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                            <item>
                <title>मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट  ने फहीम अंसारी की ऑटोरिक्शा चलाने की मंजूरी की अर्जी खारिज कर दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को फहीम अंसारी की उस पिटीशन को खारिज कर दिया, जिसे 2008 के मुंबई हमलों में बरी कर दिया गया था। अंसारी ने रोजी-रोटी के लिए ऑटोरिक्शा चलाने के लिए ज़रूरी पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट मांगा था। जस्टिस ए.एस. गडकरी और रंजीतसिंह भोंसले की डिवीजन बेंच ने सर्टिफिकेट देने से मना करने के अधिकारियों के फैसले को सही ठहराया और कहा कि मना करना सही था। कोर्ट ने कहा कि डिटेल्ड ऑर्डर बाद में जारी किया जाएगा। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49577/mumbai-bombay-high-court-rejects-faheem-ansaris-plea-for-permission"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-29t192959.382.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को फहीम अंसारी की उस पिटीशन को खारिज कर दिया, जिसे 2008 के मुंबई हमलों में बरी कर दिया गया था। अंसारी ने रोजी-रोटी के लिए ऑटोरिक्शा चलाने के लिए ज़रूरी पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट मांगा था। जस्टिस ए.एस. गडकरी और रंजीतसिंह भोंसले की डिवीजन बेंच ने सर्टिफिकेट देने से मना करने के अधिकारियों के फैसले को सही ठहराया और कहा कि मना करना सही था। कोर्ट ने कहा कि डिटेल्ड ऑर्डर बाद में जारी किया जाएगा। </p>
<p> </p>
<p>अंसारी ने पिछले साल जनवरी में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जब रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस  बैज और परमिट लेने के लिए ज़रूरी PCC के लिए उनकी एप्लीकेशन खारिज कर दी गई थी। उन्हें मिले एक RTI जवाब के मुताबिक, यह मनाही उन पर बैन आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने के आरोपों पर आधारित थी। सितंबर में पिटीशन का विरोध करते हुए, राज्य सरकार ने कहा कि अंसारी निगरानी में है, जिसके कारण उनकी एप्लीकेशन खारिज की जानी चाहिए। अपनी पिटीशन में, अंसारी ने इस फैसले को “मनमाना, गैर-कानूनी और भेदभाव वाला” बताया, और कहा कि इससे उनके रोजी-रोटी के बुनियादी अधिकार का उल्लंघन हुआ है।</p>
<p>हालांकि, राज्य ने कहा कि वह उन सेक्टर में नौकरी करने के लिए आज़ाद है जिनके लिए पुलिस वेरिफिकेशन या क्लीयरेंस सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है। उसने उन नौकरियों की एक लिस्ट भी रिकॉर्ड में रखी जहां ऐसा सर्टिफिकेशन ज़रूरी है, जिसमें सरकारी, सेमी-गवर्नमेंट और म्युनिसिपल बॉडीज़ में पद, साथ ही सिक्योरिटी गार्ड जैसे रोल शामिल हैं। रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस बैज और परमिट लेने और स्कूल और कॉलेज में नौकरी के लिए भी सर्टिफिकेट ज़रूरी है। इसके अलावा, प्राइवेट एम्प्लॉयर नौकरी पर रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन की मांग कर सकते हैं।</p>
<p>पहले के एक एफिडेविट में, सरकार ने बताया था कि अंसारी को 2008 के रामपुर CRPF कैंप ग्रेनेड अटैक में दोषी ठहराया गया था और 10 साल की सज़ा सुनाई गई थी, जिसमें सात जवान और एक आम नागरिक मारे गए थे। हालांकि उसे 26/11 केस में बरी कर दिया गया था, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने लश्कर-ए-तैयबा के साथ उसके कथित जुड़ाव पर ध्यान दिया था। राज्य ने आगे बताया कि उसके खिलाफ कई क्रिमिनल केस दर्ज किए गए थे।