<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/category/1267/mumbai" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Mumbai - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/category/1267/rss</link>
                <description>Mumbai RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हाई कोर्ट से राहत के बावजूद बांद्रा के गरीब नगर के 100 परिवारों का हाल बेहाल, अभी भी कर रहे नए घर का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित गरीब नगर (Garib Nagar) में झुग्गीवासियों को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत तो मिल गई है, लेकिन जमीन पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। रेलवे की डिमोलिशन कार्रवाई के बाद बेघर हुए करीब 100 परिवार अभी भी अपने पुनर्वास और नए आशियाने का इंतजार कर रहे हैं। अदालती आदेश के बावजूद प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण ये परिवार खुले आसमान के नीचे दयनीय स्थिति में जीने को मजबूर हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50317/despite-relief-from-the-high-court-the-condition-of-100"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/images---2026-06-17t163121.677.jpeg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित गरीब नगर (Garib Nagar) इलाके में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) का फैसला कागजों पर तो बड़ी राहत लेकर आया है, लेकिन हकीकत में उनकी जिंदगी में कोई सुधार नहीं हुआ है। रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के नाम पर हुई भारी तोड़फोड़ के बाद बेघर हुए करीब 100 पात्र परिवार अब भी अपने पुनर्वास (Rehabilitation) और पक्के घर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p dir="ltr">​<strong>अदालती आदेश का जमीन पर नहीं दिख रहा असर</strong></p>
<p dir="ltr">हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने गरीब नगर के उन परिवारों को राहत दी थी, जिनके घर सरकारी सर्वेक्षण (Survey) में पात्र पाए गए थे। कोर्ट ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया था कि इन पात्र परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था की जाए और इन्हें बेघर न छोड़ा जाए। हालांकि, इस आदेश के बावजूद प्रशासनिक मशीनरी की धीमी चाल के कारण इन परिवारों को अब तक उनके वादे के मुताबिक घर नहीं मिल पाए हैं। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उन्हें एक विभाग से दूसरे विभाग के चक्कर कटवाए जा रहे हैं और केवल खोखले आश्वासन मिल रहे हैं।</p>
<p dir="ltr">​<strong>खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवार</strong></p>
<p dir="ltr">पश्चिम रेलवे (Western Railway) द्वारा बड़े पैमाने पर चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद, इन परिवारों के घर या तो पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गए हैं या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ऐसे में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को टूटे हुए टीन-टप्पर, मलबे और प्लास्टिक की तिरपाल के नीचे दिन-रात गुजारने पड़ रहे हैं। बुनियादी सुविधाओं जैसे साफ पानी, शौचालय और सुरक्षित आश्रय के बिना इनका जीवन पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>प्रशासनिक तालमेल की कमी</strong></p>
<p dir="ltr">स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि रेलवे और नागरिक प्रशासन के बीच उचित तालमेल की कमी का सीधा खामियाजा इन गरीब परिवारों को उठाना पड़ रहा है। पुनर्वास प्रक्रिया में हो रही इस लगातार देरी ने अदालती राहत को बेमानी साबित कर दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन परिवारों की गुहार सुनने के बाद प्रशासन कब अपनी नींद से जागता है और इन्हें इनका हक और छत मुहैया कराता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50317/despite-relief-from-the-high-court-the-condition-of-100</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50317/despite-relief-from-the-high-court-the-condition-of-100</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 16:34:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/images---2026-06-17t163121.677.jpeg"                         length="52961"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में गहराया जल संकट: BMC ने स्विमिंग पूल और कंस्ट्रक्शन साइट्स का पानी रोका, कमर्शियल इस्तेमाल में 20% कटौती</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">मुंबई में गहराते जल संकट के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने एक कड़ा कदम उठाया है। शहर में पहले से लागू 10 प्रतिशत की पानी कटौती के साथ-साथ, अब बुधवार से स्विमिंग पूल और निर्माण स्थलों (Construction Sites) की जल आपूर्ति पूरी तरह से रोक दी गई है। इसके अलावा व्यावसायिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के पानी में भी 20 प्रतिशत की कटौती लागू कर दी गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50315/water-crisis-deepens-in-mumbai-bmc-stopped-water-from-swimming"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/swimming-pool-construction-maharashtra-500x500.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>मुंबई में पानी की कमी की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर को पीने का पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। इस जल संकट से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कड़े कदम उठाते हुए बुधवार से शहर के सभी स्विमिंग पूल और निर्माणाधीन कंस्ट्रक्शन साइट्स की जल आपूर्ति को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>व्यावसायिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर भी असर</strong></p>
