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                <title>when - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मथुरा : लापता लड़की को ढूंढने के लिए पुलिस अफसर ने मथुरा में भगवान कृष्ण से लगाई गुहार, आंखें खोलीं तो पास ही खड़ी मिली बच्ची</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में मुंबई के बोरीवली से लापता हुई 13 साल की एक बच्ची को पुलिस ने 3 दिन की कड़ी तलाश के बाद उत्तर प्रदेश के मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस मामले का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि बच्ची की तलाश कर रहे मुंबई पुलिस अधिकारी पीएसआई सुरेंद्र लोखंडे ने एक मंदिर में भगवान कृष्ण के सामने मदद की प्रार्थना की और कुछ ही क्षण बाद बच्ची उन्हें अपने पास खड़ी दिखाई दी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51711/mumbai-police-officer-appealed-to-lord-krishna-in-mathura-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/mathura-missing-girl-112889-humonw2y.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र में मुंबई के बोरीवली से लापता हुई 13 साल की एक बच्ची को पुलिस ने 3 दिन की कड़ी तलाश के बाद उत्तर प्रदेश के मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस मामले का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि बच्ची की तलाश कर रहे मुंबई पुलिस अधिकारी पीएसआई सुरेंद्र लोखंडे ने एक मंदिर में भगवान कृष्ण के सामने मदद की प्रार्थना की और कुछ ही क्षण बाद बच्ची उन्हें अपने पास खड़ी दिखाई दी।</p>
<p> </p>
<p><strong>बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी नाबालिग</strong><br />बोरीवली पुलिस की सीनियर पीई पुष्पलता मंडले ने बताया कि बच्ची 22 अगस्त को गोरेगांव स्थित अपने घर से बिना किसी को बताए निकल गई थी। परिवार की शिकायत के बाद बोरीवली पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस ने बच्ची और उसकी मां के मोबाइल फोन से जुड़े सुरागों के साथ-साथ सीसीटीव्ही फुटेज की भी जांच की।</p>
<p><strong>नाबालिग श्रीकृष्ण और राधा के मंदिरों में घूम रही थी</strong><br />जांच में सामने आया कि बच्ची ऑटो से बोरीवली रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां से गोल्डन टेंपल मेल ट्रेन में सवार होकर मथुरा चली गई। मथुरा पहुंचने के बाद उसने भगवान कृष्ण और राधा से जुड़े धार्मिक स्थलों का रुख किया।<br /><strong>बच्ची को ढूंढते-ढूंढते थक गए थे पुलिसकर्मी</strong><br />पुलिस टीम ने मथुरा और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। टीम ने वृंदावन, निधिवन, घाटों, बरसाना और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बच्ची को खोजा। तीन दिन तक लगातार तलाश के बाद पुलिस अधिकारी काफी थक चुके थे।</p>
<p><strong>ट्रेन के लिए मुंबई वापस लाई गई बच्ची</strong><br />इसी दौरान,अधिकारी ने एक मंदिर में रुककर भगवान कृष्ण से बच्ची को खोजने में मदद की प्रार्थना की। प्रार्थना के बाद जब उन्होंने आंखें खोलीं तो उनके सामने वही 13 वर्षीय बच्ची खड़ी थी, जिसकी पुलिस पिछले तीन दिनों से तलाश कर रही थी। पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और बाद में ट्रेन के जरिए उसे मुंबई वापस लाया गया। बच्ची के सकुशल मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।</p>
<p><strong>मथुरा और आसपास के इलाकों में की तलाश</strong><br />मुंबई पुलिस की टीम ने मथुरा के साथ-साथ वृंदावन, निधिवन, बरसाना और अन्य धार्मिक स्थलों पर बच्ची को तलाशा। मंदिरों, आश्रमों, धर्मशालाओं, घाटों और रेलवे मार्गों के अलावा सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई। पुलिस ने श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई।</p>
<p><strong>पीएसआई ने श्रीकृष्ण की मूर्ति के सामने की प्रार्थना</strong><br />पीएसआई सुरेंद्र लोखंडे के मुताबिक, तीन दिन की लगातार तलाश के बावजूद बच्ची का कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल रहा था। