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                <title>National - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>National RSS Feed</description>
                
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                <title>​'महाराष्ट्र और बंगाल के बाद अब यूपी की बारी', ओपी राजभर का दावा- समाजवादी पार्टी में जल्द होगी बड़ी टूट</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। यूपी सरकार में मंत्री और सुभासपा (SBSP) प्रमुख ओपी राजभर ने दावा किया है कि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी (SP) में जल्द ही एक बड़ी टूट होने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सपा नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र सौंपा है और सपा के कई नेता भ्रष्टाचार के मुकदमों के डर से बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार बैठे हैं। हालांकि, अखिलेश यादव ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50313/after-maharashtra-and-bengal-now-its-ups-turn-op-rajbhar"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/whatsapp_image_2022_07_22_at_12_45_56_pm.jpeg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>लखनऊ: </strong>उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी और दल-बदल की अटकलों का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया है। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। राजभर का कहना है कि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा में एक बड़ा विभाजन (Split) होने वाला है और पार्टी के कई नेता बीजेपी (BJP) का दामन थामने की फिराक में हैं।</p>
<p dir="ltr">​<strong>'राम गोपाल यादव ने अमित शाह को सौंपा पत्र'</strong></p>
<p dir="ltr">सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट के जरिए ओपी राजभर ने सपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "समाजवादी पार्टी में बहुत बड़ी टूट होने जा रही है। राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी को एक पत्र सौंपा है।"</p>
<p dir="ltr">​राजभर ने आगे आरोप लगाया कि यूपी का बच्चा-बच्चा जानता है कि खनन घोटाला (Mining Scam) और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों की पकड़ मजबूत होने के कारण सपा के नेता बेचैन हैं। देश के अन्य राज्यों में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल का हवाला देते हुए राजभर ने लिखा, "महाराष्ट्र और बंगाल को भूल जाइए, पूरी सपा बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार बैठी है। अब यूपी का नंबर है।"</p>
<p dir="ltr">​<strong>अखिलेश यादव ने दावों पर कसा तंज</strong></p>
<p dir="ltr">ओपी राजभर के इन सनसनीखेज दावों पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश ने राजभर के दावों का मजाक उड़ाते हुए कहा, "दाना और गाना कब तक चलेगा ये अफसाना।" अखिलेश ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी मजबूती से एकजुट है और बीजेपी का हमेशा से प्रलोभन और दबाव के जरिए दूसरी पार्टियों में फूट डालने का इतिहास रहा है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>सपा ने बताया 'ध्यान भटकाने की साजिश'</strong></p>
<p dir="ltr">सपा के प्रवक्ताओं ने भी राजभर के बयानों पर पलटवार किया है। पार्टी का कहना है कि ओम प्रकाश राजभर जानबूझकर इस तरह के बेतुके बयान दे रहे हैं ताकि जनहित के असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। सपा नेता मनीष सिंह ने राजभर को उनकी हैसियत की याद दिलाते हुए कहा, "समाजवादी पार्टी पर टिप्पणी करने से पहले राजभर जी को अपनी राजनीतिक ताकत का आकलन करना चाहिए। उनकी पूरी पार्टी में जितने कार्यकर्ता और नेता हैं, उससे कहीं ज्यादा हमारी पार्टी के एक छोटे से ब्लॉक में होते हैं।"</p>
