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                <title>used - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>used RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: अंधेरी इलाके में जेबकतरा गिरोह का पर्दाफाश; पुलिस से बचने के लिए रोजाना बदलने वाले कोड का करते थे इस्तेमाल </title>
                                    <description><![CDATA[<p>अंधेरी इलाके में सक्रिय बताए जा रहे एक कथित जेबकतरा गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य चोरी की वारदातों को अंजाम देने के साथ-साथ पुलिस से बचने के लिए रोजाना बदलने वाले व्हाट्सएप कोड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस के मुताबिक, सामान्य दिखने वाले वाक्य जैसे “चाचा ने सलाम दिया” और “आज मौसम कैसा है?” गिरोह के लिए सुरक्षा संकेत की तरह काम करते थे। इन कोड शब्दों के जरिए यह पता किया जाता था कि कोई सदस्य पुलिस की गिरफ्त में तो नहीं आया है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51307/pickpocket-gang-busted-in-mumbais-andheri-area-they-used-daily"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-12t102242.530.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अंधेरी इलाके में सक्रिय बताए जा रहे एक कथित जेबकतरा गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य चोरी की वारदातों को अंजाम देने के साथ-साथ पुलिस से बचने के लिए रोजाना बदलने वाले व्हाट्सएप कोड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस के मुताबिक, सामान्य दिखने वाले वाक्य जैसे “चाचा ने सलाम दिया” और “आज मौसम कैसा है?” गिरोह के लिए सुरक्षा संकेत की तरह काम करते थे। इन कोड शब्दों के जरिए यह पता किया जाता था कि कोई सदस्य पुलिस की गिरफ्त में तो नहीं आया है। </p>
<p> </p>
<p>एमआईडीसी पुलिस स्टेशन की टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच की कमान डीसीपी वेस्ट जोन-3 दत्ता नलवडे के नेतृत्व में आगे बढ़ाई गई। पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना हर सुबह व्हाट्सएप के जरिए अपने साथियों से संपर्क करता था। बातचीत के दौरान किसी सामान्य सवाल या वाक्य के जरिए उस दिन का कोड इस्तेमाल किया जाता था। इसका मकसद चोरी की जगह या शिकार की जानकारी देना नहीं, बल्कि गिरोह के सदस्यों की सुरक्षा की पुष्टि करना था।</p>
<p>पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह के लिए हर दिन नया कोड तय किया जाता था। जब सभी सदस्यों से सही जवाब मिल जाता था, तभी यह माना जाता था कि गिरोह का कोई सदस्य पुलिस के हाथ नहीं लगा है। इसके बाद बस रूट और मिलने की जगह जैसी जानकारी तय की जाती थी। पुलिस का कहना है कि यह तरीका गिरोह को आपसी संपर्क बनाए रखने और संभावित पुलिस कार्रवाई से बचने में मदद करता था। अंधेरी में गिरोह के दो सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर बाकी सदस्यों ने अपना ठिकाना बदल लिया और नवी मुंबई के जुईनगर इलाके में चले गए। पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए जांच आगे बढ़ाई और गिरोह के नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया।</p>
<p>कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के पास से 135 महंगे स्मार्टफोन बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल फोन की कीमत करीब 90 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक बताई जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में फोन मिलने के बाद पुलिस को शक है कि गिरोह लंबे समय से मोबाइल चोरी की वारदातों में सक्रिय था। अब बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों का पता लगाने और चोरी की घटनाओं से उनका संबंध जोड़ने की कोशिश की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51307/pickpocket-gang-busted-in-mumbais-andheri-area-they-used-daily</link>
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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:24:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बिना OTP के 10 करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई में 'बॉस स्कैम' का भंडाफोड़, ऐसे मिटाते थे सबूत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइबर ठगों ने अब लोगों को लूटने का एक नया और हाईटेक तरीका निकाल लिया है. मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे ही इंटरस्टेट साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने देश की एक बड़ी कंपनी को 10 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया. मुंबई पुलिस ने इस नए साइबर फ्रॉड को “बॉस स्कैम” नाम दिया है. इस मामले में दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन (क्राइम ब्रांच) ने कार्रवाई करते हुए 3 राज्यों से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश अभी जारी है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50866/mumbai-fraud-of-rs-10-crore-without-otp-boss-scam"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/istock-157619625-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>साइबर ठगों ने अब लोगों को लूटने का एक नया और हाईटेक तरीका निकाल लिया है. मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे ही इंटरस्टेट साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने देश की एक बड़ी कंपनी को 10 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया. मुंबई पुलिस ने इस नए साइबर फ्रॉड को “बॉस स्कैम” नाम दिया है. इस मामले में दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन (क्राइम ब्रांच) ने कार्रवाई करते हुए 3 राज्यों से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश अभी जारी है.</p>
