<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/10255/prepares" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani RSS Feed Generator</generator>
                <title>prepares - Rokthok Lekhani</title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/10255/rss</link>
                <description>prepares RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : BEST का बड़ा फैसला, 500 छोटी CNG मिडी बसें खरीदने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भांडुप क्षेत्र में हाल ही में लंबी इलेक्ट्रिक बसों से जुड़े दो हादसों के बाद BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) अंडरटेकिंग ने अपने बस बेड़े में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। पूर्वी उपनगरों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और संचालन संबंधी दिक्कतों को देखते हुए अब छोटी 9-मीटर CNG मिडी बसों को फिर से शुरू किया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49381/after-the-mumbai-bhandup-accidents-best-takes-a-big-decision"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t123726.801.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भांडुप क्षेत्र में हाल ही में लंबी इलेक्ट्रिक बसों से जुड़े दो हादसों के बाद BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) अंडरटेकिंग ने अपने बस बेड़े में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। पूर्वी उपनगरों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और संचालन संबंधी दिक्कतों को देखते हुए अब छोटी 9-मीटर CNG मिडी बसों को फिर से शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, BEST ने एक नए प्रस्ताव के तहत 500 एयर-कंडीशंड (AC) CNG मिडी बसें खरीदने की योजना बनाई है। इन बसों को विशेष रूप से भांडुप, पवई, विक्रोली और कांजुरमार्ग जैसे इलाकों में चलाने की तैयारी है, जहां सड़कें संकरी, ढलान वाली और जटिल हैं। इन क्षेत्रों में 12-मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसों को पहले से ही संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।</p>
<p> </p>
<p>यह फैसला हाल ही में हुई एक घटना के बाद लिया गया है, जिसमें एक खड़ी इलेक्ट्रिक बस पीछे की ओर लुढ़क गई थी और सड़क किनारे एक बूथ से टकरा गई थी। प्रारंभिक जांच में इस दुर्घटना का कारण ड्राइवर की लापरवाही बताया गया, जिसमें कहा गया कि बस में हैंडब्रेक नहीं लगाया गया था। हालांकि BEST के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह समस्या केवल मानवीय त्रुटि तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े वाहनों के लिए क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी एक बड़ी चुनौती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रूट 605 और 606 जैसे मार्ग, जहां भीड़ और ढलान अधिक है, वहां लंबी बसों का संचालन जोखिम भरा साबित हो रहा है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, ऐसे क्षेत्रों के लिए छोटी बसें अधिक उपयुक्त हैं क्योंकि वे संकरी सड़कों पर बेहतर तरीके से चल सकती हैं और मोड़ लेने में भी अधिक सुरक्षित होती हैं। इसी वजह से CNG मिडी बसों को फिर से शामिल करने का निर्णय लिया गया है। पहले इस परियोजना के तहत करीब 200 मिडी बसें जोड़ने की योजना थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 500 बसों तक कर दिया गया है। यह विस्तार इसलिए किया गया है ताकि मुंबई में चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट्स के साथ बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>BEST का कहना है कि शहर में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, कुशल और यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है। नई बसें न केवल दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करेंगी, बल्कि उन इलाकों में भी बेहतर सेवा प्रदान करेंगी जहां बड़े वाहन पहुंचने में कठिनाई महसूस करते हैं। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में बस रूटों का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि हर क्षेत्र के हिसाब से उपयुक्त बसें चलाई जा सकें। इसके साथ ही ड्राइवर प्रशिक्षण और सुरक्षा मानकों को भी और मजबूत किया जाएगा। कुल मिलाकर, भांडुप हादसों के बाद लिया गया यह निर्णय मुंबई के उपनगरीय इलाकों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49381/after-the-mumbai-bhandup-accidents-best-takes-a-big-decision</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49381/after-the-mumbai-bhandup-accidents-best-takes-a-big-decision</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:35:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-22t123726.801.jpg"                         length="9966"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओमायक्रॉन के सब वैरिएंट बीएफ.७ के रूप में नया संकट!, मनपा महामारी से लड़ने के लिए तैयार...</title>
