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                <title>open - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: ‘मानसून की पूरी तैयारी’ का दावा करने वाली मेयर के सामने ही खुले गड्ढे में गिरा बीएमसी कर्मचारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>किंग्स सर्कल इलाके में बुधवार (24 जून) को नगर निगम के एक कर्मचारी खुले गड्ढे में गिर गए. यह घटना उस जगह से कुछ ही मीटर की दूरी पर घटित हुई, जहां मेयर रितु तावड़े इलाके में बार-बार होने वाले जल-जमाव की समस्या से निपटने के उपायों का जायजा ले रही थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, तावड़े किंग्स सर्कल के पास महात्मा गांधी मार्केट के सामने अधिकारियों से बात कर रही थीं, तभी बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक कर्मचारी फुटपाथ के ठीक बगल में बने खुले गड्ढे में गिर गए.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50396/bmc-employee-falls-into-open-pit-in-front-of-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/images---2026-06-26t105746.251.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>किंग्स सर्कल इलाके में नगर निगम के एक कर्मचारी खुले गड्ढे में गिर गए. यह घटना उस जगह से कुछ ही मीटर की दूरी पर घटित हुई, जहां मेयर रितु तावड़े इलाके में बार-बार होने वाले जल-जमाव की समस्या से निपटने के उपायों का जायजा ले रही थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, तावड़े किंग्स सर्कल के पास महात्मा गांधी मार्केट के सामने अधिकारियों से बात कर रही थीं, तभी बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक कर्मचारी फुटपाथ के ठीक बगल में बने खुले गड्ढे में गिर गए.</p>
<p> </p>
<p>डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रोड के किनारे जमा पानी के अंदर बना एक गड्ढा जो दिखाई नहीं दे रहा था; उसमें कमर तक धंस जाने के बाद उन कर्मचारी को बाहर निकाला गया. यह घटना मेयर के ठीक सामने हुई. इसके बाद तावड़े को मौके पर मौजूद दूसरे अधिकारियों से सख्ती से बात करते हुए देखा गया. उसी मार्केट के पास बने पंपिंग स्टेशनों पर उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई की कैमरा टीम को बताया कि यहां सड़क साफ है और पानी को तेजी से निकालने की व्यवस्था की गई है.</p>
<p>बाद में बीएमसी के एक बयान में उनके हवाले से कहा गया, ‘मुंबई की रोज़मर्रा की ज़िंदगी सुचारू रूप से चल रही है – यह इस बात का सबूत है कि इस साल मानसून से पहले की तैयारियां अच्छे से की गई हैं.’</p>
<p>हालांकि, उनके डिप्टी संजय घाड़ी ने बुधवार शाम को माना कि बीएमसी की तैयारियों में शायद कुछ कमियां रह गई थीं – या कुछ मैनहोल छूट गए थे.</p>
<p>वहीं, बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े को एक ज्ञापन सौंपते हुए घाड़ी ने निगम कर्मचारी के गिरने की घटना का ज़िक्र किया और कहा कि उन्होंने मुंबई में मैनहोल का ‘तत्काल सर्वे’ करने और ‘उन पर मज़बूत और सुरक्षित जाली लगाने’ की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस काम में खास तौर पर स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और पानी भरने वाले इलाकों को शामिल किया जाना चाहिए. तावड़े ने एनडीटीवी को बताया कि किंग सर्कल में कचरा हटाने के लिए मेनटेनेंस होल को खुला छोड़ा गया था. उन्होंने बीएमसी अधिकारी पर दोष मढ़ते हुए कहा कि उन्हें मौके पर लगे बैरिकेड्स पर ध्यान देना चाहिए था.</p>
