<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/10335/making" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>making - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/10335/rss</link>
                <description>making RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : संजय निरुपम की परिवहन मंत्री को चिट्ठी, मराठी अनिवार्यता पर करें विचार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिवसेना नेता संजय निरुपम ने महाराष्ट्र सरकार के ‘रिक्शा व टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य’ करने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को पत्र लिखकर इस निर्णय को वापस लेने की अपील की है। संजय निरुपम ने अपने पत्र में कहा कि 1 मई से लागू होने वाला यह फैसला हजारों मेहनतकश रिक्शा चालकों के बीच भय, भ्रम और असुरक्षा की भावना पैदा कर रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49445/mumbai-sanjay-nirupams-letter-to-transport-minister-consider-marathi-essentiality"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-24t103514.294.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> शिवसेना नेता संजय निरुपम ने महाराष्ट्र सरकार के ‘रिक्शा व टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य’ करने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को पत्र लिखकर इस निर्णय को वापस लेने की अपील की है। संजय निरुपम ने अपने पत्र में कहा कि 1 मई से लागू होने वाला यह फैसला हजारों मेहनतकश रिक्शा चालकों के बीच भय, भ्रम और असुरक्षा की भावना पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा का सम्मान सभी के दिलों में है, लेकिन इसे अनिवार्य करना और इसके लिए परीक्षा लागू करना चालकों के जीवन और रोजगार पर नकारात्मक असर डाल सकता है।</p>
<p> </p>
<p>निरुपम ने मुंबई की बहुसांस्कृतिक पहचान का जिक्र करते हुए लिखा कि शहर में करीब 70 प्रतिशत से अधिक रिक्शा और टैक्सी चालक गुजरात, उत्तर भारत, पंजाब और दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों से आते हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से यहां अपनी जगह बनाई है और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में यह फैसला उनके रोजगार पर संकट खड़ा कर सकता है और शहर की यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें कई चालकों के फोन आ रहे हैं, जिनमें वे अपनी परेशानियां और भविष्य को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं। निरुपम के मुताबिक, चालकों के मन में बढ़ती असुरक्षा बेहद चिंताजनक है। उन्होंने पत्र में सरकार से आग्रह किया कि मराठी भाषा के सम्मान को बनाए रखते हुए, टूटी-फूटी या कामचलाऊ मराठी बोलने और समझने वाले चालकों को छूट दी जाए। साथ ही भाषा को अनिवार्य बनाने और परीक्षा लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार कर इसे वापस लिया जाए। निरुपम ने कहा कि प्रेम से सिखाई गई भाषा दिल में बसती है, जबकि जबरन थोपी गई भाषा भय पैदा करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मुद्दे पर संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ निर्णय लेगी।</p>
<p>वहीं, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री का कहना है कि परिवहन विभाग पर ‘मराठी राजभाषा अधिनियम’ लागू होता है और नागरिकों के साथ संवाद करते समय चालकों के पास मराठी का कम से कम ‘कार्यसाधक ज्ञान’ होना आवश्यक है। कानून के प्रावधानों के आधार पर, नियमों में संशोधन किए जाएंगे और लाइसेंस, बैज तथा परमिट जारी करते या उनका नवीनीकरण करते समय मराठी ज्ञान की शर्त लागू की जाएगी। साथ ही, चालकों पर कोई अतिरिक्त बोझ डाले बिना उन वाक्यों और वाक्यांशों को सिखाने पर जोर दिया जाएगा जो उनके दैनिक कामकाज में उपयोगी होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49445/mumbai-sanjay-nirupams-letter-to-transport-minister-consider-marathi-essentiality</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49445/mumbai-sanjay-nirupams-letter-to-transport-minister-consider-marathi-essentiality</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 12:34:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-24t103514.294.jpg"                         length="13748"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वसई-विरार में बांग्लादेशियों का नकली राशन कार्ड बनाने का हुआ खुलासा, एक युवक गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच मुंबई की डिंडोशी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने वसई-विरार इलाके में छापेमारी कर बांग्लादेशियों के लिए नकली राशन कार्ड बनाने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी के घर से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47601/a-young-man-arrested-for-making-fake-ration-cards-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-09t121636.712.