                                    <description><![CDATA[नए साल के आने से पहले ही दुनिया में ओमायक्रॉन के सब वैरिएंट बीएफ.७ के रूप में नया संकट सामने आया है। इस खतरे को भांपते हुए हिंदुस्थान में पहले ही सतर्क रहने की चेतावनी दी जा चुकी है, जिसे गंभीरता से लेते हुए मुंबई मनपा ने महामारी से लड़ने के लिए कमर कसते हुए प्रभावी उपायों और तैयारियों को पूरा कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/16320/new-crisis-in-the-form-of-omicron-s-sub-variant-bf-7--municipal-corporation-prepares-to-fight-the-epidemic"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-12/download-(2)15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>नए साल के आने से पहले ही दुनिया में ओमायक्रॉन के सब वैरिएंट बीएफ.७ के रूप में नया संकट सामने आया है। इस खतरे को भांपते हुए हिंदुस्थान में पहले ही सतर्क रहने की चेतावनी दी जा चुकी है, जिसे गंभीरता से लेते हुए मुंबई मनपा ने महामारी से लड़ने के लिए कमर कसते हुए प्रभावी उपायों और तैयारियों को पूरा कर लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ जिस तरह की तैयारियां की गई हैं, उससे स्वास्थ्य विभाग ने अनुमान लगाया है कि महामारी का नया संकट विकट नहीं होने पाएगा। हालांकि यह जरूर सलाह दी गई है कि मुंबईकर भी इस संकट को गंभीरता से लें और कोरोना नियमों का पालन करते हुए सावधानी बरतें।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि चीन, जापान, अमेरिका समेत दुनियाभर के कई देशों में एक बार फिर कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है। कोविड के खतरे को देखते हुए केंद्र, राज्य सरकार के साथ ही मुंबई मनपा भी सतर्क है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से लोगों से कोविड प्रोटोकॉल फॉलो करने की अपील की गई है। इसके अलावा जिन लोगों ने बूस्टर डोज अभी तक नहीं ली है उनसे बूस्टर डोज लेने के लिए कहा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि देश में पिछले ८ महीने से लगातार कोरोना के केस में कमी आ रही है, जिसकी वजह देश के चार राज्य मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा और सभी केंद्र शासित प्रदेश कोरोना मुक्त हो गए हैं। यहां पर पिछले कई दिनों से कोरोना संक्रमण का कोई मरीज सामने नहीं आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर कोरोना संक्रमण के पॉजिटिविटी रेट की बात करें तो देश में संक्रमण दर ०.१४ प्रतिशत है, जो भारत के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। इसके अलावा देश में वैक्सीनेशन का आंकड़ा भी २२० करोड़ के पार हो गया है। कोरोना संकट के बीच मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य सचिव ने राज्य सरकारों को चिट्ठी लिखी है। स्वास्थ्य सचिव ने पत्र में राज्यों से वेंटिलेटर और ऑक्सीजन मशीनें दुरुस्त करने को कहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच शनिवार से एयरपोर्ट पर रैंडम टेस्टिंग की शुरुआत भी हो गई है। जिन यात्रियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी और उनको क्वॉरंटीन भी किया जाएगा। कोरोना के सब वैरिएंट बीएफ.७ के कारण पड़ोसी देश चीन में हाहाकार मचा हुआ है। कोरोना वायरस संकट के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि विदेश से आए यात्रियों को ट्रैक किया जाएगा। यात्रियों को आरटी-पीसीआर रिपोर्ट देनी होगी। एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच जानकारी सामने आ रही है कि देश के विभिन्न राज्यों के वैक्सीनेशन सेंटरों पर बूस्टर डोज लेने वालों की भीड़ लग रही है। ज्यादातर लोग कोरोना वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज लेने के बाद बूस्टर डोज लेने में कोताही बरत रहे थे, लेकिन कोरोना संक्रमण बढ़ने की तमाम आशंकाओं को देखते हुए अब वैक्सीन सेंटर पर पहुंच लोग बूस्टर डोज लगवा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मनपा के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सेव्हन हिल्स अस्पताल में १,७०० बेड और कस्तूरबा में ३५ बेड का प्रबंध है। इसी तरह चार सरकारी अस्पतालों कामा में १००, सेंट जॉर्ज में ७०, टाटा में १६, जगजीवन राम में १२ और निजी अस्पतालों में ८७१ बेड हैं। पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड उपलब्ध हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन सभी अस्पतालों में मरीजों की भर्ती का प्रबंधन वॉर्ड वॉर रूम द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही मनपा के २४ वॉर्डों में वॉर्ड रूम लगातार कार्यरत रहेंगे। नागरिक किसी भी समय संपर्क कर सकेंगे। बताया गया है कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन, ड्यूरा सिलिंडर और पीसीए टैंक के स्वरूप में पर्याप्त ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/16320/new-crisis-in-the-form-of-omicron-s-sub-variant-bf-7--municipal-corporation-prepares-to-fight-the-epidemic</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/16320/new-crisis-in-the-form-of-omicron-s-sub-variant-bf-7--municipal-corporation-prepares-to-fight-the-epidemic</guid>
                <pubDate>Sun, 25 Dec 2022 11:44:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2022-12/download-%282%2915.jpg"                         length="9996"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        