<p>घटना के वीडियो और संबंधित फुटपाथ की तस्वीरों में ‘हाई वोल्टेज एरिया’ की चेतावनी देने वाले साइनबोर्ड दिखाई दे रहे हैं.</p>
<p>इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंबई उत्तर-पूर्व से कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने तावड़े को संबोधित एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह घटना ‘कोई दुर्घटना नहीं’ थी, बल्कि मेयर का ‘भ्रष्टाचार रंगे हाथों पकड़े जाने’ का मामला था.</p>
<p>गायकवाड़ ने तावड़े की टिप्पणी का ज़िक्र करते हुए एक्स पर लिखा, ‘विपक्ष से सड़कों पर उतरकर काम करने के लिए कहने से पहले, ज़रा उस व्यक्ति को तो देखिए जो ठीक आपके सामने गड्ढे में गिर गया है. वह व्यक्ति आपकी निष्क्रियता और भ्रष्टाचार के गड्ढे में गिरा है.’</p>
<p>बीएमसी के अनुसार, मुंबई में मानसून की बारिश ने इस बार तय समय से लगभग 12 दिन की देरी से 23 जून को दस्तक दी है.  बीते 24 घंटों के दौरान शहर में 225 mm से 250 mm बारिश हुई. हालांकि, मौसम विभाग के 1991-2020 के आंकड़ों के मुताबिक शहर में जून के महीने में आम तौर पर लगभग 526 mm बारिश होती है.</p>
<p>गौरतलब है कि मंगलवार से मुंबई में लगातार बारिश हो रही है. और इसकी वजह से फिर से मुंबई में जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 10:58:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई ओपन स्पेस पॉलिसी पर देरी, बीजेपी  कॉर्पोरेटर ने बीएमसी को लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओपन स्पेस पॉलिसी को अंतिम रूप देने में हो रही देरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यह नीति वर्ष 2016 से लंबित है। इसी मुद्दे को लेकर कोलाबा से बीजेपी कॉर्पोरेटर मकरंद नार्वेकर ने लोकल एएलएम (एडवांस्ड लोकैलिटी मैनेजमेंट) ग्रुप्स के साथ मिलकर बीएमसी  को पत्र लिखा है और जल्द निर्णय लेने की मांग की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49353/delay-on-mumbai-open-space-policy-bjp-corporator-writes-letter"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-20t165349.226.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओपन स्पेस पॉलिसी को अंतिम रूप देने में हो रही देरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यह नीति वर्ष 2016 से लंबित है। इसी मुद्दे को लेकर कोलाबा से बीजेपी कॉर्पोरेटर मकरंद नार्वेकर ने लोकल एएलएम (एडवांस्ड लोकैलिटी मैनेजमेंट) ग्रुप्स के साथ मिलकर बीएमसी  को पत्र लिखा है और जल्द निर्णय लेने की मांग की है। अपने पत्र में मकरंद नार्वेकर ने मेयर रितु तावड़े और बीएमसी चीफ अश्विनी भिड़े को संबोधित करते हुए कहा है कि शहर में ओपन स्पेस से जुड़ी नीति लंबे समय से अधर में है, जिसके कारण मुंबई के सीमित होते खुले स्थानों पर अतिक्रमण और गलत उपयोग की समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि औपचारिक नीति के अभाव में गार्डन और सार्वजनिक खुले स्थानों का सही प्रबंधन नहीं हो पा रहा है।</p>
<p> </p>
<p>इस मांग में कई स्थानीय एएलएम समूह भी शामिल हैं, जिनमें माई ड्रीम कोलाबा, कोलाबा एडवांस्ड लोकैलिटी मैनेजमेंट, ओल्ड कफ परेड रेजिडेंट्स एसोसिएशन और स्ट्रैंड मार्ग रेजिडेंट्स एसोसिएशन शामिल हैं। इन समूहों का कहना है कि ओपन स्पेस को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए एक स्पष्ट नीति बेहद जरूरी है। पत्र में कई सुझाव भी दिए गए हैं, जिनमें ओपन स्पेस के लिए एक समर्पित मोबाइल एप्लीकेशन विकसित करना शामिल है, ताकि नागरिक आसानी से पार्क और सार्वजनिक स्थानों की जानकारी और स्थिति की रिपोर्ट कर सकें। इसके अलावा एक संयुक्त वॉचडॉग कमेटी बनाने की मांग की गई है, जो ओपन स्पेस के उपयोग और संरक्षण पर नजर रखे। </p>