<p dir="ltr">शहर में पानी की स्थिति की समीक्षा करने के लिए पालिका आयुक्त अश्विनी भिडे की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 15 मई से पूरे मुंबई में लागू 10 प्रतिशत पानी कटौती के अतिरिक्त, अब सभी औद्योगिक (Industrial) और व्यावसायिक (Commercial) प्रतिष्ठानों के लिए 20 प्रतिशत पानी की कटौती की जाएगी। राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग के निर्देशों के अनुसार, बीएमसी के जल इंजीनियरिंग विभाग ने इन नए प्रतिबंधों को लेकर आधिकारिक परिपत्रक भी जारी कर दिया है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>झीलों में बचा है सिर्फ 10.35% पानी</strong></p>
<p dir="ltr">महानगरपालिका के आंकड़ों के अनुसार, बारिश में देरी और बढ़ती गर्मी के कारण झीलों का जलस्तर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। 16 जून तक मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों में केवल 10.35 प्रतिशत ही उपयोगी जलसाठा शेष था। ऐसे में अगर मानसून और लेट होता है, तो मुंबईकरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>पानी बचाने की अपील</strong></p>
<p dir="ltr">बीएमसी प्रशासन ने शहर के नागरिकों और बड़े संस्थानों से पानी का बहुत सोच-समझकर और संयम से इस्तेमाल करने की अपील की है। लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे गैर-पीने योग्य कार्यों (जैसे गाड़ियां धोने, बागवानी या साफ-सफाई) के लिए पीने के पानी की बर्बादी न करें। बड़े संस्थानों से कहा गया है कि वे इन कार्यों के लिए ट्रीटेड सीवेज (Treated Sewage) या बोरवेल के पानी का ही उपयोग करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50315/water-crisis-deepens-in-mumbai-bmc-stopped-water-from-swimming</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50315/water-crisis-deepens-in-mumbai-bmc-stopped-water-from-swimming</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 16:32:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/swimming-pool-construction-maharashtra-500x500.jpg"                         length="22304"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में ऐप-आधारित कैब कंपनियों को टक्कर देने आ रही 'देवाभाऊ टैक्सी', 3,000 युवाओं को मिलेंगे परमिट</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">मुंबई और एमएमआर (MMR) क्षेत्र में ऐप-आधारित कैब कंपनियों की मनमानी और बढ़ते किराये (Surge Pricing) से आम जनता को राहत दिलाने के लिए जल्द ही सहकारिता के आधार पर 'देवाभाऊ सहकार टैक्सी' सेवा शुरू की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में 3,000 युवाओं को टैक्सी परमिट दिए जाएंगे, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और यात्रियों को किफायती सफर की सुविधा मिलेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50311/devabhau-taxi-is-coming-to-compete-with-app-based-cab-companies"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/images---2026-06-17t162240.627.jpeg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>मुंबई और एमएमआर (MMR) इलाके में सफर करने वाले यात्रियों और टैक्सी चालकों दोनों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। निजी ऐप-आधारित कैब कंपनियों द्वारा वसूले जाने वाले भारी कमीशन और मनमाने किराये से निजात दिलाने के लिए सरकार जल्द ही <strong>'देवाभाऊ सहकार टैक्सी'</strong> और <strong>'छावा टैक्सी'</strong> ऐप सेवा शुरू करने जा रही है।</p>
<p dir="ltr">​इस योजना का मुख्य उद्देश्य मुंबईकरों को सस्ता और सुरक्षित सफर मुहैया कराना और वाहन चालकों को बिना किसी कॉर्पोरेट कमीशन के उनकी मेहनत का सीधा मुनाफा पहुंचाना है।</p>
<h3 dir="ltr">​योजना के प्रमुख बिंदु और रोजगार के अवसर</h3>
<ul>
<li dir="ltr">​<strong>3,000 युवाओं को मिलेंगे परमिट:</strong> योजना के पहले चरण के तहत शुरुआत में कम से कम 3,000 युवाओं को टैक्सी उपलब्ध कराकर उन्हें 'देवाभाऊ टैक्सी सर्विस' के नाम से परमिट दिए जाएंगे।</li>
<li dir="ltr">​<strong>रोजगार का सृजन:</strong> इन 3,000 टैक्सियों के सड़क पर उतरने से अनुमान है कि 6,000 से 9,000 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।</li>
<li dir="ltr">​<strong>"हमारी टैक्सी, हमारा मालिकाना हक":</strong> इस योजना का मुख्य नारा यही रखा गया है, जिसका अर्थ है कि चालक अपनी गाड़ी के खुद मालिक होंगे और उन्हें किसी कंपनी को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा कमीशन के तौर पर नहीं देना होगा।</li>
<li dir="ltr">​<strong>'भारत टैक्सी' की तर्ज पर:</strong> दिल्ली में सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए सफल 'भारत टैक्सी' मॉडल की तर्ज पर ही महाराष्ट्र में यह नया सहकारी प्रयोग किया जा रहा है।</li>
</ul>
<h3 dir="ltr">​सरकार का समर्थन और वित्तीय सहायता</h3>
<p dir="ltr">​इस परियोजना को राज्य सरकार के शीर्ष स्तर से हरी झंडी मिल चुकी है। परिवहन विभाग द्वारा इसके लिए आवश्यक नीतियां और नियम तय किए जा चुके हैं।</p>
