वसई में पुलिसकर्मियों ने हत्या आरोपी को भगाने में की मदद? Google Pay से ₹45 हजार रिश्वत लेने का आरोप, 3 कॉन्स्टेबल गिरफ्तार
Three Vasai Policemen Arrested After Allegedly Accepting ₹45,000 Via Google Pay To Help Murder Accused Escape From Court Custody
वसई कोर्ट से हत्या आरोपी को भगाने के आरोप में 3 पुलिसकर्मी गिरफ्तार। Google Pay से ₹45 हजार रिश्वत लेने का खुलासा।
मुंबई के पास वसई में महाराष्ट्र पुलिस की छवि को झटका देने वाला चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हत्या के आरोपी को कोर्ट परिसर से फरार कराने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपी को भगाने के बदले पुलिसकर्मियों ने Google Pay के जरिए ₹45 हजार की रिश्वत ली थी।
गिरफ्तार पुलिसकर्मियों की पहचान एकनाथ तलपड़े, प्रशांत राठौड़ और वसीम शेख के रूप में हुई है। आरोप है कि इन तीनों ने हत्या के आरोपी विनोद सोनी को कोर्ट ले जाते समय जानबूझकर मदद की ताकि वह पुलिस हिरासत से भाग सके।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी और उसके परिवार ने रिश्वत की रकम नकद देने के बजाय Google Pay के जरिए किस्तों में ट्रांसफर की थी। बताया जा रहा है कि ₹5-5 हजार के कई ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल ₹45 हजार भेजे गए।
घटना उस समय हुई जब हत्या के आरोपी विनोद सोनी को वसई कोर्ट परिसर में लाया गया था। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने आरोपी की हथकड़ियां ढीली कर दीं। इसके बाद आरोपी ने शौच जाने का बहाना बनाया और मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी की पत्नी साक्षी सोनी और बेटे अतुल सोनी को भी गिरफ्तार किया है। उन पर फरारी की साजिश में शामिल होने और रिश्वत व्यवस्था करने का आरोप है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरार आरोपी करीब 16 साल पुराने हत्या मामले में वांछित था। क्राइम ब्रांच की टीम ने लंबे समय की जांच और मेहनत के बाद उसे मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया था। लेकिन कोर्ट परिसर से उसके भाग जाने के बाद पुलिस विभाग में भारी नाराजगी है।
वसई पुलिस ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही फरार आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस CCTV फुटेज और डिजिटल ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि अगर आरोपी पुलिस सुरक्षा में भी सुरक्षित नहीं रखा जा सकता, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।


