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                <title>her - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: महिला ने सवा करोड़ का घर बेचने के लिए जिंदा पति को किया मृत घोषित, पुलिस ने किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में एक महिला ने अपने भले-चंगे पति को कागजों में मरा हुआ दिखा दिया। उसने नकली डेथ सर्टिफिकेट, झूठा एफिडेविट और सोसाइटी का फर्जी एनओसी बनवाकर दोनों के नाम वाला फ्लैट बेच डाला। इतना ही नहीं, उसी फ्लैट पर 1 करोड़ 11 लाख रुपये का लोन भी पास करा लिया गया। जब इस पूरे खेल का खुलासा हुआ, तो पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51803/mumbai-woman-declares-her-husband-alive-to-sell-her-house"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-12t114753.615.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई में एक महिला ने अपने भले-चंगे पति को कागजों में मरा हुआ दिखा दिया। उसने नकली डेथ सर्टिफिकेट, झूठा एफिडेविट और सोसाइटी का फर्जी एनओसी बनवाकर दोनों के नाम वाला फ्लैट बेच डाला। इतना ही नहीं, उसी फ्लैट पर 1 करोड़ 11 लाख रुपये का लोन भी पास करा लिया गया। जब इस पूरे खेल का खुलासा हुआ, तो पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p> </p>
<p><strong>क्या है मामला?</strong><br />यह मामला बोरीवली के एल. एम. रोड पर बनी राज विला कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी का है। मुंबई के एक नामी होटल में काम करने वाले रयान क्रास्टा ने साल 2007 में शालिनी डायना क्रास्टा से शादी की थी। शादी के कुछ वर्षों बाद साल 2016 में, दोनों ने मिलकर 73 लाख 80 हजार रुपये में एक बेडरूम का फ्लैट खरीदा था। यह घर खरीदने के लिए दोनों ने बैंक से करीब 56 लाख रुपये का लोन लिया था। रयान के मुताबिक, वे हर महीने लोन की किस्तें टाइम पर भर रहे थे और फ्लैट दोनों के नाम पर रजिस्टर्ड था। हालांकि, बाद में पति-पत्नी के बीच झगड़े होने लगे और दोनों अलग-अलग रहने लगे।</p>
<p><strong>ऐसे रची गई साजिश</strong><br />इस धोखाधड़ी की पोल मई 2026 में खुली। रयान के दोस्त प्रसाद पाताड़े ने उन्हें बताया कि बोरीवली वाला उनका फ्लैट एक प्राइवेट बैंक में गिरवी रखा हुआ है। यह बात सुनते ही रयान के होश उड़ गए। उन्हें यह भी पता चला कि उस फ्लैट को गिरवी रखकर धर्मेश जगदीश तन्ना और उनकी पत्नी धारा धर्मेश तन्ना के नाम पर 1 करोड़ 11 लाख रुपये का लोन पास कराया गया है। मामले की सच्चाई जानने के लिए रयान अपनी मां को साथ लेकर उस प्राइवेट बैंक पहुंचे। बैंक से मिली जानकारी ने पूरा सच सामने रख दिया। पता चला कि शालिनी ने 11 अप्रैल 2025 को कागजात बनवाकर फ्लैट तन्ना परिवार को बेच दिया था। इस खरीद-बिक्री को सही साबित करने के लिए शालिनी ने रयान का नकली डेथ सर्टिफिकेट बनवा लिया था। इसके बाद एक झूठा एफिडेविट भी जमा किया गया, जिसमें शालिनी ने खुद को रयान का इकलौता कानूनी वारिस बताया था।</p>
<p>पुलिस की छानबीन में यह भी सामने आया कि फ्लैट बेचने के लिए सोसाइटी का फर्जी एनओसी तैयार किया गया था। रयान ने जब यह एनओसी सोसाइटी के अध्यक्ष गौतम पुरोहित, सचिव पूजा पाताड़े और खजांची एस. पाटिल को दिखाया, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई एनओसी दिया ही नहीं है। सोसाइटी के इन लोगों ने एनओसी पर किए गए अपने दस्तखत को भी पूरी तरह से फर्जी बताया।</p>