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण तलाशी अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया था। पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर को तलाश के दौरान पीएसआई लोखंडे बरसाना के राधा रानी मंदिर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने वहां भगवान कृष्ण की मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर बच्ची को खोजने में मदद की प्रार्थना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:21:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जालना : महाराष्ट्र सरकार ने किया अवॉइड तो अनशन कर रहे मनोज जरांगे भड़के, मराठा कोटा मांग लेकर मुंबई मार्च की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। वह अपनी इस मांग पर अड़े रहे कि सभी मराठों को कुनबी जाति के प्रमाणपत्र दिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर महाराष्ट्र सरकार ने उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो वह मुंबई तक मार्च करेंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51615/when-maharashtra-government-avoided-jalna-manoj-jarange-got-angry-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-27t103316.4481.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जालना : </strong>सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। वह अपनी इस मांग पर अड़े रहे कि सभी मराठों को कुनबी जाति के प्रमाणपत्र दिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर महाराष्ट्र सरकार ने उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो वह मुंबई तक मार्च करेंगे। जरांगे ने शनिवार को जालना जिले के अपने पैतृक गांव अंतरवाली सराटी में मराठा आरक्षण से जुड़ी मांगों को लेकर अपना 11वां अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया। उनके आंदोलन के समर्थन में समुदाय के हजारों लोग वहां जुटे हैं। जरांगे की मांग है कि पात्र मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए।</p>
<p> </p>
<p>कुनबी एक कृषक समुदाय है, जिसे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है। बातचीत में जरांगे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को सभी मराठों को कुनबी घोषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वह मुंबई तक मार्च करेंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में मराठा समुदाय की कोर कमेटी की बैठक 12 सितंबर को अंतरवाली सराटी में होगी, जिसमें मुंबई में भूख हड़ताल करने को लेकर फैसला लिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 12:42:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> मीरा रोड में बाल-बाल बचे चार लोग, तेज रफ्तार एसयूवी ने सड़क किनारे खड़े लोगों को मारी टक्कर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में हिट-एंड-रन की एक खतरनाक घटना सामने आई है, जिसने सड़क सुरक्षा और पैदल चलने वालों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जेपी बैक रोड इलाके के पास सड़क किनारे खड़े चार लोग एक तेज रफ्तार एसयूवी की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। घटना इतनी भयावह थी कि कुछ सेकंड के अंतर से बड़ा हादसा टल गया। पूरी घटना एक अन्य वाहन के डैशकैम में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने लापरवाह ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51448/four-people-narrowly-escaped-in-mira-road-when-a-speeding"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/mumbai-hit-and-run.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मीरा रोड: </strong>मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में हिट-एंड-रन की एक खतरनाक घटना सामने आई है, जिसने सड़क सुरक्षा और पैदल चलने वालों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जेपी बैक रोड इलाके के पास सड़क किनारे खड़े चार लोग एक तेज रफ्तार एसयूवी की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। घटना इतनी भयावह थी कि कुछ सेकंड के अंतर से बड़ा हादसा टल गया। पूरी घटना एक अन्य वाहन के डैशकैम में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने लापरवाह ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।</p>
<p> </p>
<p>सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क किनारे कुछ लोग खड़े हुए थे। इसी दौरान अचानक एक एसयूवी तेज गति से उनकी ओर आती दिखाई देती है। वाहन इतनी तेजी से उनके करीब पहुंचता है कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। वीडियो में दिखाई देता है कि एसयूवी सड़क किनारे खड़े लोगों के बेहद करीब से निकलती है। हालांकि, किसी तरह चारों लोग सुरक्षित बच जाते हैं और एक बड़ा हादसा होने से टल जाता है।<br />इस घटना का वीडियो इंस्टाग्राम कम्युनिटी पेज ‘जेम्सऑफएमबीएमसी’ की ओर से साझा किया गया है। फुटेज में दिख रहे टाइमस्टैम्प के अनुसार, यह घटना सोमवार शाम की बताई जा रही है। सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि शहर और उपनगरों में तेज रफ्तार वाहन चलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे पैदल यात्रियों और सड़क किनारे खड़े लोगों की जान खतरे में रहती है।</p>
