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                <title>Decline - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>CNG वाहनों की बिक्री में भारी गिरावट...</title>
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                        <![CDATA[एक वाहन विक्रेता कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि सीएनजी मॉडल को लेकर निर्धारित नियमावली के चलते कई मॉडलों को उतारने में थोड़ी हलचल हुई है, लेकिन अगले साल तक सीएनजी के नए मॉडल को उतारने में सफलता मिलेगी और सीएनजी वाहनों की बिक्री में इजाफा देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि मारुति सुजुकी के पास सीएनजी वाहनों के कई मॉडल उपलब्ध हैं। ऐसे में सबसे अधिक ३५ प्रतिशत बाजार पर उसी कंपनी का कब्जा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20514/huge-decline-in-sales-of-cng-vehicles"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/download-(4)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>केंद्र की मोदी सरकार सीएनजी गैस पर आधारित वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भले पूरा प्रयास कर रही हो लेकिन उसके नतीजे संतोषजनक नहीं साबित हो रहे हैं। पिछले महीने अप्रैल में सीएनजी वाहनों की बिक्री में भारी गिरावट आई है। एक महीने में लगभग ४ हजार सीएनजी वाहन की बिक्री कम हुई है। इसके पीछे की वजह को लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है लेकिन अनुमान जताया जा रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों में बढ़ रहे आकर्षण से सीएनजी के प्रति लोगों का मोह भंग हो रहा है। जानकारों की मानें तो इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में इजाफा हुआ है। सीएनजी का बाजार अब इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कंप्रेस्ड प्राकृतिक गैस (CNG) की कीमतों में केंद्र सरकार ने अप्रैल महीने में कमी लाने की घोषणा की। इसके बावजूद सीएनजी वाहनों की खरीददारी में भारी गिरावट देखी गई है। अप्रैल महीने में कुल २९,३२३ सीएनजी वाहनों की बिक्री हुई और इसका पंजीकरण किया गया, जबकि मार्च में यह आंकड़ा ३३,६५२ से अधिक था। वाहन डेटा के आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में ३०,८५२ वाहनों का पंजीकरण हुआ था। फरवरी में थोड़ा कम होकर ३०,८४६ सीएनजी वाहनों का पंजीकरण हुआ था, जबकि अप्रैल के शुरुआत में ही सीएनजी गैस के मूल्य निर्धारण की नई योजना को मंजूरी दी गई थी। जिसके बाद कीमतों में कमी की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन वह बेअसर रहा। एक वाहन विक्रेता कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि सीएनजी मॉडल को लेकर निर्धारित नियमावली के चलते कई मॉडलों को उतारने में थोड़ी हलचल हुई है, लेकिन अगले साल तक सीएनजी के नए मॉडल को उतारने में सफलता मिलेगी और सीएनजी वाहनों की बिक्री में इजाफा देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि मारुति सुजुकी के पास सीएनजी वाहनों के कई मॉडल उपलब्ध हैं। ऐसे में सबसे अधिक ३५ प्रतिशत बाजार पर उसी कंपनी का कब्जा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अगले एक साल में कंपनी ४.५ लाख वाहनों के बेचने का लक्ष्य बना रही है। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना ​​है कि पंजीकरण में गिरावट अस्थायी है और जल्द ही सीएनजी वाहनों की बिक्री में तेजी आएगी। एक अन्य विशेषज्ञ ने बताया कि बाजार में इन दिनों इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का रुझान ज्यादा देखने को मिल रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण के लिए लंबी कतार लगने लगी है। सीएनजी से कई गुना सस्ता इलेक्ट्रिक र्इंधन पड़ रहा है। जो लोगों को भा रहा है, मुंबई जैसे शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 May 2023 12:03:08 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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                <title>मुंबई की लोकल ट्रेन से लोगों का लगाव कम, २० प्रतिशत की गिरावट...</title>
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                        <![CDATA[मध्य रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, २०२० में औसतन ४१.४७ लाख लोगों ने रोजाना लोकल ट्रेनों से यात्रा की और वित्त वर्ष २०२३ में यह आंकड़ा ६.०९ लाख घटकर ३५.३८ लाख रह गया। इसी तरह पश्चिम रेलवे ने वित्त वर्ष २०२० में प्रतिदिन ३४.८७ लाख यात्रियों को यात्रा कराई थी लेकिन वित्त वर्ष २०२३ में यात्रियों की संख्या ८.३० लाख घटकर २६.५७ लाख रह गई। कुल मिलाकर सेंट्रल और वेस्टर्न में संयुक्त रूप से १४.३९ लाख यात्रियों की दैनिक गिरावट देखी गई है। यात्रियों की यह गणना टिकटों की बिक्री और स्टेशनों पर यात्रियों की औसत संख्या पर आधारित है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/19999/people-s-attachment-to-mumbai-s-local-train-is-low--20-percent-decline"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-04/download-(19).