<p dir="ltr">​उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक राम गोपाल यादव या अमित शाह की तरफ से इस कथित पत्र या मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 16:28:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>​'बुलडोजर के डर से कांप रहे थे यूसुफ पठान', सांसद रुहुल्लाह मेहदी के दावे पर महुआ मोइत्रा ने खोला राज</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">टीएमसी (TMC) के बागी सांसद यूसुफ पठान को लेकर श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि संसद के पिछले शीतकालीन सत्र के दौरान एक सांसद ने पठान को डराया था कि अगर उन्होंने बीजेपी का विरोध किया, तो गुजरात में उनका घर बुलडोजर से गिरा दिया जाएगा। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस दावे की पुष्टि करते हुए बड़ा राज खोला कि यूसुफ पठान को डराने वाले नेता असदुद्दीन ओवैसी थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50297/mahua-moitra-revealed-the-secret-on-the-claim-of-yusuf"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/yusuf-pathan-land-row-1781516810235.webp" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>नई दिल्ली: </strong>तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान इन दिनों अपनी ही पार्टी के निशाने पर हैं। उनके बागी खेमे में जाने के बाद अब उन्हें लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने दावा किया है कि संसद के अंदर यूसुफ पठान को उनके घर पर 'बुलडोजर' चलाने का डर दिखाया गया था। वहीं, तेजतर्रार टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए दावा किया है कि पठान को चेतावनी देने वाले नेता एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी थे।</p>
<p dir="ltr">​<strong>क्या है 'बुलडोजर' वाली धमकी का पूरा मामला?</strong></p>
<p dir="ltr">श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट के जरिए संसद के पिछले शीतकालीन सत्र की घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस वक्त पूरा विपक्ष 'एसआईआर' (SIR) और अन्य मुद्दों पर सदन के वेल में आकर निडरता से सरकार का विरोध कर रहा था, जिसमें टीएमसी सांसद सबसे आगे थे।</p>
<p dir="ltr">​मेहदी ने लिखा, "मैं वहां मौजूद था और मैंने एक प्रमुख मुस्लिम सांसद (जो टीएमसी से नहीं थे) को यूसुफ पठान पर चिल्लाते और उन्हें विरोध से हटने के लिए कहते हुए सुना। इसके बाद यूसुफ सच में वहां से हट गए और अपनी सीट पर लौट आए। मैंने उनके चेहरे का रंग बदलते देखा; वे लगभग कांप रहे थे।"</p>
<p dir="ltr">​<strong>'गुजरात में तुम्हारा घर गिरा देंगे'</strong></p>
<p dir="ltr">मेहदी के अनुसार, जब उन्होंने यूसुफ पठान के पास जाकर उनके डरने का कारण पूछा, तो पठान ने बताया कि उस सांसद ने उन्हें बीजेपी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन न करने की चेतावनी दी है। मेहदी के मुताबिक यूसुफ ने बताया कि उस नेता ने उनसे कहा था, "तुम्हें क्या हो गया है? तुम बीजेपी के खिलाफ विरोध क्यों कर रहे हो? खुद को दुश्मन क्यों बना रहे हो? वे गुजरात में तुम्हारा घर बुलडोजर से गिरा देंगे।"</p>
<p dir="ltr">​<strong>महुआ मोइत्रा ने लिया ओवैसी का नाम, पठान को बताया 'गद्दार'</strong></p>
<p dir="ltr">रुहुल्लाह मेहदी ने आगे बताया कि उस वक्त महुआ मोइत्रा ने यूसुफ को ढांढस बंधाया था और कहा था कि पूरी पार्टी उनके साथ खड़ी है, कोई उन्हें या उनके परिवार को छूने की हिम्मत नहीं करेगा। लेकिन अब यूसुफ के टीएमसी से बगावत करने पर मेहदी ने महुआ के लिए अफसोस जताते हुए लिखा कि 'उन्होंने (यूसुफ) आपकी पीठ में छुरा घोंपा है।'</p>
