<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/10139/over" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>over - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/10139/rss</link>
                <description>over RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नवी मुंबई में होटल में पार्किंग को लेकर विवाद, एक व्यक्ति की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में नवी मुंबई के नेरुल इलाके में पार्किंग को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। नेरुल पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि यह घटना शनिवार सुबह सात बजे से आठ बजे के बीच शिरावणे इलाके में मिनीमहल होटल के निकट हुई।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51829/one-person-died-in-dispute-over-parking-in-hotel-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-14t110457.932.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नवी मुंबई :</strong> महाराष्ट्र में नवी मुंबई के नेरुल इलाके में पार्किंग को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। नेरुल पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि यह घटना शनिवार सुबह सात बजे से आठ बजे के बीच शिरावणे इलाके में मिनीमहल होटल के निकट हुई।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने बताया कि होटल परिसर में पार्किंग को लेकर विवाद हो गया और इस दौरान चार लोगों ने 33-वर्षीय रणजीत सिंह दलजीत सिंह शेरगिल और 21-वर्षीय सुजल खेडकर पर हमला कर दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘एक संदिग्ध ने पीड़ितों के गर्दन और हाथों पर जान से मारने की नीयत से हॉकी स्टिक से हमला किया। इसके बाद, कार के चालक ने जानबूझकर वाहन को पीछे की ओर मोड़ा और फरार होने से पहले पीड़ितों को दो बार कुचल दिया।’’ </p>
<p>अधिकारी ने बताया कि हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी, खतरनाक हथियारों से जानबूझकर चोट पहुंचाने और अन्य अपराधों से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51829/one-person-died-in-dispute-over-parking-in-hotel-in</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51829/one-person-died-in-dispute-over-parking-in-hotel-in</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 11:16:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-14t110457.932.jpg"                         length="36965"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेंगलुरु: शराब बिक्री रोकने के फैसले पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गणेश उत्सव के दौरान शराब की बिक्री पर लंबे समय तक रोक लगाने के आदेश को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने सवाल उठाया कि आखिर पूरे गणेश उत्सव के दौरान कई दिनों तक शराब की दुकानों को बंद रखने का औचित्य क्या है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हल्के-फुल्के अंदाज में यहां तक टिप्पणी कर दी कि अगर किसी को 10 दिनों तक शराब नहीं मिलेगी तो वह 'बीमार हो जाएगा'। अदालत की इस टिप्पणी के बाद मामला चर्चा में आ गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51809/bengaluru-high-court-expressed-displeasure-over-the-decision-to-stop"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-12t132156.408.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बेंगलुरु: </strong>गणेश उत्सव के दौरान शराब की बिक्री पर लंबे समय तक रोक लगाने के आदेश को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने सवाल उठाया कि आखिर पूरे गणेश उत्सव के दौरान कई दिनों तक शराब की दुकानों को बंद रखने का औचित्य क्या है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हल्के-फुल्के अंदाज में यहां तक टिप्पणी कर दी कि अगर किसी को 10 दिनों तक शराब नहीं मिलेगी तो वह 'बीमार हो जाएगा'। अदालत की इस टिप्पणी के बाद मामला चर्चा में आ गया है।</p>
<p> </p>
<p>विवाद स्थानीय प्रशासन की ओर से गणेश उत्सव के दौरान शराब की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध से जुड़ा है। आदेश के तहत त्योहार और गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शराब की दुकानों को कई दिनों तक बंद रखने की बात कही गई थी। इस आदेश को शराब कारोबारियों ने कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि पूरे उत्सव के दौरान लगातार शराब की बिक्री बंद रखना जरूरत से ज्यादा कठोर फैसला है और इससे लाइसेंस प्राप्त कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान होगा।</p>
