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                <title>मुंबई : सांताक्रूज़-चेम्बूर लिंक रोड प्रोजेक्ट में बड़ी प्रगति, वकोला नाले पर अंतिम संरचनात्मक लिंक पूरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में पूर्व-पश्चिम यातायात को सुगम बनाने वाले महत्वपूर्ण सांताक्रूज़-चेम्बूर लिंक रोड  प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण  ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। वकोला नाले पर दोहरे कम्पोजिट गर्डर्स की सफल स्थापना के साथ पूरे 10.88 किलोमीटर लंबे सांताक्रूज़-चेम्बूर लिंक रोड कॉरिडोर के पूरा होने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49654/major-progress-in-mumbai-santa-cruz-chembur-link-road-project-final"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-02t192930.328.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में पूर्व-पश्चिम यातायात को सुगम बनाने वाले महत्वपूर्ण सांताक्रूज़-चेम्बूर लिंक रोड  प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण  ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। वकोला नाले पर दोहरे कम्पोजिट गर्डर्स की सफल स्थापना के साथ पूरे 10.88 किलोमीटर लंबे सांताक्रूज़-चेम्बूर लिंक रोड कॉरिडोर के पूरा होने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ गया है। अधिकारियों के अनुसार, वकोला नाले पर बने पुल के ऊपर पहले और दूसरे स्तर पर 54 मीटर लंबे दो कम्पोजिट गर्डर्स को सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। इस कार्य के पूरा होने के बाद बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित भारत डायमंड बोर्स और वकोला के बीच का अंतिम महत्वपूर्ण लिंक अब संरचनात्मक रूप से पूरा हो गया है।</p>
<p> </p>
<p>यह छोटा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा पूरे सांताक्रूज़-चेम्बूर लिंक रोड नेटवर्क को आपस में जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाता है। इसके पूरा होने से कई ऊंचे मार्ग, फ्लाईओवर और इंटरचेंज एक-दूसरे से जुड़ जाएंगे, जिससे मुंबई के पूर्व और पश्चिम हिस्सों के बीच यातायात व्यवस्था और अधिक सुचारु होने की उम्मीद है। एमएमआरडीए अधिकारियों ने बताया कि यह काम शहर के सबसे चुनौतीपूर्ण निर्माण स्थलों में से एक पर किया गया है। वकोला नाले पर पहले से मौजूद पुल के ऊपर निर्माण होने के कारण पारंपरिक सहायक संरचनाओं का उपयोग संभव नहीं था। ऐसे में इंजीनियरों ने विशेष तकनीकी समाधान अपनाकर इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।</p>
<p>इस परियोजना के पूरा होने के बाद मुंबई के यातायात पर दबाव कम होने और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। सांताक्रूज़-चेम्बूर लिंक रोड को शहर के प्रमुख पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर के रूप में देखा जाता है, जो बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स, चेम्बूर और आसपास के क्षेत्रों को सीधे जोड़ता है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम कार्य तेजी से जारी है और जल्द ही पूरे कॉरिडोर को आम जनता के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाएगा, जिससे मुंबईकरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 19:30:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मीरा रोड चाकूबाजी केस की जांच एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने संभाली, आईएसआईएस लिंक की आशंका से बढ़ी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने मीरा रोड के नया नगर इलाके में हुए चाकूबाजी मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। शुरुआती पुलिस जांच के बाद अब इस मामले को संभावित आतंकी एंगल से भी खंगाला जा रहा है, क्योंकि आरोपी के घर से कथित रूप से इस्लामिक स्टेट से जुड़ा संदिग्ध सामान बरामद हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां इस घटना को “लोन वुल्फ” यानी अकेले व्यक्ति द्वारा किए गए संभावित आतंकी हमले के एंगल से भी देख रही हैं। एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने मामले से जुड़े सभी सबूतों और डिजिटल डेटा की गहन जांच शुरू कर दी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49550/anti-terrorism-squad-took-over-the-investigation-of-mira-road-stabbing"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-28t115619.092.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने मीरा रोड के नया नगर इलाके में हुए चाकूबाजी मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। शुरुआती पुलिस जांच के बाद अब इस मामले को संभावित आतंकी एंगल से भी खंगाला जा रहा है, क्योंकि आरोपी के घर से कथित रूप से इस्लामिक स्टेट से जुड़ा संदिग्ध सामान बरामद हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां इस घटना को “लोन वुल्फ” यानी अकेले व्यक्ति द्वारा किए गए संभावित आतंकी हमले के एंगल से भी देख रही हैं। एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने मामले से जुड़े सभी सबूतों और डिजिटल डेटा की गहन जांच शुरू कर दी है।</p>