<p>मीरा रोड जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यातायात नियमों का पालन और तेज गति पर नियंत्रण बेहद जरूरी हो गया है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे क्षेत्रों में ट्रैफिक निगरानी बढ़ाई जाए और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। हिट-एंड-रन मामलों में बढ़ती चिंता मुंबई महानगर क्षेत्र में हिट-एंड-रन की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। इनमें अक्सर तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना और यातायात नियमों की अनदेखी प्रमुख कारण बताए जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51448/four-people-narrowly-escaped-in-mira-road-when-a-speeding</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 12:06:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: जब असम की कीचड़ से सनी सड़कों पर बिस्तर उठाकर चले मुंबई के ये सोशल वर्कर, बाढ़ पीड़ितों ने पैर छूकर लगाया गले</title>
                                    <description><![CDATA[<p>असम के कई इलाके इन दिनों भयानक बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे हैं. चारों तरफ सिर्फ पानी-पानी और कीचड़ लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है. हजारों परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं. ऐसे समय में जब लोगों के पास सोने तक की सही जगह नहीं बची थी, मुंबई के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और सोशल वर्कर हुसैन मंसूरी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे. उन्होंने रिलीफ कैंप और वाटर लॉगिंग वाले गांवों का रुख किया, ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा सके.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51138/when-these-social-workers-of-mumbai-walked-on-the-mud"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/7l4ernvc_ju_625x300_05_august_26.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>असम के कई इलाके इन दिनों भयानक बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे हैं. चारों तरफ सिर्फ पानी-पानी और कीचड़ लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है. हजारों परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं. ऐसे समय में जब लोगों के पास सोने तक की सही जगह नहीं बची थी, मुंबई के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और सोशल वर्कर हुसैन मंसूरी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे. उन्होंने रिलीफ कैंप और वाटर लॉगिंग वाले गांवों का रुख किया, ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा सके. घुटनों तक भरे कीचड़ और फिसलन की परवाह किए बिना ये टीम पीड़ित परिवारों तक सोने के लिए बिस्तर और गद्दे पहुंचा रही है. </p>
<p> </p>
<p><strong>कीचड़ और पानी के बीच जब मदद की उम्मीद भी टूटने लगी </strong><br />हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में हुसैन और उनकी साथी टीम भारी लकड़ी के बेड उठाकर कीचड़ भरे रास्तों से गुजरते दिख रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि, रास्ता इतना फिसलन भरा था कि एक पल को हुसैन का बैलेंस बिगड़ा और वो गिरने ही वाले थे, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और अपना कदम पीछे नहीं खींचा. गांव-गांव जाकर टीम ने न सिर्फ पलंग लगाए, बल्कि उन पर साफ मैट और गद्दे भी बिछाकर दिए. ताकि लोगों को जमीन पर न सोना पड़े. जब बेघर हो चुके लोगों को सूखा बिस्तर मिला, तो कई बुजुर्गों और महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया. राहत भरी मदद मिलने की खुशी में कुछ लोगों ने हुसैन को गले से लगा लिया, तो इमोशनल होते हुए कई लोगों ने उनके पैर छूकर दुआएं दीं.</p>
<p>हुसैन ने ये वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट 'iamhussainmansuri' पर शेयर किया है, जो जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इमोशनल हो रहे हैं. असम में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है. इस तबाही में कई लोग अपनी गंवा चुके हैं. असम के शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. राज्य सरकार भी एक्शन मोड में है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रभावित परिवारों को 75 हजार रुपये की अंतरिम सहायता देनी शुरू कर दी है. फिलहाल प्रशासन 54 रिलीफ कैंपों के जरिए 13,700 से ज्यादा लोगों को खाना और आश्रय मुहैया करा रहा है.</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 11:21:09 +0530</pubDate>
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