<p>हाईकोर्ट ने पूछा- इतने दिनों की रोक क्यों? मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रशासन से यह जानना चाहा कि शराब की बिक्री पर इतने लंबे समय के लिए रोक लगाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। आमतौर पर चुनाव, महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन, जुलूस या कानून-व्यवस्था की संवेदनशील परिस्थितियों में प्रशासन 'ड्राई डे' घोषित कर सकता है। लेकिन अदालत के सामने सवाल यह था कि क्या पूरे त्योहार के दौरान लगातार कई दिनों तक शराब की बिक्री बंद रखना आवश्यक और आनुपातिक कदम है।</p>
<p>अदालत ने प्रशासन से प्रतिबंध का स्पष्ट आधार बताने को कहा। कोर्ट ने संकेत दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके नाम पर किसी वैध कारोबार पर जरूरत से ज्यादा प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। 10 दिन में तो बीमार हो जाएंगे' सुनवाई के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा जज की उस टिप्पणी की हो रही है जिसमें लंबे समय तक शराब नहीं मिलने को लेकर मजाकिया अंदाज में बात कही गई। कोर्ट ने सवाल उठाते हुए टिप्पणी की कि अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से शराब पीता है और उसे 10 दिनों तक शराब नहीं मिले तो वह बीमार पड़ सकता है। इस टिप्पणी को शराब सेवन को प्रोत्साहित करने के रूप में नहीं बल्कि प्रशासन की ओर से लगाए गए लंबे प्रतिबंध की व्यावहारिकता पर सवाल के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।</p>
<p>अदालतों में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश कई बार मौखिक टिप्पणियां करते हैं। ऐसी मौखिक टिप्पणियों और अदालत के लिखित आदेश के बीच अंतर होता है। मामले में कानूनी रूप से वही प्रभावी होगा जो हाईकोर्ट के औपचारिक आदेश में दर्ज किया गया है। शराब कारोबारियों ने दी थी चुनौती शराब विक्रेताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि उनके पास वैध लाइसेंस हैं और वे सरकार को विभिन्न शुल्क और टैक्स का भुगतान करते हैं। इसके बावजूद यदि उन्हें लंबे समय तक दुकानें बंद रखने का आदेश दिया जाता है तो आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कारोबारियों का कहना था कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए किसी विशेष दिन या कुछ घंटों के लिए शराब की बिक्री रोकी जा सकती है, लेकिन पूरे उत्सव की अवधि के लिए प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने प्रशासन के आदेश को अनुपातहीन बताते हुए अदालत से राहत मांगी। प्रशासन ने क्यों लगाया प्रतिबंध? गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में धार्मिक कार्यक्रम और जुलूस आयोजित किए जाते हैं।</p>
<p>गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से लेकर विसर्जन तक विभिन्न इलाकों में भारी भीड़ रहती है। प्रशासन अक्सर ऐसे अवसरों पर शराब की बिक्री को कानून-व्यवस्था से जोड़कर देखता है। आशंका रहती है कि नशे की स्थिति में विवाद, मारपीट या जुलूस के दौरान अप्रिय घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। इसी वजह से संवेदनशील क्षेत्रों में शराब की दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए जाते हैं। कई राज्यों में धार्मिक जुलूस, मतदान या बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सीमित अवधि के लिए शराब की बिक्री प्रतिबंधित करना सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था है। लेकिन मौजूदा मामले में विवाद प्रतिबंध की लंबी अवधि को लेकर पैदा हुआ। कानून-व्यवस्था बनाम कारोबार का अधिकार हाईकोर्ट के सामने इस मामले में दो पहलुओं के बीच संतुलन का सवाल है। एक तरफ राज्य और स्थानीय प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी है। दूसरी ओर लाइसेंस लेकर कारोबार करने वाले दुकानदारों के हित भी हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51809/bengaluru-high-court-expressed-displeasure-over-the-decision-to-stop</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51809/bengaluru-high-court-expressed-displeasure-over-the-decision-to-stop</guid>
                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 13:23:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-12t132156.408.jpg"                         length="47739"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नालासोपारा जिला परिषद स्कूल में कुकर फटने से मची अफरा-तफरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p> </p>
