<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/10100/business" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>business - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/10100/rss</link>
                <description>business RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : यहां व्यापार करने के लिए मराठी जानना ज़रूरी है  - प्रताप सरनाईक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य की परंपरा है कि जो ड्राइवर मराठी सीखने की इच्छा दिखाते हैं, उन्हें मौका दिया जाता है; हालांकि, नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही, अगर आप महाराष्ट्र में बिजनेस करना चाहते हैं, तो सभी ने यह बात मान ली है कि मराठी भाषा जानना जरूरी है, ट्रांसपोर्ट मंत्री प्रताप सरनाईक ने साफ तौर पर कहा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49563/mumbai-it-is-important-to-know-marathi-to-do-business"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-29t122213.560.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>राज्य की परंपरा है कि जो ड्राइवर मराठी सीखने की इच्छा दिखाते हैं, उन्हें मौका दिया जाता है; हालांकि, नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही, अगर आप महाराष्ट्र में बिजनेस करना चाहते हैं, तो सभी ने यह बात मान ली है कि मराठी भाषा जानना जरूरी है, ट्रांसपोर्ट मंत्री प्रताप सरनाईक ने साफ तौर पर कहा। प्रताप सरनाईक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। राज्य में रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य करने के फैसले को असरदार तरीके से लागू करने के लिए, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने 1 मई से 15 अगस्त तक एक खास वेरिफिकेशन कैंपेन चलाने का फैसला किया है। इस कैंपेन का नेतृत्व एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रवींद्र गायकवाड़ की अध्यक्षता में बनी एक कमेटी को सौंपा गया है, ट्रांसपोर्ट मंत्री प्रताप सरनाईक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया।</p>
<p> </p>
<p>मराठी भाषा को अनिवार्य करने के फैसले पर पॉजिटिव रिस्पॉन्स मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि रिक्शा और टैक्सी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक मीटिंग में, सभी संगठनों ने मराठी भाषा को अनिवार्य करने के फैसले पर पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है और पूरा सपोर्ट दिखाया है। राज्य के सभी 59 आरटीओ को 1 मई से एक खास इंस्पेक्शन कैंपेन चलाने का निर्देश दिया गया है, जिसके तहत नियम तोड़ने वाले और गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन करने वाले ड्राइवरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सरनाइक ने यह भी बताया कि सिर्फ मराठी भाषा न जानने के आधार पर लाइसेंस कैंसिल नहीं किया जाएगा, बल्कि दूसरे कानूनी नियमों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>ड्राइवरों ने मराठी भाषा सीखने की इच्छा दिखाई मीरा-भायंदर में चलाए गए खास इंस्पेक्शन ड्राइव का जिक्र करते हुए, मंत्री सरनाइक ने कहा कि कुल 3,443 ऑटो-रिक्शा का इंस्पेक्शन किया गया। इनमें से 565 ड्राइवर मराठी का ज्ञान साबित नहीं कर पाए। हालांकि, इन ड्राइवरों ने मराठी सीखने की इच्छा दिखाई है। एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रवींद्र गायकवाड़ की अध्यक्षता में बनाई गई एक कमेटी रोजाना और हर हफ्ते इस ड्राइव का रिव्यू करेगी और इंस्पेक्शन रिपोर्ट के आधार पर आरटीओ को आगे की कार्रवाई के बारे में निर्देश देगी। मंत्री सरनाइक ने यह भी बताया कि इस कमेटी के जरिए पूरे ड्राइव की असरदार प्लानिंग और उसे लागू करना पक्का किया जाएगा।</p>
<p>इस बीच, मराठी सीखने में दिलचस्पी रखने वाले ड्राइवरों के लिए आरटीओ ऑफिस में सुविधाएं दी जाएंगी, और 'कोकण मराठी साहित्य परिषद' और 'मुंबई मराठी साहित्य संघ' के साथ मिलकर ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, मराठी सीखने के लिए बुकलेट और ई-बुकलेट भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि मराठी भाषा सीखने वाले ड्राइवरों को राज्य सरकार की तरफ से एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा, और लाइसेंस रिन्यू कराते समय यह सर्टिफिकेट ज़रूरी होगा। उन्होंने आखिर में साफ किया कि इस 100 दिन के कैंपेन के बाद, 16 अगस्त को एक पूरी रिपोर्ट जमा की जाएगी, और उसी के हिसाब से आगे के पॉलिसी फैसले लिए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49563/mumbai-it-is-important-to-know-marathi-to-do-business</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49563/mumbai-it-is-important-to-know-marathi-to-do-business</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:23:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-29t122213.560.jpg"                         length="5566"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई के 'स्पेयर पार्ट्स' वाले खेल में 10 करोड़ की सेंधमारी: पुलिस फाइल में अटकी अनुमति, आरोपियों ने चली चाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बोगस फर्म बनाकर 10.78 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) हड़पने के मामले में मुंबई की चार फर्म ट्रेस कर लीं, लेकिन इनके मालिकों तक नहीं पहुंच सकी। इसका फायदा उठाते हुए आरोपितों ने महाराष्ट्र हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर दी, लेकिन यहां से टीम को मुंबई जाने के लिए अब तक डीआइजी की अनुमति नहीं मिल सकी। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49225/10-crore-theft-in-mumbais-spare-parts-game-permission-stuck"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(19).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बोगस फर्म बनाकर 10.78 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) हड़पने के मामले में मुंबई की चार फर्म ट्रेस कर लीं, लेकिन इनके मालिकों तक नहीं पहुंच सकी। इसका फायदा उठाते हुए आरोपितों ने महाराष्ट्र हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर दी, लेकिन यहां से टीम को मुंबई जाने के लिए अब तक डीआइजी की अनुमति नहीं मिल सकी। </p>