<p dir="ltr">​मेहदी की इसी पोस्ट का रिप्लाई करते हुए महुआ मोइत्रा ने उस नेता का नाम सार्वजनिक कर दिया। महुआ ने लिखा, "हां सर, याद है, वह असदुद्दीन ओवैसी थे जो यूसुफ पठान को चेतावनी दे रहे थे। कितने दुख की बात है कि मैंने एक ऐसे गद्दार के लिए लड़ाई लड़ी जिसमें कोई हिम्मत नहीं है। इससे अच्छा तो वह कमेंट्री ही कर रहे थे!"</p>
<p dir="ltr">​बता दें कि यूसुफ पठान हाल ही में टीएमसी के बागी गुट में शामिल हो गए हैं, जिसके बाद से पार्टी के नेता उन पर हमलावर हैं। फिलहाल, महुआ मोइत्रा और आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के इन गंभीर दावों पर यूसुफ पठान या असदुद्दीन ओवैसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 21:54:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET UG 2026 Re-Exam से पहले भारत में Telegram बैन, जानें WhatsApp पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई?</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा (Re-exam) से ठीक पहले भारत में टेलीग्राम (Telegram) ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम मुख्य रूप से पेपर लीक और नकल माफियाओं को रोकने के लिए उठाया गया है। वहीं, व्हाट्सएप (WhatsApp) को बैन नहीं किया गया है क्योंकि टेलीग्राम पर अपनी पहचान छिपाकर बड़े चैनल्स के जरिए संदिग्ध सामग्री और लीक पेपर शेयर करना बहुत आसान है, जबकि व्हाट्सएप के सख्त नियम इसे ट्रैक करना आसान बनाते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50293/telegram-banned-in-india-before-neet-ug-2026-re-exam-know"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/tnm_import_sites_default_files_telegram_100323_1200.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">​<strong>नई दिल्ली: </strong>मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा (Re-exam) से ठीक पहले एक बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए टेलीग्राम (Telegram) ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। देश भर में परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए साइबर सुरक्षा एजेंसियों और शिक्षा मंत्रालय की सिफारिश पर यह फैसला लिया गया है। हालांकि, इस फैसले के बाद हर किसी के मन में यह सवाल है कि संचार के सबसे बड़े माध्यम व्हाट्सएप (WhatsApp) को क्यों छोड़ दिया गया और केवल टेलीग्राम पर ही यह कार्रवाई क्यों हुई?</p>
<p dir="ltr">​<strong>टेलीग्राम पर ही क्यों गिरा गाज?</strong></p>
<p dir="ltr">टेलीग्राम हमेशा से अपने प्राइवेसी फीचर्स और क्लाउड-बेस्ड स्टोरेज के लिए लोकप्रिय रहा है, लेकिन यही फीचर्स हाल के समय में पेपर लीक करने वाले गिरोहों के लिए एक सुरक्षित पनाहगार बन गए हैं। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:</p>
<ol>
<li dir="ltr">​<strong>पहचान छिपाना आसान (Anonymity):</strong> टेलीग्राम पर कोई भी व्यक्ति अपना मोबाइल नंबर छिपाकर अकाउंट, ग्रुप या चैनल बना सकता है। इससे जांच एजेंसियों के लिए पेपर लीक के मुख्य आरोपी या एडमिन को ट्रैक करना लगभग असंभव हो जाता है।</li>
<li dir="ltr">​<strong>विशाल ग्रुप और चैनल्स:</strong> टेलीग्राम के चैनल्स में लाखों लोग एक साथ जुड़ सकते हैं। एक सिंगल क्लिक से लीक हुआ प्रश्न पत्र (Question Paper) चंद सेकंड में लाखों छात्रों तक पहुंच सकता है।</li>
<li dir="ltr">​<strong>एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और बॉट्स:</strong> इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद विभिन्न बॉट्स और फीचर्स अपराधियों को अपनी लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट छिपाने में मदद करते हैं।</li>
</ol>
<p dir="ltr">​<strong>व्हाट्सएप (WhatsApp) को क्यों नहीं किया गया बैन?</strong></p>