<p>एक अन्य महत्वपूर्ण सुझाव यह है कि हर प्रशासनिक वार्ड में केवल महिलाओं के लिए विशेष गार्डन बनाए जाएं, जिससे महिलाओं के लिए सुरक्षित और समर्पित सार्वजनिक स्थान उपलब्ध हो सकें। कॉर्पोरेटर का कहना है कि मुंबई में ओपन स्पेस पहले से ही सीमित हैं और यदि समय पर नीति लागू नहीं की गई तो इन स्थानों पर और अधिक अतिक्रमण होने की संभावना है।</p>
<p>उन्होंने जोर दिया कि शहर के सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित रखना और उनका सही उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। स्थानीय निवासियों और एएलएम समूहों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा है कि लंबे समय से नीति न होने के कारण कई गार्डन और ओपन स्पेस अव्यवस्थित स्थिति में हैं। अब देखना होगा कि बीएमसी इस प्रस्ताव पर कब तक कोई ठोस कदम उठाती है और लंबित ओपन स्पेस पॉलिसी को अंतिम रूप देती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 16:54:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो प्रोजेक्ट के पहले चरण का जोरों पर; जनवरी 2027 तक मेट्रो सेवा आम लोगों के लिए शुरू कर दी जाएगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दहिसर-काशीगांव मेट्रो के शुरू होने के बाद ठाणे शहर से गुजरने वाली एक और मेट्रो लाइन पर काम ने रफ्तार पकड़ ली है। ठाणे और भिवंडी को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 5 (ऑरेंज लाइन) का निर्माण कई सालों से चल रहा है। आखिरकार इस प्रोजेक्ट के लिए एक नई डेडलाइन तय कर दी गई है। इस टाइमलाइन के मुताबिक, ठाणे-भिवंडी मेट्रो के इस आने वाले दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है और इसके जनवरी 2027 तक यात्रियों के लिए खुलने की संभावना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49174/the-first-phase-of-thane-bhiwandi-kalyan-metro-project-is-in-full"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-13t123513.978.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे: </strong>दहिसर-काशीगांव मेट्रो के शुरू होने के बाद ठाणे शहर से गुजरने वाली एक और मेट्रो लाइन पर काम ने रफ्तार पकड़ ली है। ठाणे और भिवंडी को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 5 (ऑरेंज लाइन) का निर्माण कई सालों से चल रहा है। आखिरकार इस प्रोजेक्ट के लिए एक नई डेडलाइन तय कर दी गई है। इस टाइमलाइन के मुताबिक, ठाणे-भिवंडी मेट्रो के इस आने वाले दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है और इसके जनवरी 2027 तक यात्रियों के लिए खुलने की संभावना है।</p>
<p> </p>