<p> </p>
<p>अभी तक मुंबई की जिन चार फर्मों के नाम सामने आए हैं उनमें सिद्धि विनायक, राज ट्रेडर्स, गुुुरु ट्रेडर्स व सर्व साल्यूशन शामिल हैं। इन चारों फर्म ने 45 करोड़ 40 लाख रुपये का स्पेयर पार्ट्स का व्यापार दर्शाया था। इनके बिल लगाकर दस करोड़ 70 लाख का आइटीसी लाभ ले लिया था। जब जांच हुई तो पता चला न तो कोई व्यापार किया ही नहीं गया। जिन फर्मों से माल खरीदना दर्शाया गया था, उनके जीएसटी पंजीयन व लगाए गए बिल फर्जी पाए गए। मुंबई जाकर आरोपितों के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने व उनकी गिरफ्तारी के संबंध में टीम भेजने के लिए डीआइजी बरेली के कार्यालय में अनुमति के लिए पत्र भेजा गया था।</p>
<p>मगर अब तक उस पर स्वीकृति नहीं मिली है। जिस कारण आरोपितों को बचाव का पूरा समय मिल रहा है। पुलिस को जानकारी मिली है उसमें पता चला है कि आरोपित हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर चुके हैं। हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिलने पर पुलिस बहुत ज्यादा कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं होगी।</p>
<p><strong>यह है पूरा मामला</strong><br />रोजा की लोकविहार कालोनी में मई 2025 में सिंह इंटरप्राइजेज नाम से बोगस फर्म पकड़ी गई थी। इटावा निवासी छात्र मंदीप सिह के नाम पर बनी इस फर्म से व्यापार दिखाकर 10.78 लाख की आइटीसी चोरी पकड़ी गई थी। पांच दिसंबर 2025 को रोजा पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना दिल्ली निवासी गौरव यादव, दीपक व सिद्धार्थ पांडेय को गिरफ्तार किया था। ये तीनों लोग इंटरनेट मीडिया पर नौकरी के विज्ञापन निकालकर बेरोजगारों के अभिलेख हासिल करते और उन्हीं अभिलेखों से बोगस फर्म बना देते थे।</p>
<p>इस प्रकरण में तीन माह पूर्व 13 जनवरी को गाजियाबाद निवासी यस बैंक के शाखा संजीव गुप्ता व अमेठी निवासी वरुण शर्मा को पकड़ा गया था। संजीव आरोपितों से बोगस फर्म खरीदकर मुंबई व अन्य राज्यों में लोगों को बेचता था। इसमें उसे आर्थिक लाभ होता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49225/10-crore-theft-in-mumbais-spare-parts-game-permission-stuck</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49225/10-crore-theft-in-mumbais-spare-parts-game-permission-stuck</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 13:12:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/images-%2819%29.jpg"                         length="7557"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : आईआईएम और आईआईटी बाॅम्बे ने शुरू किया डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स, जेईई मेन स्कोर से मिलेगा एडमिशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम मेन 2026 में शामिल हुए कैंडिडेट्स के लिए बड़ा अपडेट है. अब जेईई मेन स्कोर से एडमिशन का दायरा बढ़ गया है. अब ऐसे कैंडिडेट्स जेईई मेन स्कोर से डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में भी एडमिशन ले सकेंगे. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मुंबई ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे के साथ मिलकर 4 साल का ये अंडर ग्रेजुएट कोर्स शुरू किया है. ये अपने तरह का पहला कोर्स है, जो टेक्नोलॉजी और बिजनेस लीडरशिप को साथ रखकर तैयार किया गया है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49199/mumbai-iim-and-iit-bombay-started-digital-science-and-business"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-14t112056.307.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम मेन 2026 में शामिल हुए कैंडिडेट्स के लिए बड़ा अपडेट है. अब जेईई मेन स्कोर से एडमिशन का दायरा बढ़ गया है. अब ऐसे कैंडिडेट्स जेईई मेन स्कोर से डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में भी एडमिशन ले सकेंगे. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मुंबई ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे के साथ मिलकर 4 साल का ये अंडर ग्रेजुएट कोर्स शुरू किया है. ये अपने तरह का पहला कोर्स है, जो टेक्नोलॉजी और बिजनेस लीडरशिप को साथ रखकर तैयार किया गया है. </p>
<p> </p>
<p>आइए, डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. जानेंगे कि इस कोर्स में क्या खास है? साथ ही इस कोर्स के एडमिशन प्रोसेस और फीस के बारे में विस्तार से जानते हैं.</p>
<p><strong>आईआईएम और आईआईटी ने तैयार किया कोर्स</strong><br />डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स की जानकारी आईआईएम मुंबई के डायरेक्टर प्रोफेसर मनोज तिवारी ने दी है. उन्होंने बताया कि आईआईएम मुंबई इस कोर्स को संचालित करेगा, जिसे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे और इंडस्ट्री पार्टनर्स के सहयोग से तैयार किया गया है, जो इस सेशन से संचालित किया जाएगा.</p>