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वसई : </strong>अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच मुंबई की डिंडोशी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने वसई-विरार इलाके में छापेमारी कर बांग्लादेशियों के लिए नकली राशन कार्ड बनाने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी के घर से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं.  डिंडोशी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर वसई-विरार इलाके में रहने वाले 21 वर्षीय युवक के घर पर छापा मारा. तलाशी के दौरान पुलिस को वहां से 350 नकली राशन कार्ड मिले. ये सभी कार्ड देखने में असली जैसे थे, जिनका इस्तेमाल पहचान और सरकारी सुविधाओं के लिए किया जा सकता था. </p>
<p> </p>
<p><strong>आरोपी की पहचान, पिता करता था यही काम</strong><br />गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुजल दयाल (21) के रूप में हुई है. पूछताछ में सुजल ने पुलिस को बताया कि उसके पिता पहले नकली राशन कार्ड बनाने का काम करते थे. पिता की मौत के बाद उसने यही धंधा संभाल लिया और धीरे-धीरे इसे आगे बढ़ाता गया. </p>
<p><strong>मुंबई के कई इलाकों के पते मिले</strong><br />पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए राशन कार्डों पर वसई, विरार, मीरा-भायंदर, नालासोपारा, दहिसर, बोरीवली, मलाड और कांदिवली जैसे इलाकों के पते दर्ज हैं. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है और कई जगहों तक फैला हुआ है. पुलिस ने आरोपी के घर से एक प्रिंटर, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी जब्त किया है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुजल को ये नकली राशन कार्ड बनाने का ऑर्डर कौन देता था, उसने अब तक कितने कार्ड बनाए और इसमें उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे. </p>
<p><strong>विदेशी घुसपैठियों से कनेक्शन का शक</strong><br />पुलिस को शक है कि बड़ी संख्या में विदेशी घुसपैठियों ने पहचान के लिए सुजल से नकली राशन कार्ड बनवाए हैं. मुंबई पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47601/a-young-man-arrested-for-making-fake-ration-cards-of</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47601/a-young-man-arrested-for-making-fake-ration-cards-of</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 12:17:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-09t121636.712.jpg"                         length="9768"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : ट्यूशन टीचर के खिलाफ़ 14 साल के लड़के को किसी और की जगह मैथ्स की परीक्षा में बिठाने के आरोप में मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बोरीवली पुलिस ने एक ट्यूशन टीचर के खिलाफ़ 14 साल के लड़के को किसी और की जगह मैथ्स की परीक्षा में बिठाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह परीक्षा मैथ्स टीचर्स एसोसिएशन ने क्लास 5-8 के छात्रों के लिए आयोजित की थी, और यह मामला तब सामने आया जब सोमवार को परीक्षा के दौरान लड़के को नकल करते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसे छोड़ दिया।14 साल के लड़के को फर्जी पहचान पर परीक्षा में बिठाने के आरोप में टीचर पर मामला दर्जएसोसिएशन द्वारा आयोजित मैथ्स प्रोफिशिएंसी परीक्षा सभी स्कूलों के छात्रों के लिए खुली है। छात्र परीक्षा के लिए अप्लाई करते हैं, फीस देते हैं और ऑनलाइन हॉल टिकट प्राप्त करते हैं और उम्मीदवारों की सूची परीक्षा से दो दिन पहले एसोसिएशन की वेबसाइट पर पब्लिश की जाती है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46261/case-registered-against-mumbai-tuition-teacher-for-making-14-year-old-boy"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/images-(15).