<p dir="ltr">टेलीग्राम के विपरीत व्हाट्सएप का इकोसिस्टम इस तरह की अवैध गतिविधियों को बड़े पैमाने पर फैलने से रोकता है:</p>
<ul>
<li dir="ltr">​<strong>मैसेज फॉरवर्डिंग की सीमा:</strong> अफवाहों और स्पैम को रोकने के लिए व्हाट्सएप ने 'फॉरवर्ड लिमिट' तय की हुई है। आप एक बार में किसी मैसेज को सिर्फ 5 चैट्स को ही फॉरवर्ड कर सकते हैं। इससे कोई भी पेपर रातों-रात लाखों लोगों तक आसानी से नहीं पहुंच सकता।</li>
<li dir="ltr">​<strong>नंबर ट्रैक करना आसान:</strong> व्हाट्सएप ग्रुप्स में हर सदस्य का मोबाइल नंबर दिखाई देता है। अगर कोई आपत्तिजनक सामग्री या लीक पेपर शेयर किया जाता है, तो साइबर सेल उस नंबर के जरिए आरोपी तक आसानी से पहुंच सकती है।</li>
<li dir="ltr">​<strong>छोटे ग्रुप साइज:</strong> व्हाट्सएप के ग्रुप्स की सदस्य सीमा टेलीग्राम चैनल्स के मुकाबले बेहद कम होती है।</li>
</ul>
<p dir="ltr">​<strong>परीक्षा की शुचिता सबसे बड़ी प्राथमिकता</strong></p>
<p dir="ltr">अधिकारियों का मानना है कि NEET UG जैसी बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण परीक्षा को नकल-मुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए इस तरह के सख्त कदम उठाना समय की मांग है। यद्यपि कई छात्र टेलीग्राम का इस्तेमाल स्टडी मटेरियल और नोट्स के लिए करते थे, लेकिन बड़े पैमाने पर हो रहे दुरुपयोग को देखते हुए इस प्लेटफॉर्म को अस्थायी रूप से ब्लॉक करना जरूरी समझा गया। प्रशासन ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 21:46:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rajya Sabha में बड़ा राजनीतिक उलटफेर: BJP दो-तिहाई बहुमत के बेहद करीब, TMC टूट से बदल सकता है समीकरण</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्यसभा में BJP नेतृत्व वाला NDA दो-तिहाई बहुमत से करीब 16 सीटें दूर बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार TMC में संभावित टूट से NDA को फायदा मिल सकता है, जिससे ऊपरी सदन में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50277/big-political-upheaval-in-rajya-sabha-bjp-very-close-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/70528ef33e0305d8eba751cad766f80917815066840311388_original.jpg" alt=""></a><br /><p>राज्यसभा की संख्या बल को लेकर एक बड़ा राजनीतिक बदलाव सामने आता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला NDA गठबंधन अब ऊपरी सदन में दो-तिहाई बहुमत (two-thirds majority) से सिर्फ 16 सीटें दूर रह गया है। यह बढ़त मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर संभावित टूट और असंतोष के कारण बताई जा रही है।</p>
<p><br />सूत्रों के मुताबिक, TMC के कई सांसदों में असंतोष और अलग गुट बनाने की चर्चाएं तेज हैं। अगर यह टूट पूरी तरह सामने आती है तो इसका सीधा फायदा NDA को मिल सकता है, जिससे वह राज्यसभा में संवैधानिक संशोधनों जैसी बड़ी विधायी प्रक्रिया के लिए मजबूत स्थिति में आ जाएगा।</p>
<p><br />राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करना बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसके जरिए सरकार को संविधान संशोधन और कई बड़े नीतिगत फैसलों में आसानी मिलती है। वर्तमान स्थिति में BJP की बढ़त विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के लिए चिंता का विषय बन सकती है।</p>
<p><br />हालांकि विपक्षी दलों का कहना है कि अभी किसी भी तरह की औपचारिक टूट या दल-बदल की पुष्टि नहीं हुई है और यह केवल राजनीतिक अटकलों का हिस्सा है। लेकिन संसद में चल रहे मौजूदा समीकरण बताते हैं कि आने वाले समय में ऊपरी सदन की राजनीति और ज्यादा दिलचस्प हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 16:58:07 +0530</pubDate>
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