<p>नालासोपारा के जिला परिषद स्कूल में मंगलवार दोपहर मध्याह्न भोजन के लिए खिचड़ी बनाते समय कुकर अचानक फट गया। इस हादसे में दो छात्र झुलस गए। साथ ही बच्चों के लिए खाना बना रही रसोइया के भी झुलसने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और घायल छात्रों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घायल छात्रों की पहचान आयुष चौधरी और प्रसाद गौतम के रूप में हुई है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51779/mumbai-bjp-mla-narendra-mehta-angry-over-sanjay-dutts-statement"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-10t105600.258.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नालासोपारा: </strong>नालासोपारा के जिला परिषद स्कूल में मंगलवार दोपहर मध्याह्न भोजन के लिए खिचड़ी बनाते समय कुकर अचानक फट गया। इस हादसे में दो छात्र झुलस गए। साथ ही बच्चों के लिए खाना बना रही रसोइया के भी झुलसने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और घायल छात्रों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घायल छात्रों की पहचान आयुष चौधरी और प्रसाद गौतम के रूप में हुई है। </p>
<p> </p>
<p>आयुष कक्षा तीसरी और प्रसाद कक्षा पांचवीं का छात्र है। स्थानीय नगरसेवक अतुल सालुंखे के अनुसार, स्कूल में बच्चों के लिए खिचड़ी तैयार की जा रही थी। इसी दौरान अचानक कुकर फट गया और रसोई के पास मौजूद दोनों छात्र इसकी चपेट में आ गए। मनपा महापौर अजीव पाटील ने बताया कि घायल बच्चों को विरार के संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने मामले की जांच कराए जाने की बात कही है। जिला परिषद स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक करीब 130 बच्चे पढ़ते हैं। </p>
<p>स्कूल में मराठी और गुजराती माध्यम की कक्षाएं संचालित होती हैं। छोटे बच्चों की इतनी संख्या वाले स्कूल में रसोई के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। उन्होंने लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51779/mumbai-bjp-mla-narendra-mehta-angry-over-sanjay-dutts-statement</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51779/mumbai-bjp-mla-narendra-mehta-angry-over-sanjay-dutts-statement</guid>
                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 10:57:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-10t105600.258.jpg"                         length="40196"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: मराठी सीखने की समयसीमा बढ़ाने पर विवाद, एकीकरण समिति ने जताई आपत्ति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ओला-उबर चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए राज्य सरकार द्वारा दी गई एक वर्ष की समयसीमा बढ़ाने के फैसले के खिलाफ मराठी एकीकरण समिति ने आक्रामक रुख अपनाया है। समिति ने इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है। इस मामले में समिति का एक प्रतिनिधिमंडल दो दिन के भीतर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर समयसीमा बढ़ाने का फैसला वापस लेने की मांग वाला ज्ञापन सौंपेगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51643/controversy-on-extending-the-deadline-for-learning-marathi-integration-committee"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-01t133241.674.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ओला-उबर चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए राज्य सरकार द्वारा दी गई एक वर्ष की समयसीमा बढ़ाने के फैसले के खिलाफ मराठी एकीकरण समिति ने आक्रामक रुख अपनाया है। समिति ने इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है। इस मामले में समिति का एक प्रतिनिधिमंडल दो दिन के भीतर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर समयसीमा बढ़ाने का फैसला वापस लेने की मांग वाला ज्ञापन सौंपेगा।</p>
<p> </p>
<p>राज्य सरकार के फैसले के विरोध और संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के 107 शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रविवार को बड़ी संख्या में हुतात्मा चौक पर इकट्ठा हुए। समिति के अध्यक्ष गोवर्धन देशमुख ने कहा कि मराठी भाषा के क्रियान्वयन में किसी तरह की ढील नहीं दी जानी चाहिए। चालकों को दी गई एक वर्ष की समयसीमा बढ़ाना स्थानीय मराठी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला फैसला है। इसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को यह निर्णय वापस लेना चाहिए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो सरकार के इस फैसले को न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। फैसले की कानूनी वैधता और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51643/controversy-on-extending-the-deadline-for-learning-marathi-integration-committee</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51643/controversy-on-extending-the-deadline-for-learning-marathi-integration-committee</guid>
                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 13:33:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-01t133241.674.jpg"                         length="45768"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        