<p> </p>
<p>इस घटना के मुख्य आरोपी की पहचान ज़ैब ज़ुबैर अंसारी (31) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे नया नगर पुलिस स्टेशन की टीम द्वारा इलाके के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया था। फुटेज में आरोपी को वारदात के दौरान और उसके बाद भागते हुए देखा गया था, जिसके आधार पर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ठाणे जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 4 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अब एंटी-टेररिज्म स्क्वाड उसकी गतिविधियों, संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी संगठित या ऑनलाइन कट्टरपंथी समूह से जुड़ा था।</p>
<p>जांच एजेंसियों ने उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल डिवाइस को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। साथ ही उसके संपर्क में आए लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जांच शुरुआती चरण में है, लेकिन आईएसआईएस से जुड़े संदिग्ध सामान की बरामदगी ने मामले को गंभीर बना दिया है। इसी कारण एंटी-टेररिज्म स्क्वाड को जांच में शामिल किया गया है ताकि किसी भी संभावित आतंकी साजिश या कट्टरपंथी गतिविधि की पूरी तरह जांच हो सके। स्थानीय पुलिस और एंटी-टेररिज्म स्क्वाड दोनों मिलकर यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह घटना केवल व्यक्तिगत अपराध थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। जांच के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार निगरानी रख रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49550/anti-terrorism-squad-took-over-the-investigation-of-mira-road-stabbing</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 11:57:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मराठी अनिवार्य करने के फैसले पर अब सियासत तेज; MNS की आई प्रतिक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार की तरफ से मुंबई में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य करने के फैसले को फिलहाल वापस ले लिया गया है. यह फैसला 6 महीने के लिए टाल दिया गया है. इस पर अब सियासत भी तेज हो गई है. एमएनएस नेता संदीप देशपांडे ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार ने जो फैसला लिया है वह उस पर कायम रहेगी और इसे नहीं बदलेगी. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49536/now-politics-intensifies-mns-reacts-to-decision-to-make-marathi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(46).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र सरकार की तरफ से मुंबई में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य करने के फैसले को फिलहाल वापस ले लिया गया है. यह फैसला 6 महीने के लिए टाल दिया गया है. इस पर अब सियासत भी तेज हो गई है. एमएनएस नेता संदीप देशपांडे ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार ने जो फैसला लिया है वह उस पर कायम रहेगी और इसे नहीं बदलेगी. MNS नेता ने आगे कहा, ''अगर समय चाहिए तो हम देने के लिए तैयार हैं, लेकिन जिस प्रकार हमें आज की मीटिंग में नहीं बुलाया गया उसे देखकर लगता है कि सरकार अपना फैसला बदल देगी.''  </p>
<p> </p>
<p><strong>ऑटो रिक्शा चालकों के लिए फिलहाल मराठी अनिवार्य नहीं</strong><br />महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने बड़ा फैसला लिया है मुंबई में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य नहीं होगी. इसे 6 महीने के लिए टाल दिया गया है. प्रदेश के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने घोषणा की थी कि 1 मई 2026 से अब ऑटो रिक्शा परमिट सिर्फ उसी शख्स को दिया जाएगा, जो मराठी भाषा पढ़ना और बोलना जानता हो. </p>
<p><strong>MNS कार्यकर्ताओं ने संजय निरुपम के खिलाफ किया प्रदर्शन</strong><br />महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा संबंधी निर्देश को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है. शिंदे गुट के नेता संजय निरूपम द्वारा सरकार से इस नियम पर पुनर्विचार करने की मांग के बाद मनसे के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद इन आंदोलकारीयो पर कारवाई हुई. इसी वजह से पार्टी प्रमुख राज ठाकरे ने सभी आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनका अभिनंदन किया. </p>