<p>शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि शालिनी को तन्ना परिवार से फ्लैट बेचने के बदले 1 करोड़ 11 लाख रुपये मिले थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली डेथ सर्टिफिकेट, झूठा एफिडेविट और सोसाइटी का फर्जी एनओसी बनवाने में शालिनी की मदद किस-किसने की थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फ्लैट बेचकर मिले 1 करोड़ 11 लाख रुपये शालिनी ने कहां खर्च किए ? पुलिस ने शालिनी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद उसे बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 11:52:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीड: बेटियों की पढ़ाई के लिए 47 वर्षीय मां रमाबाई रणवीर ने जीती दौड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगई में 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसने उन्हें पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया। नकद पुरस्कार जीतने के उद्देश्य से स्थानीय मैराथन में उतरीं रमाबाई ने साड़ी पहनकर तीन किलोमीटर की दौड़ पूरी की और पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि दौड़ के दौरान चप्पलें फिसलने लगीं तो उन्होंने उन्हें उतार दिया और नंगे पैर ही मंजिल की ओर दौड़ती रहीं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51670/47-year-old-mother-ramabai-ranveer-won-the-race-for"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-03t105956.353.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बीड: </strong>महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगई में 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसने उन्हें पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया। नकद पुरस्कार जीतने के उद्देश्य से स्थानीय मैराथन में उतरीं रमाबाई ने साड़ी पहनकर तीन किलोमीटर की दौड़ पूरी की और पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि दौड़ के दौरान चप्पलें फिसलने लगीं तो उन्होंने उन्हें उतार दिया और नंगे पैर ही मंजिल की ओर दौड़ती रहीं।</p>
<p> </p>
<p>स्थानीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता को 'अमृत दौड़' नाम दिया गया था। शहर के एक शैक्षणिक परिसर के विशेष जश्न के तहत आयोजित दौड़ में अलग-अलग उम्र के लोगों ने हिस्सा लिया। इसका मार्ग छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से भाग्यनगर चौक तक निर्धारित किया गया था। प्रतियोगिता में शामिल होने के पीछे रमाबाई के लिए केवल जीत का लक्ष्य नहीं था। उनकी प्राथमिकता अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए नकद पुरस्कार हासिल करना था। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने दौड़ में भाग लिया और तमाम मुश्किलों के बावजूद पीछे नहीं हटीं।</p>
<p>साड़ी और चप्पल में शुरू की दौड़ मैराथन शुरू हुई तो रमाबाई दूसरे प्रतिभागियों के साथ साड़ी और चप्पल पहनकर दौड़ने लगीं। आमतौर पर दौड़ के लिए आरामदायक खेल के कपड़े और जूतों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन रमाबाई सामान्य पहनावे में ही मैदान में उतर गईं। कुछ दूरी तय करने के बाद उनकी चप्पलें सड़क पर फिसलने लगीं। इससे उन्हें अपनी गति बनाए रखने में परेशानी होने लगी। बार-बार चप्पलों के खिसकने से गिरने का खतरा भी था।</p>
<p>इस परेशानी के बावजूद उन्होंने दौड़ छोड़ने का फैसला नहीं किया। रमाबाई ने रास्ते में ही अपनी चप्पलें उतार दीं और नंगे पैर दौड़ना शुरू कर दिया। नंगे पैर पूरी की तीन किलोमीटर की दौड़ चप्पलें उतारने के बाद चुनौती और कठिन हो गई। सड़क पर तीन किलोमीटर नंगे पैर दौड़ना आसान नहीं था, लेकिन रमाबाई ने अपनी गति बनाए रखी। उन्होंने दूसरे प्रतिभागियों के साथ मुकाबला जारी रखा और आखिरकार दौड़ में जीत हासिल कर ली। उनके लिए यह जीत केवल खेल प्रतियोगिता में हासिल सफलता नहीं थी बल्कि बेटियों की शिक्षा के लिए किए गए प्रयास का परिणाम भी थी।