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 19:31:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई : बृहन्मुंबई महानगरपालिका  का सैलून पर एक्शन, बरगद के पेड़ को रंगने पर पुलिस से कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बृहन्मुंबई महानगरपालिका के गार्डन विभाग ने बांद्रा पुलिस से एक सैलून के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला तब सामने आया जब आरोप लगा कि सैलून ने अपनी दुकान के बाहर स्थित एक जीवित बरगद के पेड़ को रंग दिया था। इस घटना के बाद सिविक बॉडी ने सैलून को नोटिस जारी कर दिया है और उससे जवाब तलब किया गया है। मामला मुंबई के पाली नाका क्षेत्र में स्थित “टिप एंड टो लक्स सैलून” से जुड़ा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका  के अनुसार, सैलून पर आरोप है कि उसने पेड़ के तने और ऊपर की जड़ों को सजावटी उद्देश्य से गुलाबी और हरे रंग से पेंट कराया। इस काम के लिए कर्मचारियों को भी लगाया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49548/mumbai-brihanmumbai-municipal-corporations-action-on-salon-demand-of-action"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-28t115409.076.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बृहन्मुंबई महानगरपालिका के गार्डन विभाग ने बांद्रा पुलिस से एक सैलून के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला तब सामने आया जब आरोप लगा कि सैलून ने अपनी दुकान के बाहर स्थित एक जीवित बरगद के पेड़ को रंग दिया था। इस घटना के बाद सिविक बॉडी ने सैलून को नोटिस जारी कर दिया है और उससे जवाब तलब किया गया है। मामला मुंबई के पाली नाका क्षेत्र में स्थित “टिप एंड टो लक्स सैलून” से जुड़ा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका  के अनुसार, सैलून पर आरोप है कि उसने पेड़ के तने और ऊपर की जड़ों को सजावटी उद्देश्य से गुलाबी और हरे रंग से पेंट कराया। इस काम के लिए कर्मचारियों को भी लगाया गया था।</p>
<p> </p>
<p>सिविक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के केमिकल या सिंथेटिक पेंट का इस्तेमाल पेड़ों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। इससे पेड़ की प्राकृतिक श्वसन प्रक्रिया प्रभावित होती है, क्योंकि पेंट लेंटिकेल को ब्लॉक कर देता है और पेड़ पर शारीरिक तनाव पैदा करता है, जिससे उसकी सेहत और जीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका  ने जारी नोटिस में सैलून को निर्देश दिया है कि वह वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीकों से पेड़ पर किया गया पेंट पूरी तरह हटाए और इस प्रक्रिया की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट भी जमा करे। इसके साथ ही, बांद्रा पुलिस से इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की भी सिफारिश की गई है।</p>
<p>नगर निकाय ने अपने पत्र में कहा है कि सैलून ने महाराष्ट्र (अर्बन एरियाज) ट्री प्रोटेक्शन एंड प्रिजर्वेशन एक्ट, 1975 की धारा 8 और 21 का उल्लंघन किया है। इस कानून के तहत किसी भी पेड़ को नुकसान पहुंचाना “कटाई” की श्रेणी में आता है, जिसके लिए एक साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों का भी हवाला दिया है, जिनमें पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। हालांकि, सैलून प्रबंधन ने अपनी सफाई में कहा है कि पेड़ पर केवल प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया गया था और उनका इरादा किसी तरह का नुकसान पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल पेंट को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पेड़ों के संरक्षण और शहरी क्षेत्रों में हरियाली की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 11:55:29 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : नितेश राणे को सिंधुदुर्ग कोर्ट ने दी एक महीने की जेल, मुंबई-गोवा हाइवे पर NHAI इंजीनियर पर फेंका था कीचड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सिंधुदुर्ग की अदालत ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को 2019 के एक मामले में दोषी ठहराया। यह मामला तब का है जब नितेश राणे विपक्ष में थे और उन्होंने NHAI के एक इंजीनियर पर कीचड़ फेंका था। अदालत ने उन्हें एक महीने की जेल की सज़ा सुनाई और कहा कि कानून बनाने वालों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।