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                <title>everyone - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>everyone RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मथुरा : कभी मुंबई पुलिस की मुखबिर थी, आज बन गई जासूस'; मीरा ठाकुर के पति ने खाेले ऐसे राज जिसे सुनकर हर कोई हैरान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जासूसी करने के आरोप में कौशांबी पुलिस द्वारा पकड़ी गई मीरा प्रजापति उर्फ मीरा ठाकुर उर्फ हरिया के पति ने चौंकाने वाली जानकारी दी है। माना जा रहा है कि मीरा मुंबई पुलिस की मुखबिर थी। पति का कहना है कि मुंबई के दो युवकों के संपर्क में मीरा कई वर्षों से थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48674/mathura-was-once-an-informer-of-mumbai-police-today-she"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-24t123912.955.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मथुरा : </strong>जासूसी करने के आरोप में कौशांबी पुलिस द्वारा पकड़ी गई मीरा प्रजापति उर्फ मीरा ठाकुर उर्फ हरिया के पति ने चौंकाने वाली जानकारी दी है। माना जा रहा है कि मीरा मुंबई पुलिस की मुखबिर थी। पति का कहना है कि मुंबई के दो युवकों के संपर्क में मीरा कई वर्षों से थी। उनके दोनों युवकों के साथ मीरा के फोटो भी उनके पास हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि वह जासूसी गिरोह में इन्हीं दोनों युवकों के संपर्क में आई है।   </p>
<p> </p>
<p><strong>मीरा के पति ने कहा, दोनों युवकों के साथ हैं मीरा के फोटो</strong><br />मीरा के पति मुकेश हलवाई का काम करते हैं। जागरण से फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि मीरा से उनका कई वर्षों से विवाद चल रहा है। पहले मुकेश की मां उनके साथ रहती थी। उन पर दो बार मीरा ने जानलेवा हमला कराया। बाहरी युवकों से मुकेश की भी पिटाई कराई। इससे परेशान होकर पहले भी मुकेश ने घर छोड़ दिया था। इधर भी वह मीरा से काफी समय से अलग रह रहे हैं।</p>
<p><strong>अपनी सास पर भी मीरा ने दो बार किया था हमला, पति रहने लगा अलग</strong><br />वह बताते हैं कि मीरा शराब और जुएं की लती है। अक्सर नशे में उसके साथ मारपीट करती थी। मुकेश का दावा है कि मुंबई के दो युवक मीरा के संपर्क में कई वर्षों से थे। उन लोगों ने कई बार मीरा को कीमती तोहफे भी दिए। फोटो भी उन युवकों के साथ हैं। मुकेश का दावा है कि मीरा कई बार मुंबई गई है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि मीरा इन्हीं दोनों युवकों के जरिए पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह से जुड़ी है। अगर पति मुकेश के दावे सही हैं तो मीरा बड़े गिरोह की सरगना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 12:39:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र में हिंदी सब को आती है... यहां भाषा के आधार पर प्रांत की रचना हुई है -  उद्धव ठाकरे </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को लागू करने को लेकर उद्धव ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''हम चुप नहीं बैठेंगे. मुख्यमंत्री को जाहिर करना चाहिए कि हमारे राज्य में हिंदी लागू नहीं होगी. अब अच्छा चल रहा है, हमारा हिंदी फिल्म इंड्रस्टी का विरोध नहीं. कलाकार यहां लोकप्रिय होते हैं. देश में एक ही पक्ष रखने का उनका प्रयास है. यह भाषाई आपातकाल है. हम सख्ती स्वीकार नहीं करेंगे, हिंदी सब को आती है. हमारा देश संघ राज्य है, यहां भाषा के आधार पर प्रांत की रचना हुई है.''</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41668/in-maharashtra-hindi-comes-to-all-the-province-has-been"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download-(3)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र : </strong>महाराष्ट्र के स्कूलों में क्लास 1 से 5 तक के छात्रों को हिंदी पढ़ाने के मुद्दे पर जारी विवाद के बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फिर महायुति सरकार को घेरा है. उन्होंने गुरुवार (26 जून) को आरोप लगाया कि बीजेपी भाषा के आधार पर लोगों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है और महाराष्ट्र में भाषाई आपातकाल लगा रही है.</p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को लागू करने को लेकर उद्धव ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''हम चुप नहीं बैठेंगे. मुख्यमंत्री को जाहिर करना चाहिए कि हमारे राज्य में हिंदी लागू नहीं होगी. अब अच्छा चल रहा है, हमारा हिंदी फिल्म इंड्रस्टी का विरोध नहीं. कलाकार यहां लोकप्रिय होते हैं. देश में एक ही पक्ष रखने का उनका प्रयास है. यह भाषाई आपातकाल है. हम सख्ती स्वीकार नहीं करेंगे, हिंदी सब को आती है. हमारा देश संघ राज्य है, यहां भाषा के आधार पर प्रांत की रचना हुई है.''</p>