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बोरीवली पुलिस ने एक ट्यूशन टीचर के खिलाफ़ 14 साल के लड़के को किसी और की जगह मैथ्स की परीक्षा में बिठाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह परीक्षा मैथ्स टीचर्स एसोसिएशन ने क्लास 5-8 के छात्रों के लिए आयोजित की थी, और यह मामला तब सामने आया जब सोमवार को परीक्षा के दौरान लड़के को नकल करते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसे छोड़ दिया।14 साल के लड़के को फर्जी पहचान पर परीक्षा में बिठाने के आरोप में टीचर पर मामला दर्जएसोसिएशन द्वारा आयोजित मैथ्स प्रोफिशिएंसी परीक्षा सभी स्कूलों के छात्रों के लिए खुली है। छात्र परीक्षा के लिए अप्लाई करते हैं, फीस देते हैं और ऑनलाइन हॉल टिकट प्राप्त करते हैं और उम्मीदवारों की सूची परीक्षा से दो दिन पहले एसोसिएशन की वेबसाइट पर पब्लिश की जाती है।वृंदा महेश ठक्कर (52) – बोरीवली पश्चिम के गोराई में मुंबादेवी विद्यानिकेतन की प्रिंसिपल और एसोसिएशन की सदस्य – द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत के अनुसार, सोमवार को हुई परीक्षा में कुल 139 आवेदक शामिल हुए। सुपरवाइजर ने देखा कि हॉल टिकट के अनुसार काव्या बृजेश इटालिया नाम का एक परीक्षार्थी बार-बार टॉयलेट जा रहा था। कुछ गड़बड़ होने का शक होने पर, उसने जांच की और उसके पास एक मोबाइल फोन मिला।</p>
<p> </p>
<p>उसे यह भी पता चला कि लड़के ने परीक्षा शुरू होने के तुरंत बाद प्रश्न पत्र एक व्हाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट कर दिया था और उसने ठक्कर को इसकी जानकारी दी।जब ठक्कर ने लड़के से पूछताछ की, तो उसने दावा किया कि वह एजुकेशन हब नाम के एक स्कूल से है, और उसने पेपर अपनी बहन को भेजा था। ठक्कर लड़के को पुलिस स्टेशन ले गईं और उससे अपनी मां को फोन करने के लिए कहा। दिव्या अजीत सराय्या नाम की एक महिला पुलिस स्टेशन आई, जिसने खुद को लड़के की मां बताया, लेकिन वह उसका आधार कार्ड नहीं दिखा पाई।</p>
<p>जब पुलिस ने लड़के से फिर से पूछताछ की, तो उसने दावा किया कि उसका असली नाम युग सतीश देसाई है, और सराय्या एजुकेशन हब नाम से ट्यूशन क्लास चलाती है। उसने यह भी दावा किया कि उसने उसे फर्जी नाम से परीक्षा में बैठने का निर्देश दिया था। इसके बाद पुलिस ने सराय्या से पूछताछ की और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 118 (4) (खतरनाक हथियारों या साधनों से जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाना) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।</p>
<p>उन्होंने लड़के के पिता से भी बात की, जिन्होंने बताया कि उनका बेटा उस दिन क्लास जाने की बात कहकर घर से निकला था, और फिर उन्होंने लड़के को छोड़ दिया।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46261/case-registered-against-mumbai-tuition-teacher-for-making-14-year-old-boy</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/46261/case-registered-against-mumbai-tuition-teacher-for-making-14-year-old-boy</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 12:23:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-12/images-%2815%29.jpg"                         length="7766"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : आदित्य ठाकरे ने महायुति सरकार पर बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों से पहले वोटरों को खुश करने के लिए गुमराह करने वाली घोषणाएं करने का आरोप लगाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के असेंबली में यह कहने के पांच दिन बाद कि राज्य पुरानी पगड़ी वाली इमारतों के रीडेवलपमेंट के लिए नियम बनाएगा, और इसे मुंबई को पगड़ी-मुक्त बनाने की दिशा में एक कदम बताया, शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने महायुति सरकार पर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों से पहले वोटरों को खुश करने के लिए गुमराह करने वाली घोषणाएं करने का आरोप लगाया, ताकि बिल्डरों और ज़मीन मालिकों को फायदा पहुंचाया जा सके, जबकि लंबे समय से रहने वाले निवासियों को नुकसान हो।‘</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46226/mumbai-aditya-thackeray-accuses-mahayuti-government-of-making-misleading-announcements"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-16t103154.962.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के असेंबली में यह कहने के पांच दिन बाद कि राज्य पुरानी पगड़ी वाली इमारतों के रीडेवलपमेंट के लिए नियम बनाएगा, और इसे मुंबई को पगड़ी-मुक्त बनाने की दिशा में एक कदम बताया, शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने महायुति सरकार पर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों से पहले वोटरों को खुश करने के लिए गुमराह करने वाली घोषणाएं करने का आरोप लगाया, ताकि बिल्डरों और ज़मीन मालिकों को फायदा पहुंचाया जा सके, जबकि लंबे समय से रहने वाले निवासियों को नुकसान हो।‘</p>