<p><strong>दहिसर-काशीगांव मेट्रो से मिली राहत</strong><br />अभी कुछ ही दिन पहले दहिसर-काशीगांव मेट्रो का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया था। यह ठाणे शहर के अंदर और हार्बर लाइन कॉरिडोर के साथ चलने वाली पहली मेट्रो लाइन है। पहले ही दिन से मेट्रो को यात्रियों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। शाम के समय काशीगांव मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं। इससे साफ जाहिर होता है कि ठाणे शहर के अंदर एक मेट्रो सिस्टम की कितनी ज्यादा जरूरत है। फिलहाल, ठाणे और भिवंडी के बीच सफर करने वाले लोगों को बसों पर निर्भर रहना पड़ता है। ये बसें अक्सर आधे घंटे तक की देरी से आती हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है।<br />भिवंडी के लोगों को फायदा<br />इसके अलावा शाम के समय ट्रैफिक जाम की वजह से यात्रियों को अक्सर बसों के अंदर घंटों फंसे रहना पड़ता है। दूसरा विकल्प यह है कि जो यात्री ट्रेन से सफर करना चाहते हैं, उन्हें दिवा रेलवे स्टेशन से मेमू सेवा लेनी पड़ती है। हालांकि इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी काफी कम है। नतीजतन पिछले कई सालों से लोग ठाणे और भिवंडी के बीच एक सीधी मेट्रो लिंक की मांग कर रहे हैं।<br />यह रूट कैसा दिखेगा?<br />मेट्रो लाइन 5 एक 25 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा जो ठाणे, भिवंडी और कल्याण को जोड़ेगा। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में ठाणे-भिवंडी सेक्शन को पूरा किया जा रहा है और इस हिस्से पर काम फिहाल जोर-शोर से चल रहा है। बीजेपी विधायक महेश चौघुले की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मेट्रो लाइन के लिए जमीनी काम और सभी तकनीकी ऑपरेशन फिलहाल अपने अंतिम चरण में हैं। गुरुवार को भिवंडी नगर निगम, एमएमआरडीए और मेट्रो अथॉरिटी के अधिकारियों ने चल रहे कामों का निरीक्षण किया। उस समय उन्होंने बताया था कि यह काम दिसंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा। अभी भिवंडी से मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए कोई सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है। नतीजतन, यात्रियों को मुंबई पहुंचने के लिए रोजाना बस से ठाणे और कल्याण होते हुए सफर करना पड़ता है। जब मेट्रो लाइन 5 चालू हो जाएगी, तो भिवंडी के लोगों को काफी राहत मिलेगी और उनके सफर का समय भी काफी कम हो जाएगा।<br />2017 में मंजूरी मिली<br />एमएमआरडीए ने 2017 में मेट्रो लाइन 5 प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इसका उद्घाटन किए जाने के बाद 2020 में असल निर्माण कार्य शुरू हुआ। हालांकि तब से छह साल बीत जाने के बाद भी काम अभी तक अधूरा है। इस देरी से यात्रियों में असंतोष फैल गया है। जहां पहले चरण का काम अब जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। वहीं दूसरे चरण का निर्माण कार्य अभी शुरू भी नहीं हुआ है। जो कल्याण तक जाएगा। नतीजतन लोगों को पूरी मेट्रो लाइन 5 के पूरी तरह से चालू होने के लिए अभी कई और साल इंतजार करना पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49174/the-first-phase-of-thane-bhiwandi-kalyan-metro-project-is-in-full</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:27:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : देश का सबसे ऊंचा केबल स्टे ब्रिज बनकर तैयार, 1 मई से खुल जाएगा मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक, आधे घंटे घटेगी दूरी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई से पुणे के बीच सफर करने वाले यात्री 1 मई से अपने गंतव्य स्थान तक 25 मिनट पहले पहुंच सकेंगे। यात्रियों का सफर कम समय में पूरा कराने के लिए सह्याद्रि के दो पर्वत के बीच देश का सबसे ऊंचा केबल स्टे ब्रिज तैयार करने का काम 99.9 फीसदी तक पूरा कर लिया गया है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (एमएसआरडीसी) 1 मई को मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर बने 13.3 किमी लंबे मिसिंग लिंक प्रॉजेक्ट को आम गाड़ियों के लिए खोलने की योजना पर काम कर रहा है। इस प्रॉजेक्ट के तहत दो पहाड़ों के बीच मार्ग तैयार करने के लिए 182 मीटर ऊंचा केबल ब्रिज तैयार किया गया है। 