<p style="text-align:justify;">शिवसेना (UBT) प्रमुख ने आगे कहा, ''मैं मुख्यमंत्री था तब मराठी भाषा सख्ती से लागू थी. तब लोग कोर्ट में गए थे. मराठी रंगभूमि का हॉल बनाया था, लेकिन वो सरकार ने होने नहीं दिया. मैने और अजित दादा ने उद्घाटन किया था.'' उन्होंने ये भी कहा कि हिंदी भाषा की सख्ती होगी नहीं, बीजेपी का छिपा हुआ एजेंडा है. मराठी भाषा की इस लड़ाई में शामिल होने का आह्वान करता हूं. मराठी भाषा कलाकार इसमें शामिल होने चाहिए. बीजेपी में मराठी प्रेमी भी इस आंदोलन में शामिल हैं.''<br /><br />उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, ''त्रिभाषा फॉर्मूला गुजरात में नहीं है. ये तमिलनाडु और कर्नाटक में नहीं है. देश में संघराज पद्धति है. सबकी भाषा है, फिर त्रिसूत्री भाषा की क्या जरूरत है? क्रेडिट स्कोर से जॉब मिलने वाले नहीं हैं.'' <br /><br />फिल्म और संगीत कलाकारों को लेकर उन्होंने कहा, ''राजकपूर मुंबई में बड़े हुए, लता मंगेशकर ने हिंदी गाना गए, किसी को समझ नहीं, ऐसा नहीं है. मराठी मानुष को लड़ाने का काम चल रहा है. 7 जुलाई को मुंबई आजाद मैदान में धरना आंदोलन होगा. शिवसेना इसमें शामिल होगी. हिंदी भाषा विरोधी आंदोलन को लेकर 29 जून को मुंबई में सभा होगी.''</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Jun 2025 21:36:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई ;  किसी के उकसावे में न आएं। मैं सभी से शांति बनाए रखने और देश की प्रगति की दिशा में काम करने की अपील करता हूं - विधायक अबू आज़मी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी ने नागपुर में हुई हिंसा पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जाने जाने वाले शहर में अभूतपूर्व बताया। एक स्व-निर्मित वीडियो में, आज़मी ने एकता और प्रगति पर जोर देते हुए सभी से शांति बनाए रखने और देश के विकास की दिशा में काम करने की अपील की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39095/mumbai-should-not-come-under-the-provocation-of-anyone"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/1741083051653_1741083130269.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई ; </strong>समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी ने नागपुर में हुई हिंसा पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जाने जाने वाले शहर में अभूतपूर्व बताया। एक स्व-निर्मित वीडियो में, आज़मी ने एकता और प्रगति पर जोर देते हुए सभी से शांति बनाए रखने और देश के विकास की दिशा में काम करने की अपील की। ​​समाजवादी पार्टी के विधायक ने कहा, "मुझे खेद है और बहुत दुख है कि नागपुर, जहां हर कोई सद्भाव के साथ रह रहा था, सांप्रदायिक दंगे पहले कभी नहीं हुए, इस बार इतनी बड़ी घटना हुई है।</p>
<p>कई लोग घायल हुए हैं। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि किसी के उकसावे में न आएं। मैं सभी से शांति बनाए रखने और देश की प्रगति की दिशा में काम करने की अपील करता हूं।" इससे पहले आज, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने हिंसा के लिए अबू आज़मी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए एक पूर्व नियोजित हिंसा थी। राणे ने मीडियाकर्मियों से कहा, " इसके लिए अबू आज़मी ज़िम्मेदार हैं। उन्होंने ही इस मुद्दे को शुरू किया। यह सरकार को बदनाम करने के लिए एक पूर्वनियोजित हिंसा थी। हम उन लोगों को नहीं छोड़ेंगे जो हमारे पुलिसकर्मियों पर हाथ उठाते हैं। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।"</p>
<p>अबू आज़मी ने कथित तौर पर कहा था कि औरंगज़ेब "क्रूर प्रशासक" नहीं था और उसने "कई मंदिर बनवाए"। उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह और छत्रपति संभाजी महाराज के बीच लड़ाई राज्य प्रशासन के लिए थी, न कि हिंदू और मुस्लिम के लिए। इससे पहले, महाराष्ट्र विधानसभा में बोलते हुए , मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हिंसा "एक सुनियोजित हमले की तरह लग रही है" और कुछ अफ़वाहें फैलाई गईं कि धार्मिक श्लोक जलाए गए क्योंकि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने राज्य की शीतकालीन राजधानी में विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p>नागपुर में, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने विरोध प्रदर्शन किया। अफ़वाहें फैलाई गईं कि धार्मिक सामग्री वाली चीज़ें जलाई गईं...