<p> </p>
<p>पगड़ी-मुक्त मुंबई’ निवासियों को बाहर निकालने और बिल्डरों को फायदा पहुंचाने की चाल: आदित्य ठाकरेएक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, ठाकरे ने मुंबईवासियों से "झूठे वादों के झांसे में न आने" का आग्रह किया और दावा किया कि सरकार का असली मकसद आम निवासियों को शहर से बाहर निकालना है। "इन घोषणाओं के पीछे की सच्चाई को समझने की कोशिश करें। वे लोगों को मुंबई से बाहर निकालना चाहते हैं," उन्होंने कहा।पगड़ी सिस्टम आज़ादी से पहले की किरायेदारी की व्यवस्था है जो दक्षिण और मध्य मुंबई में प्रचलित है, जिसके तहत किरायेदार ज़मीन मालिकों को एक बार प्रीमियम देते थे और बदले में, मामूली किराया देकर लगभग स्थायी कब्ज़ा पाते थे। दशकों से, ऐसी इमारतों का रीडेवलपमेंट ज़मीन मालिकों और किरायेदारों के बीच विवादों के कारण रुका हुआ है, जिनमें से कई महाराष्ट्र किराया नियंत्रण अधिनियम के तहत सुरक्षित हैं।शिंदे, जो आवास मंत्रालय (महाराष्ट्र) के प्रमुख भी हैं, ने पगड़ी वाली इमारतों के रीडेवलपमेंट के लिए एक नए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की घोषणा की, इसे एक "ऐतिहासिक फैसला" बताया जो आखिरकार मुंबई को ऐसी संपत्तियों से मुक्त कर देगा। नागरिक चुनावों से ठीक पहले की गई इस घोषणा से हजारों किरायेदारों के प्रभावित होने की उम्मीद है।हालांकि, ठाकरे ने आरोप लगाया कि यह नीति ज़मीन मालिकों और बिल्डरों के पक्ष में है, निवासियों के नहीं।</p>
<p>"बिल्डर और ज़मीन मालिकों को फायदा होगा, लेकिन निवासियों को नहीं," उन्होंने कहा, और मांग की कि पगड़ी वाली इमारतों में किरायेदारों को कानूनी 'कब्जेदार' घोषित किया जाए और उन्हें मज़बूत सुरक्षा दी जाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कौन सा प्राधिकरण - म्हाडा या राज्य सरकार - इस प्रक्रिया की देखरेख करने में सक्षम होगा।उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार के दौरान लिए गए फैसलों को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि एक अध्यादेश पेश किया गया था ताकि अगर मालिक छह महीने के भीतर कार्रवाई करने में विफल रहते हैं तो निवासियों को रीडेवलपमेंट के अधिकार दिए जा सकें। "उस फैसले को अदालत में चुनौती दी गई थी और मामला लंबित है, लेकिन यह पगड़ी की समस्या को हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था," उन्होंने कहा।ठाकरे ने नए फ्रेमवर्क में उस प्रावधान की भी आलोचना की जो निवासियों को रीडेवलपमेंट के बाद समान कारपेट एरिया देने का वादा करता है।<br />उन्होंने पूछा, "जब किसी बिल्डिंग का रीडेवलपमेंट होता है, तो निवासियों को अतिरिक्त जगह क्यों नहीं मिलनी चाहिए?" उन्होंने अपनी मांग दोहराई कि रीडेवलपमेंट के अधिकार सबसे पहले मुंबई के निवासियों के पास होने चाहिए, न कि सिर्फ ज़मीन मालिकों के पास।</p>
<p>राजनीतिक हमला करते हुए, ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को "फेकनाथ माइंधे" कहा और बीजेपी को "बिल्डर जनता पार्टी" बताया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में सरकार की कई घोषणाएं नाकामियों को छिपाने के लिए की गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया, "चाहे वह लाड़की बहिन योजना का फायदा ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,100 करने का वादा हो या किसानों की कर्जमाफी, ये सभी घोषणाएं गुमराह करने वाली थीं।"MVA सरकार के फैसलों को गिनाते हुए, ठाकरे ने कहा कि पिछली सरकार ने पुलिस आवास के लिए ₹600 करोड़ रखे थे और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में रिटायर्ड पुलिस कर्मियों को मालिकाना हक वाले घर देने का फैसला किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46226/mumbai-aditya-thackeray-accuses-mahayuti-government-of-making-misleading-announcements</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/46226/mumbai-aditya-thackeray-accuses-mahayuti-government-of-making-misleading-announcements</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 10:32:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-12/download---2025-12-16t103154.962.jpg"                         length="10544"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        