<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/10053/not" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>not - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/10053/rss</link>
                <description>not RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : दो बिल्डरों को पजेशन ना देने की वजह से हो गई जेल </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मुंबई से एक मामला सामने आया है, जिसमें दो बिल्डरों को एक फ्लैट का पजेशन ना लौटा पाने की वजह स जेल की सजा काटना पड़ेगी. इतनी ही नहीं इसके साथ दोनों को 10-10 हजार रुपये जुर्माने के रूप में भी देना होगा. </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51446/mumbai-two-builders-jailed-for-not-giving-possession"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/building.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र के मुंबई से एक मामला सामने आया है, जिसमें दो बिल्डरों को एक फ्लैट का पजेशन ना लौटा पाने की वजह स जेल की सजा काटना पड़ेगी. इतनी ही नहीं इसके साथ दोनों को 10-10 हजार रुपये जुर्माने के रूप में भी देना होगा. </p>
<p> </p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br />दरअसल ये मामला मुंबई के कुर्ला स्थित स्टर्लिंग अपार्टमेंट्स का है. जहां सुनील सदानंद वैती और उनकी पत्नी कीर्ति सुनील वैती ने समीर जियाउद्दीन और सरोश खान की शिकायत कंज्यूमर फोरम में की थी. उनकी शिकायत पर आयोग ने पहले बिल्डरों को फ्लैट ए-701 का काम पूरा करने, जरूरी ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और बिल्डिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेने और इसके बाद खरीदारों को फ्लैट का कानूनी कब्जा देने का आदेश दिया था.</p>
<p>इतना ही नहीं आयोग ने खरीदारों को बाकी 14.50 लाख रुपये और कुछ अन्य शुल्क मिलाकर पूरे 15 लाख रुपये देने को कहा था. साथ ही बिल्डरों को 16.50 लाख रुपये पर 30 अगस्त 2013 से कब्जा मिलने तक 21 प्रतिशत सालाना ब्याज देने और खरीदारों को मानसिक व शारीरिक परेशानी के लिए 1 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया गया था.</p>
<p><strong>बिल्डरों ने नहीं किया आदेश का पालन</strong><br />आयोग के आदेश के कुछ समय के बाद ही खरीदारों ने दोबारा शिकायत की, कि बिल्डरों ने आयोग के आदेश का पालन नहीं किया. जिस पर बिल्डरों ने सफाई दी कि जमीन की सीमा और नियमों में बदलाव के कारण बिल्डिंग का प्लान बदलना पड़ा. उन्होंने नए प्लान और जरूरी मंजूरियों के लिए आवेदन करने की बात भी कही. हालांकि, सुनवाई के दौरान समीर खान ने माना कि फ्लैट का कब्जा खरीदारों को दिया जा चुका था, लेकिन ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं लिया गया था. </p>
<p><strong>आयोग ने सुनाई सजा</strong><br />जिस पर आयोग ने कहा कि बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के दिया गया कब्जा कानूनी कब्जा नहीं माना जा सकता. आयोग ने ये भी माना कि बिल्डरों ने पहले के आदेश का जानबूझकर पालन नहीं किया. तो वहीं आयोग ने ये भी कहा कि बिल्डरों को आदेश का पालन करने के लिए काफी समय मिला था, लेकिन वो इसे पूरा नहीं कर पाए. इसलिए उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत दोनों को दोषी मानते हुए दो साल की जेल की सजा सुनाई गई. अब दोनों बिल्डर दो सालों तक जेल की सलाखों के पीछे रहने वाले हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51446/mumbai-two-builders-jailed-for-not-giving-possession</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51446/mumbai-two-builders-jailed-for-not-giving-possession</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 12:01:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/building.webp"                         length="73310"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई, पुणे, नागपुर समेत पूरे महाराष्ट्र में मराठी न बोलने वाले टैक्सी चालकों के लाइसेंस होंगे निरस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाले टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स (थर्ड अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 जारी करते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अब इलेक्ट्रॉनिक मीटर से चलने वाली टैक्सियों के अधिकृत चालकों और परमिट धारकों दोनों के लिए मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान होना जरूरी होगा।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51372/licenses-of-taxi-drivers-who-do-not-speak-marathi-will"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/pratapsarnaik-2026-08-13-17-58-55.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाले टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स (थर्ड अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 जारी करते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अब इलेक्ट्रॉनिक मीटर से चलने वाली टैक्सियों के अधिकृत चालकों और परमिट धारकों दोनों के लिए मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान होना जरूरी होगा।</p>