<p>MNS के एक कार्यकर्ता नयन कदम ने कहा, ''राज ठाकरे और अमित ठाकरे का पार्टी के कार्यकर्ताओं के प्रति जो प्रेम है, वह साफ दिखाई देता है.<br />चार मई को आंदोलन होगा. 70 प्रतिशत रिक्शा चालक हमारे साथ हैं. जहां-जहां रिक्शा स्टैंड हैं, वहां मनसे के कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे. जो इसका विरोध करेंगे, उनके खिलाफ भी मनसे मजबूती से खड़ी रहेगी.'' </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 11:36:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : केईएम हॉस्पिटल का नाम बदलने पर विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा चालकों को लिए मराठी अनिवार्य किए जाने के ऐलान पर जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ अब मुंबई में प्रतिष्ठित किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम बदलकर कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल हॉस्पिटल पर विवाद खड़ा हो गया है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर्स के डॉक्टरों से बात की। जो कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल का नाम बदलने का विरोध कर रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49523/controversy-over-changing-the-name-of-mumbai-kem-hospital"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-27t174139.558.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा चालकों को लिए मराठी अनिवार्य किए जाने के ऐलान पर जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ अब मुंबई में प्रतिष्ठित किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम बदलकर कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल हॉस्पिटल पर विवाद खड़ा हो गया है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर्स के डॉक्टरों से बात की। जो कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल का नाम बदलने का विरोध कर रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>किशोरी पेडनेकर ने संभाला मोर्चा</strong><br />सोमवार को बीएमसी में नेता विपक्षा और शिवसेना की पार्षद किशोरी पेडनेकर डॉक्टरों से मिलने पहुंचीं। उनके साथ यूबीटी के विधायक अजय चौधरी भी मौजूद रहे। दोनों ने हॉस्पिटल की डीन डॉ. संगीता रावत से मुलाकात की। मुंबई की मेयर रह चुकीं किशोर पेडनेकर से जब जब उनसे पूछा गया कि कहा कि शिवसेना ने 1995 में बॉम्बे का नाम बदलकर मुंबई कर दिया था, लेकिन अब वे शहर के मशहूर किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम बदलकर कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल हॉस्पिटल करने का विरोध कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि क्यों बदलना है नाम। बॉम्बे से मुंबई करने में सभी सहमति थी। शिवसेना UBT के नेताओं ने इस कदम का विरोध करते हुए इसे विरासत को मिटाने की कोशिश बताया है, जबकि प्रस्ताव के समर्थकों का तर्क है कि यह आधुनिक समय में भारत की सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों को दर्शाता है।</p>
<p><strong>कैसे शुरू हुआ यह पूरा विवाद?</strong><br />यह विवाद महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा बृहन्मुंबई नगर निगम को लिखे गए एक पत्र के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने अस्पताल का नाम बदलकर 'कौशल्या एकलव्य मेमोरियल अस्पताल' रखने की सिफारिश की थी। स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष हरीश भंडिरगे को संबोधित अपने 25 मार्च के पत्र में, लोढ़ा ने कहा कि भारत अपनी स्वदेशी विरासत को वापस पाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कई सार्वजनिक संस्थानों के नाम अभी भी औपनिवेशिक काल के हैं, जिन्हें उन्होंने विदेशी शासन के तहत देश के अतीत की याद दिलाने वाला बताया। लाेढ़ा की सिफारिश के बाद विरासत बनाम पहचान की बहस छिड़ गई है।</p>
<p><strong>विरोधियों की क्या है दलील</strong><br />नाम बदलने का विरोध कर रहे लोगों का मानना है कि लंबे समय से चले आ रहे नामों को बदलने से इतिहास को संरक्षित करने के बजाय उसे मिटाने का खतरा पैदा हो जाता है। कई नागरिकों के लिए, केईएम अस्पताल सिर्फ एक नाम से कहीं ज्यादा है। यह मुंबई में दशकों के भरोसे, सेवा और चिकित्सा देखभाल का प्रतीक है। हॉस्पिटल का नाम बदलने का फैसला बीएमसी को लेना है। अब देखना है कि बीएमसी क्या निर्णय लेती है।</p>
<p><strong>केईएम ने पूरे किए हैं 100 साल</strong><br />मुंबई का प्रतिष्ठित केईएम अस्पताल 22 जनवरी 1926 को स्थापित किया गया था। यह अस्पताल बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा संचालित किया जाता है और इसके साथ ही सेठ गोवर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज भी चलता है। यह एशिया के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है जो मुख्य रूप से गरीब मरीजों को कम लागत में इलाज प्रदान करता है। यह मुंबई के परेल में स्थित है। 2026 में केईएम ने अपने 100 पूरे किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:43:02 +0530</pubDate>
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