182 ऊंचे ब्रिज पर गाड़ियां 132 मीटर की ऊंचाई से गुजरेगी। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48639/mumbai-countrys-highest-cable-stay-bridge-will-be-ready-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-23t130932.896.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई से पुणे के बीच सफर करने वाले यात्री 1 मई से अपने गंतव्य स्थान तक 25 मिनट पहले पहुंच सकेंगे। यात्रियों का सफर कम समय में पूरा कराने के लिए सह्याद्रि के दो पर्वत के बीच देश का सबसे ऊंचा केबल स्टे ब्रिज तैयार करने का काम 99.9 फीसदी तक पूरा कर लिया गया है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (एमएसआरडीसी) 1 मई को मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर बने 13.3 किमी लंबे मिसिंग लिंक प्रॉजेक्ट को आम गाड़ियों के लिए खोलने की योजना पर काम कर रहा है। इस प्रॉजेक्ट के तहत दो पहाड़ों के बीच मार्ग तैयार करने के लिए 182 मीटर ऊंचा केबल ब्रिज तैयार किया गया है। 182 ऊंचे ब्रिज पर गाड़ियां 132 मीटर की ऊंचाई से गुजरेगी। </p>
<p> </p>
<p>मिसिंग लिंक प्रॉजेक्ट के माध्यम से पहाड़ के बीच रास्ता तैयार किया जा रहा है। ऐसा कर एमएसआरडीसी ने मुंबई- पुणे एक्सप्रेस वे की दूरी 6 किमी घटा दी है। नया रास्ता तैयार होने से वाहन चालकों को पहाड़ का चक्कर लगाते हुए आगे नहीं बढ़ना नहीं पड़ेगा। सीधी सड़क होने से गाड़ियां तेजी से आगे बढ़ पाएगी।</p>
<p><strong>99.9 फीसदी काम पूरा</strong><br />देश का सबसे ऊंचा केबल स्टे ब्रिज तैयार करने वाली अॅफकॉन्स कंपनी के अनुसार, ब्रिज 99.9 फीसदी तक बन कर तैयार हो चुका है। अब केवल अंतिम फिनिशिंग का काम चल रहा है। सरकार 1 मई तक ब्रिज को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल सकती है। </p>
<p><strong>क्या है मिसिंग लिंक प्रॉजेक्ट?</strong><br />गौजूदा समय में एक्सप्रेस वे पर खोपोली एक्जिट से सिंहगढ़ इंस्टीट्यूट के बीच की दूरी 19 किगी है। मिसिंग लिक के बन जने से 19 किमी की दूरी घट कर 13.3 किमी में सिमट जाएगी। पॉजेक्ट के तहत दो टनल और दो केबल ब्रिज बनाए गए है। 13.33 किमी के कुल मार्ग में से 11 किमी लबी टनल और करीब 2 किमी का केबल ब्रिज है। करीब 850 नीटर लंबे और 26 मीटर चौड़े दो केवल ब्रिज का निर्माण दो चरण में किया गया है। </p>
<p><strong>डेडलाइन मिस कर बना मिसिंग लिंक</strong><br />मिसिंग लिक प्रॉजेक्ट के तहत टनल तैयार करने का काम कई महीने पहले पूरा किया जा चुका था। लेकिन 182 मीटर ऊंचा ब्रिज तैयार करने में आ रही चुनौतियों की वजह से 2024 में बन कर तैयार होने वाला ब्रिज अब बन पाया है। पहले इसकी डेडलाइन मार्च 2024, फिर जनवरी 2025, फिर मर्च 2025 रखी गई थी। अफकॉन्स के अनुसर, ब्रिज का निर्माण ऐसा स्थान पर किया गया है, जहां सब कुछ मौसम पर निर्भर होता था। हवा की रफ्तार अधिक होने, कोहरा होने पर काम रोकना पड़ता था। वहीं मानसून के दौरान परिसर में खूब बारिश होने की वजह से चार महीने काम बंद करना पड़ता था।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 13:13:36 +0530</pubDate>
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