<p> </p>
<p>सायबर सेल के डीसीपी बजरंग बनसोड़े ने बताया कि इस ठगी की सबसे खास बात यह थी कि इसमें शिकार को न तो कोई फिशिंग लिंक भेजा गया, न ही OTP या बैंकिंग डिटेल मांगी गई. ठगों ने सिर्फ 'भरोसे' को अपना हथियार बनाया. ठगों ने कंपनी के डायरेक्टर की फोटो लगाकर एक फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाया. इस नंबर से कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी को मैसेज भेजा गया, जिसमें लिखा था कि 'डायरेक्टर' एक अहम मीटिंग में व्यस्त हैं और कुछ बेहद जरूरी भुगतान तत्काल प्रभाव से करने हैं.</p>
<p>अधिकारी ने डायरेक्टर का मैसेज समझकर बिना कोई शक किए, अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए. जब तक अधिकारी का संपर्क असली डायरेक्टर से हुआ, तब तक कंपनी के खाते से 10.40 करोड़ रुपये उड़ चुके थे.</p>
<p><strong>3 राज्यों में छापेमारी, 5.63 करोड़ रुपये कराए गए फ्रीज</strong><br />मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और बैंकिंग ट्रेल की बारीकी से जांच की गई. पुलिस ने महाराष्ट्र के जालना, बिहार के सीवान और दिल्ली में एक साथ छापेमारी कर 7 आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए 5 करोड़ 63 लाख 98 हजार रुपये से अधिक की रकम विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज करवा दी है.</p>
<p><strong>सोना खरीदकर मिटाते थे मनी ट्रेल</strong><br />जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य ठगी की रकम को ट्रेस होने से बचाने के लिए उसे कई बैंक खातों में घुमाते थे. इसके बाद, उस रकम से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और महाराष्ट्र के कई नामी ज्वेलर्स से सोना खरीदा जाता था, ताकि मनी ट्रेल को पूरी तरह खत्म किया जा सके. पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड समेत कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं.</p>
<p><strong>पुलिस की कंपनियों से अपील</strong><br />पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क बहुत बड़ा है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इसी "बॉस स्कैम" के जरिए अन्य कंपनियों को भी निशाना बनाया गया है. मुंबई पुलिस ने अपील की है कि किसी भी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से आने वाले वित्तीय लेन-देन या भुगतान संबंधी निर्देशों की कॉल करके पुष्टि जरूर करें, बिना पुष्टि के फंड ट्रांसफर न करें.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 11:57:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : एटीएम से पैसे निकालते समय रहें सावधान! मुंबई में सामने आया चोरी का नया तरीका, ऐसे फंसाते थे कैश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एटीएम से पैसे निकालते समय सावधान हो जाइए। मुंबई की भांडुप पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो एटीएम मशीन के कैश स्लॉट यानी जहां से पैसे निकलते हैं, पर प्लास्टिक या फाइबर की पट्टी (शीट) लगाकर ग्राहकों के पैसे फंसा देता था और बाद में उसे चुरा लेता था। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस गिरोह में शामिल दो महिलाओं को भी जांच के दायरे में लिया गया है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50834/be-careful-while-withdrawing-money-from-mumbai-atm-a-new"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-19t112425.488.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एटीएम से पैसे निकालते समय सावधान हो जाइए। मुंबई की भांडुप पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो एटीएम मशीन के कैश स्लॉट यानी जहां से पैसे निकलते हैं, पर प्लास्टिक या फाइबर की पट्टी (शीट) लगाकर ग्राहकों के पैसे फंसा देता था और बाद में उसे चुरा लेता था। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस गिरोह में शामिल दो महिलाओं को भी जांच के दायरे में लिया गया है। </p>
<p> </p>
<p><strong>ऐसे हुआ गिरोह का भंडाफोड़</strong><br />यह पूरा मामला तब सामने आया जब बैंक ऑफ बड़ौदा (भांडुप शाखा) की शाखा प्रबंधक रीचा अरुण श्रीवास्तव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि भांडुप के सचदेव कॉम्प्लेक्स स्थित बैंक के एटीएम में कुछ अज्ञात बदमाशों ने मशीन के कैश स्लॉट के साथ छेड़छाड़ की थी। </p>
<p><strong>कैसे देते थे वारदात को अंजाम?</strong><br />आरोपी एटीएम के कैश स्लॉट पर प्लास्टिक की एक बारीक पट्टी चिपका देते थे। जब कोई ग्राहक पैसे निकालने आता, तो उसके खाते से पैसे कट जाते थे, लेकिन पट्टी लगी होने के कारण नकदी बाहर नहीं आ पाती थी। ग्राहक को लगता था कि कोई तकनीकी खराबी है और वह चला जाता था। जैसे ही ग्राहक वहां से हटता, आरोपी तुरंत एटीएम के अंदर जाकर पट्टी हटाते और फंसा हुआ कैश लेकर फरार हो जाते थे। बैंक को इस तरह की लगातार 5 शिकायतें मिली थीं।</p>
<p>शिकायत मिलने के बाद भांडुप पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एटीएम केंद्र के पिछले दो दिनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में साफ दिखा कि आरोपी पहले आकर मशीन में प्लास्टिक की पट्टी लगाते हैं और फिर ग्राहकों के जाने के बाद पैसे निकाल लेते हैं। जांच में दो पुरुषों और दो महिलाओं की सक्रिय भूमिका सामने आई। </p>