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की लाइफलाइन कही जानेवाली इसी ‘लोकल’ ट्रेन से लोगों का लगाव अब कम हो गया है। कोविड महामारी के बाद लोकल ट्रेनों की सेवाओं का लाभ उठानेवाले यात्रियों की संख्या में प्रतिदिन लगभग २० प्रतिशत की भारी गिरावट देखी जा रही है। १४.३९ लाख यात्री वेस्टर्न और सेंट्रल लाइन पर कम हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, महामारी-प्रेरित दूरस्थ कार्य और ट्रांसपोर्ट के नए तरीके तथा निजी वाहनों ने लोकल ट्रेनों का भार कम कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, २०२० में औसतन ४१.४७ लाख लोगों ने रोजाना लोकल ट्रेनों से यात्रा की और वित्त वर्ष २०२३ में यह आंकड़ा ६.०९ लाख घटकर ३५.३८ लाख रह गया। इसी तरह पश्चिम रेलवे ने वित्त वर्ष २०२० में प्रतिदिन ३४.८७ लाख यात्रियों को यात्रा कराई थी लेकिन वित्त वर्ष २०२३ में यात्रियों की संख्या ८.३० लाख घटकर २६.५७ लाख रह गई। कुल मिलाकर सेंट्रल और वेस्टर्न में संयुक्त रूप से १४.३९ लाख यात्रियों की दैनिक गिरावट देखी गई है। यात्रियों की यह गणना टिकटों की बिक्री और स्टेशनों पर यात्रियों की औसत संख्या पर आधारित है।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Apr 2023 11:00:54 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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                <title>मुंबई की जनसंख्या वृद्धि में गिरावट...10 साल में घटी 2.3 फीसदी आबादी</title>
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                        <![CDATA[मुंबई को मिनी भारत कहा जाता है। यहां देश के हर कोने से लोग रोजगार की तलाश में आते हैं, जिसके कारण देश के अन्य महानगरों की अपेक्षा यहां जनसंख्या घनत्व काफी ज्यादा माना जाता है। लेकिन, बीएमसी की पर्यावरण रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक दशक में मुंबई में जनसंख्या वृद्धि में गिरावट आई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/16195/decline-in-mumbai-s-population-growth----2-3-percent-population-decreased-in-10-years"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-12/download-(1)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई:</strong> मुंबई को मिनी भारत कहा जाता है। यहां देश के हर कोने से लोग रोजगार की तलाश में आते हैं, जिसके कारण देश के अन्य महानगरों की अपेक्षा यहां जनसंख्या घनत्व काफी ज्यादा माना जाता है। लेकिन, बीएमसी की पर्यावरण रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक दशक में मुंबई में जनसंख्या वृद्धि में गिरावट आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले एक दशक में मुंबई में जनसंख्या वृद्धि दर 1.5 प्रतिशत रही, जबकि वर्ष 2001 से 2011 बीच यह 3.8 प्रतिशत थी। यानी पिछले एक दशक में मुंबई की जनसंख्या में 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार मुंबई में कुल जनसंख्या 1 करोड़ 26 लाख के करीब थी।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार पिछले दस सालों में मुंबई में कुल जनसंख्या में मात्र 3.37 लाख की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में, मुंबई की जनसंख्या बढ़कर 1 करोड़ 29 लाख 67 हजार हुई है। इस दौरान मुंबई में जनसंख्या वृद्धि दर 1.5 प्रतिशत रही, जबकि वर्ष 2011 के बीच मुंबई की जनसंख्या वृद्धि दर 3.8 थी।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट की मानें, तो मुंबई में सबसे अधिक जनसंख्या बढ़ने का प्रमाण वर्ष 1951 में मिलता है। उस दौरान मुंबई की जनसंख्या में 66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। उसके वर्ष 1971 में वृद्धि दर 43 प्रतिशत थी। इसी तरह वर्ष 1981 में 38 प्रतिशत, वर्ष 1991 में 21 प्रतिशत और वर्ष 2001 में जनसंख्या वृद्धि दर 20.6 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2011 में मात्र 3,8 प्रतिशत रह गई।</p>
<p style="text-align:justify;">बीएमसी रिपोर्ट के अनुसार पिछले दशक में मुंबई की जनसंख्या वृद्धि दर में कमी आई है। जबकि राज्य की पिछली उद्धव सरकार ने जनसंख्या वृद्धि का हवाला देते हुए मुंबई में प्रभागों की संख्या में 9 की वृद्धि करते हुए 227 से 236 कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">जून, 2022 में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस सरकार ने उद्धव सरकार के निर्णय को पलटते हुए प्रभागों की संख्या 227 कर दी। इसे लेकर मामला कोर्ट में गया और लंबित पड़ा हुआ है। बीएमसी की रिपोर्ट ने उद्धव सरकार के मुंबई में जनसंख्या वृद्धि के दावों की पोल खोल कर रख दी है।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Dec 2022 11:33:57 +0530</pubDate>
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