<br />दौड़ खत्म होने के बाद रमाबाई की कहानी लोगों के बीच तेजी से चर्चा में आई। साड़ी में नंगे पैर दौड़कर प्रतियोगिता जीतने के उनके जज्बे की स्थानीय लोगों ने सराहना की। बेटियों की पढ़ाई बनी सबसे बड़ी प्रेरणा रमाबाई के दौड़ में उतरने के पीछे सबसे बड़ी वजह उनकी बेटियों की शिक्षा थी। वह प्रतियोगिता में मिलने वाली नकद पुरस्कार राशि को उनकी पढ़ाई पर खर्च करना चाहती थीं। एक मां के रूप में बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने शारीरिक चुनौती स्वीकार की। दौड़ के दौरान मुश्किलें आने के बाद भी उनका लक्ष्य नहीं बदला।</p>
<p>रमाबाई की कहानी यह दिखाती है कि परिवार की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अभिभावक किस तरह अतिरिक्त प्रयास करने के लिए तैयार रहते हैं। अमृत दौड़ में कई आयु वर्ग के लोग शामिल अंबाजोगई में आयोजित 'अमृत दौड़' में अलग-अलग आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को दौड़ और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ विशेष आयोजन का उत्सव मनाना था। छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से भाग्यनगर चौक तक तीन किलोमीटर के रास्ते पर प्रतिभागियों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।</p>
<p>इसी प्रतियोगिता में रमाबाई की भागीदारी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। अन्य प्रतिभागियों के बीच उनका पारंपरिक पहनावे में दौड़ना पहले ही लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था। इसके बाद चप्पलें उतारकर नंगे पैर दौड़ पूरी करने और जीत हासिल करने से उनका प्रदर्शन और खास बन गया। मुश्किल में भी नहीं छोड़ी दौड़ दौड़ के दौरान चप्पलों का फिसलना रमाबाई के लिए बड़ी परेशानी बन गया था। अगर वह बार-बार उन्हें संभालतीं तो उनकी रफ्तार कम हो सकती थी। ऐसे में उन्होंने तुरंत फैसला लिया और चप्पलें उतार दीं। नंगे पैर सड़क पर दौड़ने के दौरान पैरों में चोट लगने का खतरा रहता है। इसके बावजूद रमाबाई ने दौड़ जारी रखी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 11:00:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: विपक्ष के साथ शिवसेना-BJP के निशाने पर मेयर रितु तावड़े, 6 महीने के कार्यकाल में इन विवादों ने बढ़ाई टेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की मेयर रितु तावड़े अक्सर सुर्खियों में रहती है। जब से वो मेयर बनी तब से कोई न कोई विवाद उनके साथ जुड़ता रहा है। इसी के चलते उन्हें विपक्ष के साथ-साथ अपनों से ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष के अलावा उन्हें बीएमसी प्रशासन, अपनी ही पार्टी के सदस्यों और यहां तक कि सत्तारूढ़ महायुति के सहयोगियों से भी टकराव का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते उन्होंने हाल ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की है। उन्होंने सीएम मुलाकात कर बीएमसी प्रशासन में बदलाव की मांग की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51621/mumbai-mayor-ritu-tawde-on-target-of-shiv-sena-bjp-along"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/thequint_2026-02-07_hbe2cr6e_haiml4cakaea5-.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की मेयर रितु तावड़े अक्सर सुर्खियों में रहती है। जब से वो मेयर बनी तब से कोई न कोई विवाद उनके साथ जुड़ता रहा है। इसी के चलते उन्हें विपक्ष के साथ-साथ अपनों से ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष के अलावा उन्हें बीएमसी प्रशासन, अपनी ही पार्टी के सदस्यों और यहां तक कि सत्तारूढ़ महायुति के सहयोगियों से भी टकराव का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते उन्होंने हाल ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की है। उन्होंने सीएम मुलाकात कर बीएमसी प्रशासन में बदलाव की मांग की है।</p>