यह एक सुनियोजित हमला लग रहा है। किसी को भी कानून और व्यवस्था को अपने हाथ में लेने की इजाज़त नहीं है," फडणवीस ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा। पुलिस कर्मियों को लगी चोटों के बारे में बताते हुए , उन्होंने कहा कि पुलिस पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि तीन पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) घायल हुए हैं और एक डीसीपी पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर तनाव के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत नागपुर शहर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। नागपुर पुलिस आयुक्त रविंदर कुमार सिंघल द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अगले आदेश तक प्रतिबंध लागू रहेंगे। कर्फ्यू कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर और कपिलनगर में पुलिस स्टेशन की सीमा तक लागू है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 12:53:14 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हर कोई अपनी जाति और समुदाय के प्रति संवेदनशील है, लेकिन दूसरों के प्रति पारस्परिक सम्मान दिखाने में विफल रहता है - बॉम्बे हाई कोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने कहा है कि आजकल हर कोई अपनी जाति और समुदाय के प्रति संवेदनशील है, लेकिन दूसरों के प्रति पारस्परिक सम्मान दिखाने में विफल रहता है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि हर सोशल मीडिया पोस्ट, टिप्पणी या भाषण पर प्रतिक्रिया की आवश्यकता नहीं होती है और असहमति व्यक्त करने के और भी परिष्कृत तरीके हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/38713/everyone-is-sensitive-towards-their-own-caste-and-community--but-fails-to-show-mutual-respect-towards-others---bombay-high-court"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/bombay-high-court.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने कहा है कि आजकल हर कोई अपनी जाति और समुदाय के प्रति संवेदनशील है, लेकिन दूसरों के प्रति पारस्परिक सम्मान दिखाने में विफल रहता है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि हर सोशल मीडिया पोस्ट, टिप्पणी या भाषण पर प्रतिक्रिया की आवश्यकता नहीं होती है और असहमति व्यक्त करने के और भी परिष्कृत तरीके हैं। जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और संजय देशमुख की खंडपीठ ने बुधवार को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को बदनाम करने के आरोपी एक व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज कर दिया और ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट के लिए एक अन्य व्यक्ति को फटकार भी लगाई।</p>
<p>अगस्त 2019 में औरंगाबाद जिले के दौलताबाद पुलिस स्टेशन में देवेंद्र पाटिल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता रवि गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि पाटिल ने उन्हें फोन करके ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट के लिए फटकार लगाई थी। पाटिल ने कथित तौर पर गायकवाड़ को गाली दी और डॉ. अंबेडकर को बदनाम किया। न्यायाधीशों ने कहा कि पाटिल और गायकवाड़ के बीच बातचीत में डॉ. अंबेडकर के प्रति किसी भी तरह का अनादर नहीं दिखाया गया। इसके बजाय, पाटिल ने गायकवाड़ से डॉ. अंबेडकर के पदचिन्हों पर न चलते हुए उनके नाम का इस्तेमाल करने के बारे में सवाल किया। पाटिल ने कथित तौर पर टिप्पणी की कि गायकवाड़ जैसे लोग अंबेडकर के प्रति सम्मान कम करने के लिए जिम्मेदार हैं।</p>
<p>अदालत ने जोर देकर कहा, "इस बातचीत में किसी भी तरह से डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के प्रति अनादर नहीं दिखाया गया या उनका अपमान करने या समुदायों के बीच सद्भाव को बिगाड़ने का कोई इरादा नहीं दिखाया गया।" अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि पाटिल केवल ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ सोशल मीडिया पर गायकवाड़ द्वारा अपलोड की गई भड़काऊ पोस्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। पीठ ने कहा, "एक समुदाय का व्यक्ति उस समय आपत्ति करने के अधिकार का दावा नहीं कर सकता जब वह खुद किसी भड़काऊ कृत्य में शामिल हो। सभी समुदायों और जातियों के बीच पारस्परिक सम्मान होना चाहिए। यही संवैधानिक योजना का सार है।" इसने आगे कहा: "आजकल, हर कोई अपनी जाति और समुदाय के प्रति संवेदनशील है, लेकिन दूसरों के प्रति पारस्परिक सम्मान दिखाने में विफल रहता है।" अदालत ने चेतावनी दी कि अगर न तो समुदाय और न ही किसी जाति के व्यक्ति संयम बरतेंगे और सद्भाव को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगे, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं बढ़ेंगी। इस बात पर जोर देते हुए कि हर आपत्तिजनक पोस्ट, टिप्पणी या भाषण पर प्रतिक्रिया देना अनावश्यक है, अदालत ने कहा: “ऐसी भड़काऊ पोस्ट अपलोड करने वालों के प्रति असहमति व्यक्त करने के और भी परिष्कृत तरीके हैं।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/38713/everyone-is-sensitive-towards-their-own-caste-and-community--but-fails-to-show-mutual-respect-towards-others---bombay-high-court</link>
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                <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 11:43:19 +0530</pubDate>
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