<p><strong>मुख्य आरोपी गिरफ्तार, माल बरामद</strong><br />पुलिस ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी मोहम्मद जियाद उर्फ अयान इरशाद अहमद (उम्र 21 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह में शामिल दो महिलाओं की संलिप्तता का भी खुलासा हुआ है, जिन्हें पुलिस ने नोटिस जारी कर जांच में शामिल किया गया है। </p>
<p>पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 80 हजार रुपये की मोटरसाइकिल, प्लास्टिक की पट्टी, ओप्पो मोबाइल फोन और 39,500 रुपये की नकदी बरामद की है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 1.29 लाख रुपये है। मामले में आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50834/be-careful-while-withdrawing-money-from-mumbai-atm-a-new</link>
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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 11:25:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई पुलिस ने साइबर ठगों का सर्वर हैक किया: 1.24 करोड़ SMS का रिकॉर्ड मिला, फर्जी APK फाइल से करते थे हैकिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने फर्जी एपीके (एप्लीकेशन पैकेज किट) फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक करके ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस के हाथ जो सबसे हैरान करने वाली जानकारी लगी है, वह यह है कि आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS मैसेजेस का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस ने इस मामले में फर्जी ऐप बनाने वाले, उन्हें लिंक के जरिए बांटने वाले और लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले कुल छह आरोपियों को झारखंड, बिहार और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50398/mumbai-police-hacked-the-server-of-cyber-thugs-found-records"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/images---2026-06-26t110005.421.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने फर्जी एपीके (एप्लीकेशन पैकेज किट) फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक करके ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस के हाथ जो सबसे हैरान करने वाली जानकारी लगी है, वह यह है कि आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS मैसेजेस का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस ने इस मामले में फर्जी ऐप बनाने वाले, उन्हें लिंक के जरिए बांटने वाले और लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले कुल छह आरोपियों को झारखंड, बिहार और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आरिफ अस्तुन अंसारी, शेख बेलाल नौशाद, महबूब नौशाद आलम, साजिद मन्सूर अली, मोहन कुशल महतो और सुनील कुमार दशरथ सोरेन के रूप में हुई है।</p>
<p> </p>
<p><strong>फर्जी फाइल इंस्टॉल करा लूटते थे पैसा</strong><br />डीसीपी बजरंग बनसोडे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की यह कार्रवाई एक पीड़ित की शिकायत के बाद शुरू हुई थी। पीड़ित को महानगर गैस लिमिटेड के नाम से एक फर्जी मैसेज भेजा गया था और उसके मोबाइल में एक फर्जी फाइल इंस्टॉल करने के लिए मजबूर किया गया। इस फर्जी एप के जरिए हैकर्स ने पीड़ित के मोबाइल से बैंक की गोपनीय जानकारी चुराई और 2 लाख 35 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया। साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन की गई, जिसके जरिए आरोपियों का सुराग लगा।  </p>
<p>मुंबई पुलिस की साइबर शाखा ने फर्जी APK फाइल के जरिए ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS रिकॉर्ड मिले। झारखंड, बिहार और दिल्ली से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो फर्जी ऐप बनाकर लोगों के मोबाइल हैक करते थे। <br />मुंबई पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने फर्जी एपीके (एप्लीकेशन पैकेज किट) फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक करके ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस के हाथ जो सबसे हैरान करने वाली जानकारी लगी है, वह यह है कि आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS मैसेजेस का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस ने इस मामले में फर्जी ऐप बनाने वाले, उन्हें लिंक के जरिए बांटने वाले और लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले कुल छह आरोपियों को झारखंड, बिहार और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आरिफ अस्तुन अंसारी, शेख बेलाल नौशाद, महबूब नौशाद आलम, साजिद मन्सूर अली, मोहन कुशल महतो और सुनील कुमार दशरथ सोरेन के रूप में हुई है।</p>
<p><strong>फर्जी फाइल इंस्टॉल करा लूटते थे पैसा</strong><br />डीसीपी बजरंग बनसोडे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की यह कार्रवाई एक पीड़ित की शिकायत के बाद शुरू हुई थी। पीड़ित को महानगर गैस लिमिटेड के नाम से एक फर्जी मैसेज भेजा गया था और उसके मोबाइल में एक फर्जी फाइल इंस्टॉल करने के लिए मजबूर किया गया। इस फर्जी एप के जरिए हैकर्स ने पीड़ित के मोबाइल से बैंक की गोपनीय जानकारी चुराई और 2 लाख 35 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया। साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन की गई, जिसके जरिए आरोपियों का सुराग लगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50398/mumbai-police-hacked-the-server-of-cyber-thugs-found-records</link>
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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 11:01:19 +0530</pubDate>
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