ईरान की धरती पर हिजाब के खिलाफ महिला क्रांति और तेज, प्रदर्शनों में अब तक 9 की मौत...!

Women's revolution against hijab intensified on Iranian soil, 9 killed in demonstrations so far...!

ईरान की धरती पर हिजाब के खिलाफ महिला क्रांति और तेज, प्रदर्शनों में अब तक 9 की मौत...!

ईरान की धरती इस वक्त हिजाब के विरोध में जल रही है। महिला क्रांति और तेज हो गई है। पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब खूनी रंग ले चुका है। हिजाब पहनने के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है।

ईरान : ईरान की धरती इस वक्त हिजाब के विरोध में जल रही है। महिला क्रांति और तेज हो गई है। पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब खूनी रंग ले चुका है। हिजाब पहनने के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है।

इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के प्रयोग पर पाबंदी लगा दी गई है। कई शहरों में उग्र प्रदर्शन चल रहा है। सुरक्षा और अर्धसैनिक बलों की भी बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। 1979 के बाद ईरान में इस्लामिक क्रांति का आगाज हुआ था और महिलाओं के लिए खुलेपन पर पाबंदियां शुरू हुई।

आज महिलाओं को घर से बाहर निकलने पर हिजाब पहनना अनिवार्य है। यह पाबंदी 9 साल की उम्र वाली लड़की के साथ लागू है। बीते दिनों हिजाब न पहनकर सार्वजनिक स्थान में घूमते हुए पकड़ी गई 22 साल की महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी।

अमीनी की मौत की अमेरिकी, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र ने कड़ी निंदा की थी। हालांकि पुलिस ने बचाव में कहा था कि अमीनी की दिल का दौरा पड़ने के कारण मौत हुई। उसके साथ ज्यादती नहीं की गई लेकिन, परिवारवालों ने आरोप लगाया कि अमीनी की मौत पुलिसकर्मियों की पिटाई के बाद हुई है।

इस घटना के बाद पूरे ईरान में नई क्रांति ने जन्म लिया और आज 70 फीसदी महिलाएं सोशल मीडिया के जरिए हिजाब का विरोध कर रही हैं। इस विरोध प्रदर्शन में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान के लगभग सभी हिस्सों में महिलाएं इस वक्त हिजाब पहनने के खिलाफ लामबंद हैं। सोशल मीडिया के जरिए तरह-तरह के वीडियो जारी करते हुए हिजाब के खिलाफ पोस्ट कर रहे हैं।

नो टू हिजाब नाम से सोशल मीडिया पर ट्रेंड चल रहा है। बता दें कि अफगानिस्तान के बाद ईरान दुनिया का दूसरा देश है जहां महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थान पर हिजाब पहनना अनिवार्य है। ईरान में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए बाकायदा अलग से पुलिसिंग व्यवस्था भी है जिसका काम सिर्फ यही देखना होता है कि नियम सही तरीके से चल रहे हैं या नहीं। अगर नहीं तो उन महिलाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाती है। 

ईरान में हिजाब के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन पर भी सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। देश के सभी समाचार पत्र और न्यूज चैनल सरकार के नियंत्रण में है। सरकार के खिलाफ छापने वाले पत्रकारों को गिरफ्तार किया जा रहा है। ईरानी सेना ने गुरुवार को न्यायपालिका से सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें और अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आग्रह किया है। कुल मिलाकर सरकार प्रदर्शन को रोकने के लिए दमनकारी नीति पर उतर आई है।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकार के आदेश पर सेना और पुलिस बल ने सख्त रुख अपनाया है। विरोध प्रदर्शन करने वालों पर लाठी-डंडों और आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट है कि इस घनटा में कम से कम आठ लोग मारे गए हैं, जिनमें एक महिला और 16 वर्षीय लड़का शामिल है, जबकि दर्जनों घायल और गिरफ्तार किए गए हैं।

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