<p> </p>
<p>सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स नियम, 1989 में संशोधन किया है। नियम 4 में 'पूर्ववृत्त' शब्द के बाद 'और मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान' जोड़ा गया है। नियम 22 का हाशिया बदलकर 'इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगी मोटर कैब के चालकों के लिए अतिरिक्त नियम' कर दिया गया है।</p>
<p><strong>एक महीने की नोटिस के बाद कैंसल होगा लाइसेंस</strong><br />सबसे अहम बदलाव नियम 24 में किया गया है। इसके तहत अब हर अधिकृत टैक्सी चालक को मराठी का कार्यसाधक ज्ञान होना अनिवार्य है। अगर किसी चालक के पास मराठी का ज्ञान नहीं है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी एक महीने का नोटिस देगी। इस एक महीने में चालक को मराठी सीखनी होगी। अगर तय समय में चालक नियम का पालन नहीं करता है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी लिखित कारण दर्ज कर कार्रवाई कर सकती है।</p>
<p>इसके तहत पहले ड्राइविंग लाइसेंस पर अधिकृतता तीन महीने तक निलंबित की जा सकती है। इसके बाद भी अनुपालन न होने पर उचित सुनवाई के बाद चालक का अधिकृत परमिट रद्द भी किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51372/licenses-of-taxi-drivers-who-do-not-speak-marathi-will</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51372/licenses-of-taxi-drivers-who-do-not-speak-marathi-will</guid>
                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 10:45:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/pratapsarnaik-2026-08-13-17-58-55.webp"                         length="78278"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: बीएमसी पर सख्त हाईकोर्ट; पूछा - इंदौर साफ हो सकता है तो मुंबई क्यों नहीं?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई की सफाई व्यवस्था पर सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब इंदौर लगातार सबसे स्वच्छ शहर बन सकता है तो मुंबई क्यों नहीं। अदालत ने बीएमसी को सड़कों से तुरंत कचरा हटाने, ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन कराने और वार्ड अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर जुर्माना 200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने का सुझाव भी दिया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50774/mumbai-high-court-came-down-hard-on-bmc-and-asked"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/1200-675-27155933-1055-27155933-1784123579205.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई की सफाई व्यवस्था पर सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब इंदौर लगातार सबसे स्वच्छ शहर बन सकता है तो मुंबई क्यों नहीं। अदालत ने बीएमसी को सड़कों से तुरंत कचरा हटाने, ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन कराने और वार्ड अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर जुर्माना 200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने का सुझाव भी दिया। </p>
<p> </p>
<p><strong>क्या मुंबई में भी मोशी जैसा हादसा हो सकता है?</strong><br />अदालत ने पुणे जिले के मोशी में हाल ही में हुए कचरा संयंत्र भवन हादसे का भी जिक्र किया और कहा कि मुंबई में ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। अदालत ने कहा कि मुंबई में भी कचरे के बड़े-बड़े ढेर मौजूद हैं, इसलिए समय रहते प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।<br /><strong>किस मामले की सुनवाई के दौरान हुई यह टिप्पणी?</strong><br />न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति आरती साठे की खंडपीठ उपनगर कांजुरमार्ग स्थित डंपिंग ग्राउंड के आसपास रहने वाले लोगों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इन याचिकाओं में प्रदूषण, लगातार फैल रही दुर्गंध, गैस उत्सर्जन और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई गई है।<br /><strong>मोशी हादसे में क्या हुआ था?</strong><br />अदालत ने 8 जुलाई को पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में हुए हादसे का भी उल्लेख किया। भारी बारिश के बाद वर्षों से जमा अनुपचारित ठोस कचरे और औद्योगिक अपशिष्ट का विशाल ढेर अचानक खिसक गया और पास की दो मंजिला इमारत पर गिर पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी।<br /><strong>हाईकोर्ट ने मुंबई को लेकर क्या चिंता जताई?</strong><br />खंडपीठ ने कहा कि मुंबई में भी कचरे के ऊंचे-ऊंचे ढेर हैं। यहां भी ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए। अदालत ने माना कि समस्या केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि नागरिकों की भी है। इच्छाशक्ति की कमी के कारण शहर की सड़कों पर कचरा फैला रहता है, जिससे मानसून के दौरान जलभराव और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं।<br />नागरिकों को लेकर अदालत ने क्या कहा?<br />हाईकोर्ट ने कहा कि लोगों को भी जागरूक बनाने की जरूरत है ताकि वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें और घरों से निकलने वाले कचरे का अलग-अलग वर्गों में पृथक्करण (सेग्रिगेशन) करें। अदालत ने स्पष्ट कहा कि मुंबई में किसी भी नागरिक को सार्वजनिक सड़क पर कचरा फेंकने की छूट नहीं है। <br />थूकने की आदत पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी क्यों?<br />अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी कड़ी नाराजगी जताई। खंडपीठ ने टिप्पणी की, 'हमारे देश में थूकना मानो राष्ट्रीय शौक बन गया है।' कोर्ट ने कहा कि थूकने पर वर्तमान 200 रुपये का जुर्माना बेहद कम है और इसे बढ़ाकर 2,000 रुपये किया जाना चाहिए ताकि लोगों में डर पैदा हो और इस आदत पर रोक लग सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50774/mumbai-high-court-came-down-hard-on-bmc-and-asked</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50774/mumbai-high-court-came-down-hard-on-bmc-and-asked</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 12:10:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/1200-675-27155933-1055-27155933-1784123579205.jpg"                         length="129297"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: 'सिग्नल, यार्ड और कार शेड से ट्रेन में न चढ़ें यात्री', सेंट्रल रेलवे ने दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वह केवल रेलवे स्टेशन के निर्धारित प्लेटफॉर्म से ही ट्रेनों में चढ़ें और उतरें। रेलवे ने यार्ड, कार शेड, सिग्नल या अन्य अनधिकृत स्थानों से ट्रेन में चढ़ने की कोशिश न करने की सलाह दी है। सेंट्रल रेलवे के अनुसार, यह देखा गया है कि रोजाना सुबह करीब 8 बजे से 8:30 बजे के बीच कलवा कार शेड से निकलने वाली एक खाली लोकल ट्रेन मुख्य प्रवेश द्वार के पास सिग्नल के कारण कुछ समय के लिए रुकती है। इस दौरान कुछ यात्री गेट पार कर सिग्नल पर खड़ी ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करते हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50713/central-railway-warns-passengers-not-to-board-trains-from-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-13t112027.773.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वह केवल रेलवे स्टेशन के निर्धारित प्लेटफॉर्म से ही ट्रेनों में चढ़ें और उतरें। रेलवे ने यार्ड, कार शेड, सिग्नल या अन्य अनधिकृत स्थानों से ट्रेन में चढ़ने की कोशिश न करने की सलाह दी है। सेंट्रल रेलवे के अनुसार, यह देखा गया है कि रोजाना सुबह करीब 8 बजे से 8:30 बजे के बीच कलवा कार शेड से निकलने वाली एक खाली लोकल ट्रेन मुख्य प्रवेश द्वार के पास सिग्नल के कारण कुछ समय के लिए रुकती है। इस दौरान कुछ यात्री गेट पार कर सिग्नल पर खड़ी ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करते हैं।</p>
<p> </p>
<p>रेलवे ने इसे बेहद खतरनाक बताते हुए कहा कि यदि सिग्नल मिलने के बाद ट्रेन अचानक चल पड़ती है तो गंभीर हादसा हो सकता है, जिससे यात्रियों की जान को खतरा पैदा हो सकता है और वे घायल भी हो सकते हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल रेलवे ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर इस गेट को स्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। इसके अलावा विभिन्न सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए यह भी विचार किया जा रहा है कि सिग्नल पर ट्रेनों के रुकने की स्थिति को कैसे समाप्त किया जाए।</p>
<p>रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों को भी संबंधित स्थान पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। सेंट्रल रेलवे ने स्पष्ट किया कि कार शेड, यार्ड या अन्य गैर-यात्री क्षेत्रों में खड़ी खाली ट्रेनों में चढ़ना न केवल बेहद खतरनाक है, बल्कि रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध भी है। ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे केवल निर्धारित प्लेटफॉर्म से ही ट्रेन में चढ़ें और उतरें तथा सुरक्षा नियमों का पालन करें। सेंट्रल रेलवे ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए यात्री रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं या ड्यूटी पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों से मदद ले सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50713/central-railway-warns-passengers-not-to-board-trains-from-mumbai</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50713/central-railway-warns-passengers-not-to-board-trains-from-mumbai</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 11:21:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/images---2026-07-13t112027.773.jpg"                         length="69945"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        