<p><strong>जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन मेन स्कोर और इंटरव्यू से एडमिशन</strong><br />डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन  मेन स्काेर के आधार पर दिया जाएगा. एडमिशन के लिए जेईई मेन स्कोर के आधार पर कैंडिडेट्स को शार्टलिस्ट किया जाएगा, इसके बाद उनका एक इंटरव्यू होगा. इसके बाद एडमिशन के लिए फाइनल मेरिट बनेगी.</p>
<p><strong>कोर्स में क्या सीखाया जाएगा</strong><br />डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स को टेक्नोलॉजी और बिजनेस लीडरशिप को साथ रखकर तैयार किया गया है. इस कोर्स में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और रोबोटिक्स के बारे में जानेंगे का मौका मिलेगा. इसके साथ ही कोर्स में मैनेजमेंट के मुख्य स्तंभों: ऑपरेशंस, मार्केटिंग, फाइनेंस और मैन्युफैक्चरिंग के बारे में भी पढ़ाया जाएगा. </p>
<p><strong>70 सीटें, फीस डिटेल्स और 100 फीसदी प्लेसमेंट</strong><br />डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स के लिए 70 सीटें निर्धारित हैं. तो वहीं ये कोर्स डिजिटल रूप से संचालित किया जाएगा, जिसे इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस कोर्स के लिए निर्धारित फीस की बात करें तो इस डिग्री प्रोग्राम की सालाना फीस 6-7 लाख रुपये होगी. तो वहीं 100 प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी भी संस्थान की तरफ से दी जा रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49199/mumbai-iim-and-iit-bombay-started-digital-science-and-business</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49199/mumbai-iim-and-iit-bombay-started-digital-science-and-business</guid>
                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:22:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-14t112056.307.jpg"                         length="11584"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : पहले हत्या, फिर काटा सिर, मुंबई-अहमदाबाद हाईवे के पास मिली लाश का खुलासा, बिजनेस पार्टनर ने क्यों ली जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद हाईवे के पास आम की बगिया में बोरे में मिली सिर कटी लाश के हत्यारों को पुलिस पकड़ लिया है. बिजनेस पार्टनर और उसके साथी ने पैसों के लालच में किराना दुकानदार की हत्या कर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया था. पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस से बचने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके. 12 घंटे की जांच में ही पुलिस के हाथ आरोपियों के गिरेबान तक पहुंच गए. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48910/mumbai-first-murder-then-beheading-body-found-near-mumbai-ahmedabad-highway"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-02t111441.750.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई-</strong>अहमदाबाद हाईवे के पास आम की बगिया में बोरे में मिली सिर कटी लाश के हत्यारों को पुलिस पकड़ लिया है. बिजनेस पार्टनर और उसके साथी ने पैसों के लालच में किराना दुकानदार की हत्या कर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया था. पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस से बचने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके. 12 घंटे की जांच में ही पुलिस के हाथ आरोपियों के गिरेबान तक पहुंच गए. </p>
<p> </p>
<p><strong>पैसों के लेनदेन का विवाद </strong><br />साझेदारी में पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में दिनेश कुमार और उसके साथी संदीप तिवारी ने मिलकर अशोक की धारदार हथियार से हत्या कर दी. आरोपियों ने शव की पहचान छिपाने के लिए उसका सिर काट दिया. इसके बाद शव को बोरी में बंद कर आम की बगिया में फेंक दिया और सिर को खाड़ी क्षेत्र में ठिकाने लगा दिया. </p>
<p><strong>आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की </strong><br />शव मिलने के बाद पुलिस ने ड्रोन की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाकर खानिवडे गांव के पास तानसा नदी के किनारे झाड़ियों से सिर, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्य बरामद किए, फॉरेंसिक टीम ने भी सबूत जुटाए. पैसों के लालच और पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने वारदात के बाद सबूत मिटाने की हर संभव कोशिश की. लेकिन पुलिस महज 12 घंटे के भीतर ही उन तक पहुंच गई. इसके बाद पुलिस ने आरोपी दिनेश कुमार प्रजापति और संदीप तिवारी को गिरफ्तार कर उन्हें कोर्ट में पेश किया. जहां से उन्हें 10 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48910/mumbai-first-murder-then-beheading-body-found-near-mumbai-ahmedabad-highway</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48910/mumbai-first-murder-then-beheading-body-found-near-mumbai-ahmedabad-highway</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 17:22:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-02t111441.750.jpg"                         length="16291"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        