अदालत ने कहा कि कानून निर्माताओं को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। घटना के वक्त राणे विपक्ष के नेता थे। हालांकि, अदालत ने राणे की सजा निलंबित कर दी और उन्हें हाई कोर्ट में अपील करने का समय दिया, जबकि इस मामले में 29 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49540/mumbai-sindhudurg-court-gives-one-month-jail-to-nitesh-rane"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-28t114303.120.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> सिंधुदुर्ग की अदालत ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को 2019 के एक मामले में दोषी ठहराया। यह मामला तब का है जब नितेश राणे विपक्ष में थे और उन्होंने NHAI के एक इंजीनियर पर कीचड़ फेंका था। अदालत ने उन्हें एक महीने की जेल की सज़ा सुनाई और कहा कि कानून बनाने वालों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।अदालत ने कहा कि कानून निर्माताओं को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। घटना के वक्त राणे विपक्ष के नेता थे। हालांकि, अदालत ने राणे की सजा निलंबित कर दी और उन्हें हाई कोर्ट में अपील करने का समय दिया, जबकि इस मामले में 29 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। <br />अतिरिक्त सत्र न्यायालय के न्यायाधीश वी एस देशमुख ने कहा कि हालांकि नितीश राणे का इरादा घटिया काम और जनता को हो रही असुविधा के खिलाफ आवाज उठाना था, लेकिन उन्हें किसी लोक सेवक को सार्वजनिक रूप से अपमानित या बेइज्जत नहीं करना चाहिए था। </p>
<p> </p>
<p><strong>अदालत ने क्या कहा</strong><br />न्यायाधीश ने कहा कि यदि ऐसी घटनाएं होती रहीं, तो लोक सेवक गरिमा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर पाएंगे। अदालत ने कहा कि ऐसी प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना समय की मांग है। पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के पुत्र नितेश राणे उन 30 लोगों में शामिल थे जिन पर दंगा, लोक सेवक को कार्य करने से रोकने के लिए हमला करने और आपराधिक साजिश रचने सहित विभिन्न अपराधों के आरोप लगाए गए थे। घटना के समय वह कांग्रेस में थे। </p>
<p><strong>कई आरोपों से नितेश राणे बरी</strong><br />अदालत ने अधिकांश आरोपों के समर्थन में अपर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के कारण नितेश राणे सहित सभी आरोपियों को इन अपराधों से बरी कर दिया। हालांकि, अदालत ने नितेश राणे को धारा 504 (सार्वजनिक शांति भंग करने के उद्देश्य से जानबूझकर अपमान करना) के तहत दोषी पाया और उन्हें एक महीने जेल की सजा सुनाई।</p>
<p><strong>मुंबई-गोवा राजमार्ग को लेकर हुई थी घटना</strong><br />राणे, जो उस समय कांग्रेस विधायक थे, ने चार जुलाई, 2019 को मुंबई-गोवा राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुमंडल अभियंता प्रकाश शेडेकर को कंकावली में गड नदी पर बने पुल पर बुलाया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सड़क निर्माण की खराब गुणवत्ता और जलभराव से नाराज नितेश राणे और उनके समर्थकों ने अभियंता का विरोध किया। उन्होंने शेडेकर पर कीचड़ वाला पानी डाला और उन्हें सार्वजनिक रूप से कीचड़ में चलने के लिए मजबूर किया। अदालत ने रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों की जांच करने के बाद पाया कि शिकायतकर्ता (पीड़ित) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में उच्च पद पर कार्यरत थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 11:44:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना जरूरी नहीं, सरकार ने 6 महीने के लिए टाला फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>1 मई से ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना जरूरी नहीं होगा। महाराष्ट्र सरकार ने पहले ऐलान किया था कि मुंबई में ऑटो-रिक्शा या टैक्सी चलाने वाले सभी लोगों के लिए 1 मई से मराठी बोलना जरूरी होगा। हालांकि, विरोध के बाद इस फैसले को 6 महीने के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, इस दौरान मराठी बोलने वाले और गैर मराठी ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों का वेरिफिकेशन जारी रहेगा। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा था कि मुंबई में रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य किया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49525/it-is-not-necessary-for-auto-rickshaw-and-taxi-drivers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-27t174737.088.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>1 मई से ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना जरूरी नहीं होगा। महाराष्ट्र सरकार ने पहले ऐलान किया था कि मुंबई में ऑटो-रिक्शा या टैक्सी चलाने वाले सभी लोगों के लिए 1 मई से मराठी बोलना जरूरी होगा। हालांकि, विरोध के बाद इस फैसले को 6 महीने के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, इस दौरान मराठी बोलने वाले और गैर मराठी ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों का वेरिफिकेशन जारी रहेगा। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा था कि मुंबई में रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि रिक्शा चालकों को मराठी नहीं आती, तो उनके परमिट रद्द कर दिए जाएंगे। इसके बाद मराठी बनाम गैर-मराठी विवाद दोबारा उभर गया था।</p>
<p> </p>
<p>इस मुद्दे पर कई नेताओं ने विवादित बयान भी दिए थे। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे भी इनमें से एक थे। अमित ठाकरे ने कहा था कि जो मराठी भाषा अनिवार्य करने का विरोध कर रहे हैं। अगर उनके आंदोलन से किसी मराठी व्यक्ति को परेशानी हुई तो उसे सड़क पर ही पीटेंगे।</p>
<p><strong>विपक्ष के नेताओं ने गुंडागर्दी का किया था विरोध</strong><br />गैर मराठीभाषी लोगों के अलावा विपक्ष के नेताओं ने भी मराठी के नाम पर गुंडागर्दी का विरोध किया था। एआईएमआईएम के नेता इम्तियाज जलील ने कहा था कि महाराष्ट्र में रहने वाले सभी लोगों को मराठी बोलनी चाहिए। जिन लोगों को नहीं आती है, उन्हें मराठी सिखाई जानी चाहिए, लेकिन भाषा के नाम पर गुंडागर्दी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि लोगों को मराठी सिखाने का बेहतर तरीका अपनाया जाना चाहिए। अब संभवतः महाराष्ट्र सरकार भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।</p>
<p><strong>सरकार तैयार करेगी सिलेबस</strong><br />महाराष्ट्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि ऑटो-रिक्शा चलाने वाले लोगों को मराठी में पढ़ना या लिखना जरूरी नहीं है, उन्हें सिर्फ आम बोलचाल की भाषा सीखने की जरूरत है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि सरकार राज्य में ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने के लिए एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करेगी। वहीं, मनसे कार्यकर्ताओं ने पहले ही उन ऑटो-रिक्शा पर स्टीकर लगाने शुरू कर दिए हैं, जिनके चालकों को मराठी आती है। </p>
<p><strong>मुंबई मराठी साहित्य संघ सिखाएगा भाषा</strong><br />महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने कहा, "मुंबई मराठी साहित्य संघ ने राज्य भर में अपनी अलग-अलग ब्रांच में ऑटो रिक्शा ड्राइवरों और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी सिखाने की जिम्मेदारी ली है। इससे मराठी को बढ़ावा मिलेगा। कोंकण मराठी साहित्य परिषद भी मिलकर कोंकण इलाके में मराठी सिखाएगी।</p>
<p><strong>एक मई से लागू होने वाला था फैसला</strong><br />परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा था कि सरकार ने महाराष्ट्र दिवस (एक मई) से इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिसके तहत ऑटो, टैक्सी और ओला, उबर तथा ई-बाइक जैसी ऐप आधारित सेवाओं के चालकों के लिए यात्रियों से मराठी में संवाद करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा था कि इस पहल के तहत गैर-मराठी चालकों को भाषा सिखाने के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:49:23 +0530</pubDate>
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