<p dir="ltr">​योजना के तहत पात्र युवाओं को सहकारी बैंकों के जरिए वाहन खरीदने के लिए आसान दरों पर लोन (Loan) मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा, लाभार्थियों पर ब्याज का बोझ कम करने के लिए अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम, ओबीसी निगम और अन्य राज्य विकास निगमों के माध्यम से ब्याज वापसी (Interest Reimbursement) की सब्सिडी भी दी जाएगी।</p>
<h3 dir="ltr">​एयरपोर्ट और होटलों के साथ गठजोड़ की तैयारी</h3>
<p dir="ltr">​इस नई टैक्सी सेवा को शुरुआत से ही मजबूती देने और चालकों को नियमित सवारियां सुनिश्चित करने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन, कई बड़ी संस्थाओं और पांच सितारा होटलों के साथ गठजोड़ (Tie-up) की बातचीत अंतिम चरण में है।</p>
<p dir="ltr">​जहां एक ओर इस योजना से हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है, वहीं विपक्षी दल इस योजना में सहकारी बैंकों के पैसे के इस्तेमाल और लोन आवंटन में पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, आम मुंबईकरों को अब इस बात का बेसब्री से इंतजार है कि यह सस्ती टैक्सी सेवा आधिकारिक रूप से सड़कों पर कब उतरेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50311/devabhau-taxi-is-coming-to-compete-with-app-based-cab-companies</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50311/devabhau-taxi-is-coming-to-compete-with-app-based-cab-companies</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 16:25:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/images---2026-06-17t162240.627.jpeg"                         length="66531"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धारावी पुनर्विकास परियोजना: 2028 तक बनकर तैयार हो जाएंगे पहले 10,000 घर, निवासियों को मिलेगी बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">मुंबई की बहुप्रतीक्षित धारावी पुनर्विकास परियोजना (Dharavi Redevelopment Project) को लेकर एक बड़ा और सकारात्मक अपडेट सामने आया है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत पहले 10,000 पक्के घर साल 2028 तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएंगे। इससे दशकों से झुग्गियों में रह रहे धारावी निवासियों के एक बेहतर आशियाने का सपना जल्द ही साकार होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50309/dharavi-redevelopment-project-will-be-ready-by-2028-first-10000"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/dharavi-project_0_1200.jpg.webp" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती मानी जाने वाली धारावी की तस्वीर अब जल्द ही बदलने वाली है। मुंबई की सबसे महत्वाकांक्षी 'धारावी पुनर्विकास परियोजना' (Dharavi Redevelopment Project - DRP) पर अब तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। इस मेगा प्रोजेक्ट से जुड़ी एक अहम रिपोर्ट के अनुसार, पुनर्विकास योजना के पहले चरण के तहत 10,000 घर साल 2028 तक बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे। यह खबर दशकों से तंग झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे धारावी वासियों के लिए एक बहुत बड़ी और सुकून देने वाली राहत लेकर आई है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>तेजी से चल रहा है निर्माण का ब्लूप्रिंट</strong></p>
<p dir="ltr">प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मास्टर प्लान के तहत बुनियादी ढांचे के विकास और निर्माण की व्यापक रूपरेखा तैयार की जा रही है। पहले चरण में बनने वाले इन 10,000 पक्के घरों में आधुनिक जीवन की सभी बुनियादी जरूरतें मौजूद होंगी। इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य केवल लोगों को पक्की छत देना ही नहीं है, बल्कि इस पूरे इलाके को एक व्यवस्थित, स्वच्छ और विश्व स्तरीय टाउनशिप में तब्दील करना है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>मिलेंगी ये विश्व स्तरीय सुविधाएं</strong></p>
<p dir="ltr">पुनर्विकास के बाद धारावी के इस नए स्वरूप में चौड़ी सड़कें, बेहतर ड्रेनेज और सीवेज सिस्टम, स्कूल, अस्पताल, पार्क और कम्युनिटी सेंटर जैसी बेहतरीन सुविधाएं शामिल होंगी। 2028 में इन पहले 10,000 घरों के पूरा होने के बाद पात्र (Eligible) निवासियों को उनके नए घरों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद प्रोजेक्ट के अन्य चरणों का काम और भी ज्यादा तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।</p>
<p dir="ltr">​<strong>मुंबई के विकास के लिए एक मील का पत्थर</strong></p>
<p dir="ltr">धारावी का पुनर्विकास मुंबई के समग्र विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक दांव-पेंच में उलझे इस प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से न सिर्फ स्थानीय लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि यह शहर के बीचों-बीच स्थित एक प्रमुख आर्थिक और व्यावसायिक केंद्र (Economic Hub) के रूप में भी नई पहचान बनाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50309/dharavi-redevelopment-project-will-be-ready-by-2028-first-10000</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50309/dharavi-redevelopment-project-will-be-ready-by-2028-first-10000</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 16:18:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/dharavi-project_0_1200.jpg.webp"                         length="148044"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        