेंगी और इनमें टॉयलेट जैसी जरूरी सुविधाएं भी होंगी. इसके अलावा रेलवे नमो भारत ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है. ये ट्रेन एसी और नॉन-एसी दोनों कोच वाली होंगी.</p>
<p> </p>
<p>पश्चिम रेलवे पहले ही अहमदाबाद-भुज रूट पर नमो भारत ट्रेन चला चुका है. उसी मॉडल को मुंबई-सूरत रूट पर भी आजमाया जा सकता है. एक और विकल्प वंदे मेट्रो ट्रेन का भी तैयारी है. यह ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह ही बनी है, लेकिन छोटी दूरी के लिए ज्यादा उपयुक्त है.</p>
<p>इसकी अधिकतम गति 130 किमी प्रति घंटा है. 12 कोच वाली वंदे मेट्रो ट्रेन में करीब 1,150 यात्री बैठ सकते हैं और 2,000 से ज्यादा यात्री खड़े हो सकते हैं. सूरत स्टेशन का रिडेवलपमेंट 1,477 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है. अभी तक इसकी लगभग 45 फीसदी का काम पूरा हो चुका है. पूरा काम 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है. अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनने के बाद ही मुंबई-सूरत के बीच नई लोकल जैसी ट्रेन सर्विस शुरू की जा सकेंगी. इस योजना से मुंबई और सूरत के बीच रोजाना आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलने मिलेगी, सफर आरामदायक हो सकेगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48723/surat-now-facilities-like-mail-express-will-be-available-in-local</link>
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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 12:54:21 +0530</pubDate>
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