<p> </p>
<p>बता दें कि रितु तावड़े पहले कांग्रेस में थीं, लेकिन 2012 में बीजेपी में शामिल हुईं और घाटकोपर में अपना राजनीतिक आधार मजबूत किया। कई बार पार्षद रह चुकी तावड़े बीएमसी की शिक्षा समिति से भी जुड़ी रहीं और पार्टी में मुखर एवं आक्रामक स्थानीय नेता के रूप में उभरीं। इस साल मेयर बनने के साथ ही तावड़े ने मुंबई की सत्ता में एक बड़े बदलाव का चेहरा बनने की शुरुआत की। बीजेपी ने चार दशक से अधिक समय बाद मेयर पद पर वापसी की और शिवसेना के लंबे कब्जे को खत्म किया। हालांकि उनके मेयर कार्यकाल के 6 महीने के भीतर तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। क्योंकि विवाद उनका पीछा नहीं छोड़ रहे, आइए जानते हैं उनसे जुड़े विवाद की लिस्ट।</p>
<p><strong>मेयर बनते ही विवादों में घिरीं</strong><br />कार्यभार संभालने के तुरंत बाद तावड़े विवादों में घिर गईं। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि वह एक करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की लग्जरी रोलेक्स घड़ी पहनती हैं। तावड़े ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि घड़ी माइकल कॉर्स की है और उनके बच्चों ने उन्हें उपहार में दी थी। मार्च में उनकी आधिकारिक कार और एस्कॉर्ट वाहन पर लाल-नीली फ्लैशर लाइट लगाए जाने को लेकर विवाद हुआ। तस्वीरें सामने आने के बाद आलोचना हुई और बीएमसी ने नियमों का हवाला देते हुए इन लाइटों को हटा दिया।</p>
<p><strong>गले की बीमारी ठीक होने वाला विवाद</strong><br />अप्रैल में बोरीवली में महावीर जयंती कार्यक्रम के दौरान उनके एक बयान पर भी विवाद हुआ। तावड़े ने एक धार्मिक नेता के आशीर्वाद और प्रार्थना के बाद पुरानी गले की बीमारी से उबरने की बात कही थी। इस पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने के आरोप लगे। बाद में तावड़े ने कहा कि उनके बयान को गलत समझा गया। पिछले सप्ताह भी पुलिस ने ऐसे मानहानिकारक यूट्यूब वीडियो के मामले में एफआईआर दर्ज की, जिनमें एक फोटोग्राफी शिक्षक को झूठा तरीके से मेयर का पति बताया गया था।</p>
<p><strong>बंगले को लेकर विवाद</strong><br />अगस्त में मेयर कार्यालय से जुड़े नागरिक खर्च को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। बीएमसी ने भायखला चिड़ियाघर स्थित मेयर के आधिकारिक विरासत आवास के आसपास क्षेत्र के उन्नयन और बुनियादी ढांचे के लिए करीब 2.9 करोड़ रुपये के काम का प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि कुछ महीने पहले मेयर के आवास के नवीनीकरण पर करीब 2.4 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। तावड़े ने इस प्रस्ताव से खुद को अलग करते हुए कहा कि उन्होंने न तो यह काम मांगा था और न ही बीएमसी प्रशासन से इसे कराने को कहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि टेंडर बंगले के नवीनीकरण से संबंधित नहीं था। बाद में उन्होंने बीएमसी से टेंडर वापस लेने को कहा, जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया। उनका कहना था कि उनकी जानकारी के बिना कई प्रस्तावों को उनके नाम से जोड़ा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51621/mumbai-mayor-ritu-tawde-on-target-of-shiv-sena-bjp-along</link>
