दाऊदी बोहरा उत्तराधिकार मामले के फैसले पर विवाद, पूर्व न्यायमूर्ति गौतम पटेल को मिली धमकियों की निंदा

Controversy erupts over Dawoodi Bohra succession case verdict; former Justice Gautam Patel condemned for threats he received

दाऊदी बोहरा उत्तराधिकार मामले के फैसले पर विवाद, पूर्व न्यायमूर्ति गौतम पटेल को मिली धमकियों की निंदा

दाऊदी बोहरा उत्तराधिकार विवाद पर फैसले के बाद सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति गौतम पटेल को कथित धमकियां मिलने के मामले में बॉम्बे बार एसोसिएशन ने कड़ी निंदा की है। संगठन ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता और न्यायाधीशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। #JusticeGautamPatel #BombayBarAssociation #MumbaiNews #Judiciary #LegalNews #BreakingNews #MaharashtraNews #CourtNews

 

दाऊदी बोहरा समुदाय से जुड़े उत्तराधिकार विवाद पर दिए गए न्यायिक फैसले के बाद सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति गौतम पटेल को कथित धमकियां मिलने का मामला सामने आया है। इस घटना पर **** ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए धमकियों की निंदा की है और न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा पर जोर दिया है।

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बार एसोसिएशन ने जारी बयान में कहा कि किसी भी न्यायाधीश को उनके न्यायिक कार्य और फैसलों के कारण धमकाना कानून के शासन तथा न्याय व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। संगठन ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों को बिना किसी दबाव, भय या बाहरी हस्तक्षेप के अपना कर्तव्य निभाने का अधिकार है।

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मामला दाऊदी बोहरा समुदाय में उत्तराधिकार से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद से संबंधित बताया जा रहा है। फैसले के बाद कुछ वर्गों में असंतोष की खबरें सामने आईं, जिसके बाद कथित तौर पर पूर्व न्यायमूर्ति गौतम पटेल के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां और धमकियां दी गईं।

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बार एसोसिएशन ने संबंधित एजेंसियों से मामले की गंभीरता से जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि न्यायपालिका के सदस्यों की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है।

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कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालतों के फैसलों से असहमति होने पर उपलब्ध कानूनी उपायों का सहारा लिया जा सकता है, लेकिन किसी न्यायाधीश को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना या धमकी देना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने न्यायिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

फिलहाल मामले को लेकर कानूनी समुदाय और विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जांच एजेंसियों द्वारा घटना की परिस्थितियों की समीक्षा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

 

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