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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 14:15:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई में 10वीं मंजिल से कूदी महिला पेड़ पर अटकी, टहनियों से लटकने का वीडियो आया साम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फायर ब्रिगेड ने एक 26 साल की महिला को बड़ी मुश्किल से बचाया। मुंबई की इस महिला ने उपनगरीय भांडुप इलाके की एक बिल्डिंग की 10वीं मंज़िल से छलांग लगा दी थी। कूदने के बाद वह जमीन पर गिरने के बजाय पास के एक पेड़ पर जा गिरी। वह पेड़ से लटकने लगी। उसके चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और सोसायटी में रहनेवाले लोग जमा हो गए। फायर बिग्रेड की सूचना दी गई। घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने महिला को रेस्क्यू किया। उसकी जान बच गई, हालांकि महिला के पांव में चोट आई है। महिला की शादी 4 महीने पहले ही हुई थी। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51591/video-of-a-woman-jumping-from-the-10th-floor-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-29t085151.952.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>फायर ब्रिगेड ने एक 26 साल की महिला को बड़ी मुश्किल से बचाया। मुंबई की इस महिला ने उपनगरीय भांडुप इलाके की एक बिल्डिंग की 10वीं मंज़िल से छलांग लगा दी थी। कूदने के बाद वह जमीन पर गिरने के बजाय पास के एक पेड़ पर जा गिरी। वह पेड़ से लटकने लगी। उसके चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और सोसायटी में रहनेवाले लोग जमा हो गए। फायर बिग्रेड की सूचना दी गई। घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने महिला को रेस्क्यू किया। उसकी जान बच गई, हालांकि महिला के पांव में चोट आई है। महिला की शादी 4 महीने पहले ही हुई थी। </p>
<p> </p>
<p>महिला का नाम प्रतीक्षा हिवराले है। पुलिस ने बताया कि महिला लेक रोड पर स्थित सनशाइन बिल्डिंग में रहती है। कुछ उस समय पहले ही शादी हुई थी। वह अपने फ्लैट की खिड़की से नीचे कूदी थी। वह एक पेड़ पर गिरी और ज़मीन से करीब 20-25 फ़ीट ऊपर लटकी हुई मिली।</p>
<p><strong>भांडुप इलाके में हुई घटना</strong><br />यह घटना भांडुप वेस्ट के तुलशेतपाडा में सनशाइन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में हुई। सुबह करीब 9:32 बजे फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जिसके बाद कर्मचारी महिला को बचाने के लिए तुरंत मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने हुक वाली सीढ़ी का इस्तेमाल करके प्रतीक्षा हिवराले तक पहुंचकर उसे सुरक्षित रूप से पेड़ से नीचे उतारा। इसके बाद उसे एक प्राइवेट एम्बुलेंस से प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया।</p>
<p><strong>सायन अस्पताल में भर्ती महिला</strong><br />डॉक्टरों ने बताया कि उनके बाएं पैर में चोट आई है। एक सिविक अधिकारी ने बताया कि बाद में उन्हें सर्जरी के लिए सायन अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक प्रतीक्षा हिवराले की शादी सिर्फ चार महीने पहले हुई थी। वह अभी सायन अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।</p>
<p><strong>होश में आने पर महिला के बयान दर्ज करेगी पुलिस</strong><br />उनकी हालत की वजह से पुलिस अभी तक उनका बयान दर्ज नहीं कर पाई है और इस बारे में मेडिकल रिपोर्ट ले ली है। घटना के बारे में उनके मायके में परिवार वालों को जानकारी दे दी गई है। पुलिस ने कहा कि प्रतीक्षा हिवराले के होश में आने और उनका बयान दर्ज कर पाने के बाद वे आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे। कूदने के बाद एक पेड़ पर जा गिरी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 08:54:39 +0530</pubDate>
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